बुलडोजर का खौफ : अजगैवीनाथ धाम में खुद अतिक्रमण हटाने लगे कब्जाधारी, रामधनी की पत्नी उपसभापति नीलम देवी का आवास तोड़ा गया
भागलपुर के अजगैवीनाथ धाम में अतिक्रमण हटाओ अभियान के तहत लोग 24 मई की समय सीमा से पहले खुद ही ...और पढ़ें

उपसभापति नीलम देवी के आवास पर चला बुलडोजर, अजगैवीनाथ धाम में अतिक्रमणकारियों में दहशत
संवाद सूत्र, अजगैवीनाथ धाम (भागलपुर)। अजगैवीनाथ धाम में अवैध कब्जाधारियों पर गाज गिरनी शुरू हो गई है। खासकर, सुल्तानगंज नगर परिषद में घुसकर कार्यपालक अभियंता और नगर परिषद अध्यक्ष की हत्या के बाद प्रशासन का रुख एकदम सख्त है। दोहरे हत्याकांड का आरोपित रामधनी यादव मुठभेड़ में मार गिराया गया है।
वहीं, यहां मंदिर और सरकारी जमीन पर अतिक्रमण किए कब्जाधारी कार्रवाई की जद में हैं। 24 मई तक हर हाल में अतिक्रमण को हटा लेने का आदेश दिया गया है, इसका नोटिस भी चस्पा है। हालांकि इस कार्रवाई का खौफ इस कदर हावी है कि लोगों ने प्रशासनिक एक्शन से पहले खुद ही बुलडोजर बुलवा कर अवैध अतिक्रमण ढहवा लिया। बुधवार को ऐसे कई अतिक्रमणस्थल पर बुलडोजर चले।
अजगैवीनाथ धाम में बुलडोजर का खौफ, कब्जाधारी खुद हटाने लगे अतिक्रमण
रामधनी यादव की पत्नी उपसभापति नीलम देवी के स्वजन ने पहल करते हुए अपने आवास का वह हिस्सा गिरवा दिया जो सरकारी जमीन पर अतिक्रमण कर बनाया गया था। कुछ अन्य अतिक्रमणकारियों ने भी ऐसा ही किया।
अजगैवीनाथ धाम में खुद तोड़ने लगे निर्माण
दरअसल, जिला प्रशासन के निर्देश पर बायपास रोड में थाना से लेकर राहुलनगर तक करीब 200 मीटर क्षेत्र अतिक्रमण मुक्त करना है। चेतावनी जारी की गई है। प्रशासन की ओर से स्पष्ट कहा गया है कि यदि 24 मई तक अतिक्रमणकारियों ने स्वयं जगह खाली नहीं की, तो बुलडोजर चलाकर मकान और दुकानों को तोड़ा जाएगा। ऐसा नही करने पर जुर्माना वसूलने तथा कानूनी कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई है।
अंचलाधिकारी अनुज कुमार झा ने बताया कि सदर एसडीएम विकास कुमार ने बुलडोजर चलाने का निर्देश जारी किया था, लेकिन लोगों ने स्वेच्छा से अतिक्रमण हटाने की पहल की, हमें कार्रवाई की आवश्यकता ही नहीं पड़ी।
स्वेच्छा से खाली कर दें मंदिर की जमीन, अन्यथा होगी कार्रवाई : महंत प्रेमानंद
अजगैवीनाथ धाम मंदिर परिसर में बुधवार को आयोजित प्रेसवार्ता में महंत प्रेमानंद गिरी महाराज ने मंदिर की पवित्रता, शांति और संपत्ति की सुरक्षा को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने हाल ही में शहर में हुए गोलीकांड पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए कहा कि धार्मिक नगरी की मर्यादा और सौहार्द बनाए रखना सभी की जिम्मेदारी है।
महंत ने कहा कि धार्मिक न्यास बोर्ड, श्रीपंचदशनाम जूना अखाड़ा और जिला प्रशासन के निर्देशानुसार मंदिर की जमीन को अतिक्रमण मुक्त कराया जाएगा। जिन्होंने भी मंदिर की भूमि पर अवैध कब्जा किया है, वे स्वयं उसे खाली कर दें, अन्यथा प्रशासनिक सहयोग से कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने बताया कि उनकी अनुपस्थिति में वर्ष 2021 में केलाबाड़ी क्षेत्र में कुछ लोगों द्वारा अवैध कब्जा किया गया था।
बायपास रोड खाली कराने की कार्रवाई तेज
वहीं, बाईपास स्थित 20 दुकानों में से तीन दुकानों पर भी अवैध कब्जा होने की बात कही। महंत ने कहा कि मंदिर की संपत्ति केवल भगवान और श्रद्धालुओं की आस्था की धरोहर है, इसे राजनीति से जोड़ना उचित नहीं है।
