जागरण संवाददाता, पूर्णिया: जिले के एक और घूसखोर लोकसेवक को निगरानी टीम ने गिरफ्तार कर लिया है। जिला कल्याण पदाधिकारी कार्यालय में कार्यरत हेड क्लर्क संजय कुमार को रिश्वत लेते निगरानी की टीम ने मंगलवार को दबोचा है। वह अनुसूचित जाति की एक लड़की के दुष्कर्म के बाद हत्या मामले में स्वजनों को मिलने वाली पेंशन राशि भुगतान के लिए 15 हजार रुपये रिश्वत ले रहा था। मंगलवार को सुबह आफिस खुलते ही निगरानी की टीम ने जिला कल्याण विभाग के कार्यालय पर धावा बोला और उन्हें रंगे हाथ पकड़ लिया। पूरी कार्रवाई कुछ ही मिनटों में संपन्न हुई। जब तक लोग कुछ समझ पाते टीम संजय को साथ लेकर वहां से निकल गई।

जिले में निगरानी की लगातार कार्रवाई से अधिकारियों में हडकंप मचा है। निगरानी टीम का नेतृत्व डीएसपी अरूण पासवान कर रहे थे। निगरानी सूत्रों से मिली जानकारी अनुसार सरसी थाना क्षेत्र के एक पीड़ित ने निगरानी अन्वेष्ण ब्यूरो में आवेदन दिया था। पीड़ित ने बताया कि जुलाई 2020 में उसकी बहन की गुंडों ने दुष्कर्म के बाद हत्या कर दी थी। जिसकी प्राथमिकी सरसी थाना में दर्ज कराई गई। जांच के बाद जिला प्रशासन द्वारा एससी-एसटी कल्याण सहायता योजना अंतर्गत आश्रित परिवार को 8.25 लाख रुपये एवं पेंशन के रूप में 5850 रुपये प्रति माह स्वीकृत किए गए। इसमें आधे रुपये अकाउंट में आए तथा पेंशन का 56 हजार रुपये बकाया रह गया।

जब उसने पेंशन राशि के भुगतान के लिए कल्याण विभाग के बड़ा बाबू से संपर्क किया, तो उसने आधी राशि रिश्वत के रूप में देने के बाद भुगतान की बात कही। मतलब कि पेंशन राशि का एरियर भुगतान के लिए 28 हजार रुपये रिश्वत की मांग की। पीडि़त ने पहले 15 हजार और शेष भुगतान के बाद देने की बात कही और इसकी सूचना निगरानी अन्वेषण ब्यूरो को दी। जिसके बाद निगरानी ने कार्रवाई शुरू की और इसके लिए डीएसपी अरूण पासवान के नेतृत्व में टीम का गठन किया।

निगरानी की टीम मंगलवार को पूर्णिया पहुंची और पीड़ित आवेदक को हेड क्लर्क संजय कुमार के पास भेजा। कार्यालय खुलते ही वह रुपये लेकर पहुंचा और संजय कुमार को जैसे ही रुपये दिए कि निगरानी की टीम ने उन्हें रंगे हाथ दबोच लिया तथा अपने साथ ले गई। डीएसपी अरूण पासवान ने बताया कि उससे पटना में पूछताछ की जाएगी।

Edited By: Shivam Bajpai