कौनो दिक्कत तो नय छै? भागलपुर राहत शिविर में CM सम्राट चौधरी का अंगिका अंदाज, बच्ची से पूछा- मन लगै छै कि नैय
Bhagalpur Flood Relief Camp CM Samrat Choudhary: मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने भागलपुर के बरारी स्थित बाढ़ राहत शिविर का दौरा ...और पढ़ें

Bhagalpur Flood Relief Camp CM Samrat Choudhary: भागलपुर पॉलिटेक्निक कॉलेज में बाढ़ पीड़ितों से मिले CM सम्राट चौधरी; अंगिका में पूछा हाल- 'कौनो दिक्कत तो नय छै'
HighLights
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने भागलपुर बाढ़ राहत शिविर का स्थलीय निरीक्षण किया।
उन्होंने अंगिका बोली में पीड़ितों से सीधा और आत्मीय संवाद किया।
बाढ़ पीड़ितों ने सरकार से स्थायी तटबंधीय समाधान की मांग की।
जागरण संवाददाता, भागलपुर। Bhagalpur Flood Relief Camp CM Samrat Choudhary: बरारी स्थित राजकीय पॉलिटेक्निक कॉलेज में संचालित बाढ़ राहत शिविर में बुधवार को उस वक्त आत्मीय और भावुक माहौल देखने को मिला, जब बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी पूरी तरह स्थानीय गंवई अंदाज में बाढ़ पीड़ितों के बीच पहुंच गए। शिविर परिसर में प्रवेश करते ही मुख्यमंत्री ने सबसे पहले हाथ जोड़कर सभी बुजुर्गों और नागरिकों को प्रणाम किया।
इसके बाद उन्होंने अपनी मिट्टी की बोली अंगिका में सीधा संवाद शुरू कर दिया। सत्ता के शीर्ष पर बैठे मुख्यमंत्री के मुंह से अपनी ही क्षेत्रीय भाषा सुनकर शिविर में विस्थापित परिवारों के चेहरे पर सहज मुस्कान बिखर गई। मुख्यमंत्री ने शिविर में शरण लिए बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों के बीच बैठकर भोजन, पेयजल और स्वास्थ्य सुविधाओं की विस्तृत जानकारी ली। उन्होंने पास बैठी शिवानी सहित दो नन्हीं बच्चियों के सिर पर हाथ फेरते हुए पूछा— ‘कौनो दिक्कत तो नय छै? मन लगै छै? खाना-पीना ठीक से मिलै छै?’
बच्चियों ने मुस्कुराते हुए शिविर की व्यवस्थाओं को संतोषजनक बताया। इसके बाद मुख्यमंत्री ने बुजुर्गों के बीच जाकर पूछा कि उन्हें समय पर पौष्टिक भोजन मिल रहा है या नहीं। बुजुर्गों ने भोजन और प्रशासनिक प्रबंधों पर संतोष जताया। मुख्यमंत्री ने मौके पर मौजूद प्रशासनिक अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि शिविर में रह रहे हर व्यक्ति की चिकित्सा, सुरक्षा और सुविधाओं में कोई कोताही न बरती जाए।
'मनोज जी, खाना ठीक छै न?' पीड़ितों ने रखी स्थायी समाधान की मांग
निरीक्षण के क्रम में मुख्यमंत्री शहजादपुर पंचायत निवासी मनोज कुमार के पास पहुंचे और सहज भाव से पूछा— ‘मनोज जी, खाना ठीक छै न?’ मनोज ने जवाब दिया— ‘हां सर, खाना ठीक छै।’ इसके बाद उन्होंने क्षेत्र की स्थायी पीड़ा रखते हुए कहा कि हर साल आने वाली बाढ़ से पूरा इलाका तबाह हो जाता है। लोग बेघर होकर शिविरों में शरण लेने को मजबूर होते हैं। सरकार को इसका कोई स्थायी तटबंधीय या तकनीकी समाधान निकालना चाहिए, जिससे बार-बार विस्थापन का यह दंश न झेलना पड़े।
बरारी स्थित राजकीय पॉलिटेक्निक कॉलेज में संचालित बाढ़ राहत शिविर का मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने किया स्थलीय निरीक्षण
अंगिका बोली में शुरू किया आत्मीय संवाद; शिवानी सहित नन्हे बच्चों और बुजुर्गों से पूछा- 'कौनो दिक्कत तो नय छै, मन लगै छै?'
शहजादपुर के मनोज कुमार सहित पीड़ितों ने हर साल आने वाली प्रलयंकारी बाढ़ का स्थायी समाधान निकालने की उठाई मांग
कला एवं संस्कृति विभाग द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन; गायक अर्पित चौधरी और लाल बाबू के गीतों पर झूमे लोग
वहीं, शिविर में मौजूद अमरी विशनपुर की फुदिया देवी ने अपनी व्यथा साझा करते हुए कहा कि बाढ़ में उनका आशियाना पूरी तरह जलमग्न हो गया है। पानी घटने के बाद भी अनाज सड़ने से भुखमरी का खतरा रहेगा। पीड़ितों ने राहत शिविरों का दायरा हवाई अड्डा जैसे ऊंचे इलाकों में भी बढ़ाने का सुझाव दिया।
सांस्कृतिक प्रस्तुति से बंधा समां, गीतों पर झूमे पीड़ित
मुख्यमंत्री के आगमन को लेकर कला एवं संस्कृति विभाग द्वारा शिविर में विस्थापित परिवारों के मानसिक तनाव को कम करने और मनोरंजन के उद्देश्य से सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। जिला कला संस्कृति पदाधिकारी अंकित रंजन के नेतृत्व में आयोजित इस कार्यक्रम में स्थानीय कलाकारों ने समां बांध दिया।
लोक गायक अर्पित चौधरी और लाल बाबू ने ‘रश्मि नगरिया के शान...’ और देशभक्ति से ओत-प्रोत ‘तिरंगा फहरे न...’ जैसे लोकप्रिय गीतों की शानदार प्रस्तुति दी। संकट की इस घड़ी में संगीत की मधुर लहरियों ने विस्थापितों के चेहरों पर खुशी ला दी और मौजूद लोगों ने तालियां बजाकर कलाकारों का उत्साहवर्धन किया।
