संवाद सूत्र, सुल्तानगंज (भागलपुर)। राज्य सरकार ने कोरोना संक्रमण को देखते हुए बेशक मंदिरों में पूजा-अर्चना और गंगा स्नान पर प्रतिबंध लगा दिया हो, लेकिन उन्हीं के मंत्री अब उसके निर्णय को पलीता लगा रहे हैं। सुल्तानगंज में सोमवार को राज्य की परिवहन मंत्री शीला कुमारी ने निर्देशों की हवा निकालते हुए न सिर्फ गंगा में डुबकी लगाई, बल्कि बाबा अजगबीनाथ की पूजा-अर्चना कर सरकार की सलामती की मन्नत मांगी। आश्चर्य की बात तो यह है कि मंत्री की आव-भगत में पूरी पुलिस और प्रशासनिक अमला शामिल रहा।

राज्य सरकार के आदेश पर जिला प्रशासन और नगर परिषद ने मंदिर में आमजन के प्रवेश, गंगा स्नान और पूजा-अर्चना पर पूर्णत: प्रतिबंध लगा दिया है। सावन की दूसरी सोमवारी होने के कारण सुबह से यहां श्रद्धालुओं का आना शुरू हो गया था, लेकिन पुलिस प्रशासन ने किसी को भी गंगा स्नान नहीं करने दिया। इस बीच सोमवार दोपहर बाद प्रशासनिक महकमा सजग हो गया और गंगा घाट पर मंत्री के स्नान के लिए बैरीकेडिंग की गई। साथ ही अस्थाई चेंजिंग रूम तैयार किया गया। इसके अलावा गंगा घाट पर बड़ी संख्या में पुलिस बल की तैनाती की गई, ताकि मंत्री को कोई परेशानी न हो। दोपहर बाद मंत्री शीला कुमारी का काफिला घाट पर पहुंचा तो बैरीकेडिंग हटा दी गई। इसके बाद मंत्री और उनके स्वजन घाट पर पहुंचे।

उन्होंने गंगा स्नान किया और बाबा अजगबीनाथ की पूजा की। इतना ही नहीं उनलोगों ने नौका विहार भी किया। लगभग डेढ़ घंटे तक मंदिर प्रांगण में रहने के बाद मंत्री जब मीडियाकॢमयों से मुखातिब हुईं तो उन्होंने कहा कि सावन के दूसरे सोमवार पर उन्होंने मंदिर में पूजा अर्चना की। उन्होंने बाबा से बिहार में सरकार बनी रहे यही मन्नत मांगी है। हालांकि तुरंत ही मंत्री ने अपना बयान बदल लिया। जब पत्रकारों ने पूछा कि कोविड-19 के कारण मंदिर में प्रवेश बंद है और गंगा स्नान भी वॢजत है तो मंत्री ने कहा कि हम लोगों ने गंगा स्नान किया ही नहीं, हम लोगों ने महज गंगाजल का छींटा लिया और मंदिर से बाहर निकल गए, जबकि जब वह गंगा स्नान के लिए दाखिल हुईं तो उनके निजी सहायक ने कपड़ों से भरा ट्राली बैग लाकर उन्हें दिया। इस दौरान मीडियाकर्मियों पर भी प्रतिबंध लगा दिया गया था। मौके पर थाना प्रभारी लाल बहादुर, अंचलाधिकारी शंभु शरण रॉय, बीडीओ मनोज कुमार मुर्मू, शंभुगंज बीडीओ प्रभात रंजन सहित काफी संख्या में प्रशासनिक और पुलिसकर्मी मौजूद थे।

हमलोगों ने प्रोटोकाल का पालन किया। सभी ने मास्क लगाया हुआ था। नियम सभी के लिए बराबर है। हमलोगों ने स्नान नहीं किया, बल्कि जल छींटकर केवल कपड़े बदले। बंद मंदिर के बाहर ही पूजा-अर्चना की। - शीला कुमारी, मंत्री, परिवहन विभाग, बिहार सरकार

राज्य की परिवहन मंत्री शीला कुमारी का सुल्तानगंज आगमन हुआ था। इस दौरान उन्होंने गंगा स्नान की इच्छा जताई, जिसके बाद उन्हें प्रोटोकाल के तहत गंगा स्नान के लिए लाया गया। - शंभू शरण राय, अंचलाधिकारी सुल्तानगंज

सरकार के निर्देश के आलोक में मंदिर, पुल सहित गंगा घाटों पर बैरीकेडिंग की गई है। जगह-जगह बैनर पोस्टर लगाकर मंदिर बंद होने की सूचना आमजन को दे दी गई है। - अभिनव कुमार, नगर कार्यपालक पदाधिकारी, सुल्तानगंज

Edited By: Dilip Kumar Shukla