जागरण संवाददाता, भागलपुर। कोरोना के बढ़ते मामले को देखते हुए रेलवे भी पूरी तरह अलर्ट हो गया है। ट्रेन से भागलपुर से पश्चिम बंगाल जाने वाले यात्रियों को कोरोना की आरटीपीसीआर की निगेटिव जांच रिपोर्ट भी साथ रखना होगा। ट्रेन में सफर करने के तीन दिन के अंदर का ही रिपोर्ट मान्य होगा। इससे ज्यादा दिन का पुराना टेस्ट रिपोर्ट मान्य नहीं होगा। गुरुवार की रात पश्चिम बंगाल सरकार ने लंबी दूरी की ट्रेनों के लिए मानक संचालक (एसओपी) सख्ती से पालन करने को कहा है। इसके बाद पूर्व रेल मुख्यालय ने इस संबंध में नोटिफिकेशन जारी किया है। रिपोर्ट निगेटिव होने के बाद भी यात्री पश्चिम बंगाल पहुंचने के बाद सरकार की ओर से स्वास्थ कर्मी सात दिनों तक घरों में सेल्फ मॉनिटर करेंगे। इस दौरान किसी को बुखार, कफ, श्वांस लेने में दिक्कत होती है, तो नजदीकी स्वास्थ्य संस्थान के संपर्क करेंगे।

सफर के दौरान मास्क पहनने और शारीरिक दूरी पालन करने की अपील

सभी यात्रियों से पूर्व रेलवे ने अनुरोध किया है कि वे यात्रा के दौरान और रेलवे स्टेशनों पर ठीक से मास्क पहनें। यात्रियों को रेलवे परिसर में उचित शारीरिक दूरी बनाकर रखें। नए नियम से सिल्क सिटी के अलावा पूर्व बिहार के यात्रियों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ेगा। दरअसल, भागलपुर में कोरोना की आरटीपीसीआर रिपोर्ट मिलने में लोगों को सप्ताह भर लग जा रहा है। नए नियम के बाद हावड़ा जाने वाले यात्रियों की संख्या में कमी आएगी। ट्रेनों की सीटें भी खाली रहेंगी।

हावड़ा के लिए दो और बंगाल के लिए चल पांच ट्रेनें

भागलपुर से हावड़ा जंक्शन के लिए जमालपुर- हावड़ा, गया हावड़ा का परिचालन स्पेशल के रूप में प्रत्येक दिन हो रहा है। जबकि पश्चिम बंगाल के मालदा टाउन, जलपाईगुड़ी के लिए ट्रेन ट्रेन में चल रही है। बीते तीन सप्ताह से कोरोना का मामला बढ़ने के बाद इन ट्रेनों में यात्रियों की संख्या में काफी कमी आई है। पहले जहां ऊपर स्पेशल और गया हावड़ा में यात्रियों को आरक्षण मिलना मुश्किल होता था, वहीं अभी इन दोनों ट्रेनों में आरक्षण आसानी से उपलब्ध हो रहा है। ब्रह्मपुत्र मेल और मालदा टाउन किऊल इंटरसिटी का परिचालन हर दिन होता है। वहीं, मालदा टाउन के रास्ते  लोकमान्य तिलक-गुवाहाटी एक्सप्रेस स्पेशल बनकर सप्ताह में एक दिन चलती है।