पूर्णिया (राजीव कुमार)। सूबे में बढ़ती आपराधिक घटनाओं की सीएम नीतीश कुमार बुधवार को पटना में समीक्षा करेंगे। इस समीक्षा बैठक में सूबे के सभी पुलिस महानिरीक्षक एवं पुलिस उपमहानिरीक्षक मौजूद रहेंगे। समीक्षा बैठक के दौरान सभी जिलों के पुलिस अधीक्षकों को वीडियो कान्फ्र¨सग में मौजूद रहने को कहा गया है ताकि जिले में बढ़ती घटनाओं के संबंध में सीएम सीधे उनसे जानकारी ले सकें। इस समीक्षा बैठक में पूर्णिया प्रमंडल के सभी चारों जिलों में पूर्णिया, कटिहार किशनगंज एवं अररिया जिले में भी हाल के महीनों में बढ़ते गंभीर अपराध की समीक्षा की जाएगी। समीक्षा बैठक में भाग लेने के लिए पूर्णिया के पुलिस उपमहानिरीक्षक सौरव कुमार पटना रवाना हो गए हैं। पूर्णिया प्रमंडल के सभी चारों जिलों में हाल के महीनों में गंभीर अपराध की घटनाओं में वृद्धि हुई है। पुलिस की फाइलों में दर्ज आंकड़े भी इस बात की गवाही दे रहे हैं कि 2017 की अपेक्षा कई गंभीर मामलों में वृद्धि हुई है। पूर्णिया प्रमंडल में मई 2018 में लूट एवं चोरी की घटनाओं में काफी वृद्धि हुई है। वहीं जून 2018 में हत्या डकैती, लूट, चोरी एवं दुष्कर्म की घटनाओं में वृद्धि देखी गयी है। जुलाई 2018 एवं अगस्त 2018 में भी हत्या एवं लूट की घटनाओं में भी वृद्धि दर्ज की गयी है। वहीं 2017 में प्रमंडल के जिलों में घटी गंभीर घटनाओं में 2018 में अब तक 28 फीसद की बढ़ोतरी दर्ज की गयी है। दुष्कर्म की घटनाओं में तो चालीस फीसद तक की वृद्धि दर्ज की गयी है। वहीं सूबे में शराबबंदी अभियान लागू होने के बाद पुलिस की पकड़ शराब कारोबारियों पर ढीली पड़ी है। प्रमंडल में सबसे खराब स्थिति पूर्णिया जिले की है। यहां 2017 में जितनी बड़ी मात्रा में शराब एवं शराबी 2017 एवं 2018 के शुरूआती माह में पकड़े गए उसमें अचानक ठहराव आ गया है। शराब जब्ती के मामले में साठ फीसद तक की कमी आई है। बताया जाता है कि सीएम की समीक्षा बैठक के दौरान पूर्णिया प्रमंडल में बढ़ते अपराध एवं शराब कारोबारियों पर पुलिस का ढीला होता शिकंजा मुख्य मुद्दा बन सकता है।

Posted By: Jagran