भागलपुर। मतदान के एक दिन पहले बांका में इंटरसिटी एक्सप्रेस को पलटाने की साजिश को ग्रामीणों ने नाकाम कर दिया। दहशतगर्दो ने बुधवार सुबह में बांका-मुड़हरा स्टेशन के बीच 100 फीट तक ट्रैक से 96 पेंड्रॉल क्लिप खोल दिया था। ग्रामीणों की सूचना पर रेलवे ने दो घंटे के अंदर सभी पेंड्रॉल क्लिप लगाकर गाड़ियों का परिचालन शुरू कराया गया। मामले में भागलपुर रेल थाना में अज्ञात पर मुकदमा दर्ज किया गया है। ट्रेन में गुरुवार को बांका होने वाले मतदान को संपन्न कराने के लिए सैकड़ों की संख्या में जवान सवार थे।

दरअसल, सुबह 6.20 बजे ग्रामीण एमपी यादव और अन्य ने रेल ट्रैक पर दर्जनों पैंड्रॉल क्लिप फेंका देखा। इसकी सूचना उन्होंने मुड़हरा स्टेशन को दी। मुड़हरा स्टेशन ने यह जानकारी बांका एसएस को दी। इस बीच राजेंद्रनगर टर्मिनल से आ रही 13242 डाउन इंटरसिटी एक्सप्रेस को मुड़हरा स्टेशन पर रोक दिया गया। बांका से गैंग मैन और ट्रैक मैन पहुंचे। दोनों ने जांच की तो होश उड़ गए। पीडब्ल्यूआइ केके सिंह ने बताया कि दो घंटे के अंदर 96 पेंड्रॉल क्लिप को लगा दिए गए। वहीं, मुड़हरा स्टेशन अधीक्षक संजीव स्नातक ने बताया कि पटरी ठीक होने के बाद ट्रेन का परिचालन शुरू करा दिया गया। इधर, घटना के बाद भागलपुर आरपीएफ जांच करने पहुंची। रेल एसपी ने इस घटना के पीछे नक्सली और शरारती तत्वों का हाथ बताया है। कहीं नक्सलियों के निशाने पर ट्रेन में सवार जवान तो नहीं

रेल ट्रैक से एक साथ 96 पेंड्रॉल क्लिप खोले जाने की घटना ने पूरे महकमे को हिला कर रख दिया है। इस घटना के बाद रेल प्रशासन काफी गंभीर है। चुनाव के एक दिन पहले हुई घटना ने नक्सली साजिश से भी इन्कार नहीं किया जा सकता था बांका-मुड़हरा सेक्शन पर क्लिप खोले गए थे। कुछ ही देर बार इसी पटरी से राजेंद्रनगर-बांका इंटरसीटी बांका स्टेशन पहुंचने वाली थी। ट्रेन में सैकड़ों की संख्या में जवान सवार थे। सभी जवानों की ड्यूटी गुरुवार को बांका में होने वाले चुनाव में लगाई गई थी। ट्रेन दुर्घटना होती तो आज बांका एक बड़े रेल हादसे का गवाह बन जाता। हालांकि पुलिस अभी पूरी तरह आश्वस्त नहीं है कि पेंड्रॉल क्लिप खोलने की घटना को नक्सलियों ने ही अंजाम दिया है। वहीं, असामाजिक तत्वों पर भी रेल पुलिस ने शक जाहिर की है।

रेल ट्रैक में आता फैलाव, पलट जाती ट्रेन

पेंड्रॉल क्लिप खोले जाने के बाद अगर ट्रेन 30 की रफ्तार में भी रहती तो ट्रेन पटरी से उतर जाती। जानकारों का कहना है कि जहां पर क्लिप खुला हुआ था, वहां से ट्रेन गुजरती तो दो तरफ से पटरी में फैलाव आ जाता और ट्रेन दुर्घटनाग्रस्त हो जाती। पेंड्रॉल क्लिप का काम दोनों तरफ से पटरियों को बांधने रखने का होता है। पटरियों में फैलाव न हो इसके लिए ही क्लिप का इस्तेमाल होता है।

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इससे पहले 40 क्लिप खोला गया, 96 का बना रिकार्ड

मुड़हरा के पास पेंड्रॉल क्लिप खोले जाने की घटना को पहली घटना नहीं है। इससे पहले भी नक्सल प्रभावित रेल सेक्शन पर पेंड्रॉल क्लिप खोली जा चुकी है। भागलपुर-जमालपुर रेल सेक्शन के रतनपुर के पास 26 जनवरी 2016 की सुबह दो दर्जन पेंड्रोल क्लिप नक्सलियों ने खोली थी। वहीं, धरहरा और सुरंग के पास भी 20 पेंड्रॉल क्लिप खोले गए थे। वर्ष 2017 में अकबरनगर-सुल्तानगंज के बीच अप और डाउन लाइन में 24 क्लिप को असमाजिक तत्वों ने खोला था। वहीं, तीन सितंबर 2018 को भी बरियापुर में पेंड्रॉल क्लिप खोलने की शिकायत मिली थी। अभी तक ज्यादातर 40 पेंड्रॉल क्लिप खोलने की घटना हुई थी। पर, बुधवार को एक साथ 96 पेंड्रॉल क्लिप खोले जाने की घटना ने नया रिकार्ड बनाया है।

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ग्रामीण नहीं दिखाई होती तत्परता तो होता बड़ा हादसा

ग्रामीण एमपी यादव ने तत्परता दिखाते हुए आज बांका सेक्शन पर बड़ा रेल हादसा टाल दिया। इनकी नजर खुले पेंड्रॉल क्लिप पर नहीं पड़ती तो बांका इंटरसिटी एक्सप्रेस को दुर्घटनाग्रस्त होने से नहीं रोका जा सकता था। इंटरसिटी पहले से ही करीब एक घंटे विलंब से चल रही थी। भागलपुर से इंटरसिटी सुबह 5.40 बजे खुली थी।

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कोट

रेल ट्रैक से पेंड्रॉल क्लिप खुलने का मामला दर्ज किया गया है। इसके पीछे असामाजिक तत्व या नक्सलियों का भी हाथ हो सकता है। जांच चल रही है।

-आमिर जावेद, रेल एसपी, जमालपुर।

Posted By: Jagran

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