बलराम मिश्र, भागलपुर। BPSC Result 2021 65th के फाइनल रिजल्ट में भागलपुर के कई युवाओं ने परचम लहराते हुए सफलता हासिल की है। सभी ने खुशी जाहिर करते हुए अपनी सफलता के बारे में बताया, चलिए एक नजर में पढ़ते हैं। सफल अभ्यर्थियों के बारे में...

मोजाहिदपुर के बेलाल ने पाई बीपीएससी में सफलता

मोजाहिदपुर इलाके के गुड़हट्टा चौक निवासी मु. बेलाल अहमद ने बीपीएससी की परीक्षा में सफलता हासिल की है। उन्हें 196वां रैंक मिला है। उनका चयन सप्लाई इंस्पेक्टर पद के लिए हुआ है। उन्होंने 10वीं और 12वीं की पढ़ाई सेंट जोसेफ स्कूल से की है। बीएससी और एमएससी की पढ़ाई पटना विश्वविद्यालय से पूरी की है। इस सफलता पर उनके परिवार में हर्ष का माहौल है। उन्होंने कहा कि सेल्फ स्टडी के सहारे उन्होंने सफलता पाई है। इसमें परिवार जनों का भी भरपूर सहयोग रहा है।

प्रधान डाकघर में सहायक पद पर कार्यरत रश्मि प्रिया ने फिर बीपीएससी में मारी बाजी

  • -परीक्षा में 218वां रैंक प्राप्त करने पर बीडीओ का मिला पद
  • -64वां परीक्षा में भी सफल हुई थी रश्मि

भागलपुर के प्रधान डाकघर में सहायक के पद पर कार्यरत रश्मि प्रिया ने बीपीएससी की परीक्षा में एकबार फिर बाजी मार ली है। 65वां बीपीएससी प्रतियोगी परीक्षा में 218वां रैंक प्राप्त करने पर उन्हें ब्लाक डेवलपमेंट आफिसर (बीडीओ) का पद मिला है। रश्मि ने बताया कि इससे पहले 64वां बीपीएससी प्रतियोगिता परीक्षा में उन्हें 513 रैंक मिला था। राजस्व पदाधिकारी पद के लिए चयनित हुई थी। नियुक्ति पत्र का इंतजार ही कर रही थी कि 65वां परीक्षा में सफलता मिलने के साथ ही बीडीओ का पद भी मिल गया।

DSP बनेंगे कनिष्क श्रीवास्तव

भागलपुर से तैयारी कर रहे कनिष्क श्रीवास्तव ने बिहार लोक सेवा आयोग (बीपीएससी) की परीक्षा में सफलता हासिल की है। उन्हें बीपीएससी में 35वां स्थान प्राप्त किया है। उन्हें डीएसपी के पद के लिए चुना गया है। कनिष्क ने बताया कि वे मूलरूप से मोतीहारी पूर्वी चंपारण के रहने वाले हैं। उनकी पत्नी सुप्रिया दर्शनशास्त्र की प्रोफेसर हैं। उनके पिता केके श्रीवास्ताव सरकारी सेवा से सेवानिवृत हुए हैं। उनकी प्रारंभिक शिक्षा दीक्षा मोतीहारी से ही हुई है। इसके बाद उन्होंने इंजीनियरिंग की पढ़ाई इलेक्ट्रिक एंड कम्यूनिकेशन इंजीनियरिंग से पूरी की।

बीपीएससी की तैयारी के बारे में कनिष्क ने बताया कि 2018 से उन्होंने तैयारी शुरू की थी। यह उनका दूसरा प्रयास था। पहले प्रयास में जो रैंक आई थी, उससे वे संतुष्ट नहीं थे, इस कारण उन्होंने अपनी तैयारी नहीं छोड़ी। उन्होंने कहा कि लोगों को प्रयास नहीं छोड़ना चाहिए। कहा कि इससे भी बेहतर करने का प्रयास जारी रहेगा। युवाओं को उन्होंने संदेश देते हुए कहा कि सतत प्रयास और लक्ष्य निर्धारण से सफलता संभव है। इस कारण प्रयास कभी नहीं छोड़ना चाहिए। उन्होंने कुछ दिनों तक प्राइवेट नौकरी की थी, जिसके बाद तैयारी शुरू कर दी।

Edited By: Shivam Bajpai