भागलपुर, जेएनएन। जिले में कोरोना वायरस के संक्रमितों की संख्‍या दिन प्रतिदिन बढ़ती जा रही है। लोग दहशत में हैं। जिले में छह सौ से ज्‍यादा कोरोना संक्रमितों की संख्‍या है। हालांकि उपचार के बाद लगभग चार सौ मरीज स्‍वस्‍थ हो गए हैं। तिमांविवि के एक अधिकारी भी कोरोना संक्रमित हुए हैं।

शनिवार को फिर कोरोना का विस्फोट हुआ है। इनमें मायागंज अस्पताल की नर्स की रिश्तेदार, सुपरवाइजर, सदर अस्पताल की कर्मचारी की पत्‍नी सहित शहर में छह कोरोना मरीज मिले हैं। इसके अलावा विभिन्न प्रखंडों में 14 नए मरीज कोरोना पॉजिटिव हुए। कुल 20 लोग कोरोना से संक्रमित हुए हैं। वहीं, 32 लोगों ने कोरोना पर विजय भी पाई है। शनिवार को मिली जांच रिपोर्ट के मुताबिक मायागंज का सुपरवाइजर कोरोना संक्रमित हो गया है। वहीं एक नर्स की रिश्तेदार की पुत्री भी कोरोना संक्रमित हुई है। पूर्व में पांच नर्स और एक डॉक्टर कोरोना से संक्रमित हो चुके हैं।

जमालपुर से आई मरीज को नहीं किया भर्ती

रेलवे अस्पताल जमालपुर से रेफर होकर मायागंज अस्पताल आई महिला मरीज को भर्ती नहीं किया गया। उसकी सांस तेज चल रही थी। 50 वर्षीय महिला को एंबुलेंस से शाम करीब चार बजे मायागंज अस्पताल लाया गया। डॉक्टरों ने भर्ती करने से मना कर दिया। डॉक्टरों ने कहा कि पहले कोरोना की जांच कराओ फिर भर्ती किया जाएगा। उन्होंने कहा कि अगर मरीज पॉजिटिव होती है तो मुंगेर में ही इलाज किया जाएगा। सरिता देवी के साथ उसका नाती रोहण आया था जो सरकारी कर्मचारी है। रोहण ने कहा कि जांच के लिए मायागंज के अलावा सदर अस्पताल भी गए लेकिन किसी ने जांच नहीं की।

99 की जांच, 11 में कोरोना के लक्षण

कोरोना संक्रमण की जांच के लिए मायागंज और सदर अस्पताल में शनिवार को कुल 99 लोगों के सैंपल लिए गए थे। सदर अस्पताल में 53 सैंपल लिए गए। इनमें 11 लोगों में कोरोना के लक्षण मिले हैं। सैंपल देने वालों में नर्स समेत शहर के कई लोग शामिल हैं। इसके अलावा मायागंज अस्पताल में 45 लोगों के सैंपल लिए गए।

परिवार के सदस्यों का सैंपल लिया

गुरुवार को गौशाला रोड निवासी की मौत के बाद लिए गए सैंपल में कोरोना पॉजिटिव पाया गया। शनिवार को मृतक के परिवार के सदस्यों के भी सैंपल लिए गए। इसमें उसके पिता, पत्‍नी और तीन वर्ष का बेटा भी शामिल है। हालांकि जिन मजदूरों ने शव को वाहन पर रखा था और वाहन चालक के सैंपल नहीं लिए गए।

32 लोगों ने कोरोना को हराया

शिक्षण प्रशिक्षण महाविद्यालय के कोविड सेंटर में भर्ती 32 लोगों को छुट्टी दी गई। डॉ. अमित कुमार शर्मा ने कहा कि एक सप्ताह पहले कोरोना संक्रमित होने पर कोविड सेंटर में भर्ती किया गया था। उन्हें 14 दिनों तक घरों में रहने की सलाह दी गई। घर जाने वाले लोगों ने कहा कि डॉक्टर द्वारा समय पर दवा दी जाती थी। जिन लोगों को छुट्टी दी गई उनमें नवगछिया के 22 समेत अन्य प्रखंडों के लोग शामिल हैं। शहरी क्षेत्र के तीन लोग शामिल हैं। डॉक्टर समेत स्वास्थ्य कर्मचारियों ने ताली बजाकर उन्हें विदाई दी।

Posted By: Dilip Shukla

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