भागलपुर। रक्तचाप (बीपी) के मरीज को प्रतिदिन तीन ग्राम से कम नमक का सेवन करना चाहिए जबकि एक स्वस्थ व्यक्ति को छह ग्राम से कम नमक का सेवन करना चाहिए। उक्त बातें रविवार को मेडिकल कॉलेज में बिहार क्लीनिकल कार्डियो डायबेटिक सोसायटी, भागलपुर शाखा द्वारा आयोजित कार्यशाला में चेन्नई के डॉ. आर राज शेखर ने कही।

उन्होंने कहा कि ज्यादा नमक खाने से स्वस्थ्य व्यक्ति भी बीपी की चपेट में आ सकता है। बदलते जीवनशैली के अलावा ईष्या और एकांकी जीवन जीने वाले लोग तनाव के कारण भी बीपी, मधुमेह और हृदय रोग से पीड़ित हो रहे हैं। अगर हम मोटापा से खुद को दूर रखें तो खुद को मधुमेह से बचा सकते हैं। एकांकी जीवन के कारण ही 50 फीसदी लोग बीपी से पीड़ित हैं। हालांकि, ग्रामीण क्षेत्रों में अभी ये नौबत नहीं आई है। गांव के लोग अभी भी एक-दूसरे के प्रति संजीदा हैं जबकि शहरी जीवन में पास रहने वाले लोग भी एक-दूसरे से अंजान हैं। डॉ. शेखर ने कहा कि संतुलित और पौष्टिक आहार लेने, नशा का सेवन नहीं करने और नियमित व्यायाम करने से बीमारियों से बचा जा सकता है।

पटना रुबन मेमोरियल अस्पताल के मधुमेह विशेषज्ञ डॉ. आनंद शंकर ने कहा कि पूर्व में इंसुलिन की सूई देने से मधुमेह सामान्य से कम होने की संभावना रहती थी। इससे किडनी, लीवर और हृदय पर बुरा असर पड़ता था। लेकिन, नई इंसुलिन की सूई से मधुमेह मरीजों को राहत मिली है। कहा कि तकरीबन एक हजार मरीजों को नई इंसुलिन की सूई दी गई है जो सफल रहा है। ऐसे मधुमेह मरीज सामान्य जिंदगी जी रहे हैं। उन्होंने कहा कि देश में 18 वर्ष से लेकर अधिक उम्र के मधुमेह मरीजों को सूई दी जा सकती है। विदेशों में तो नौ वर्ष के मरीजों को भी सूई दी जा रही है। कार्यशाला में डॉ. यूएसराय, डॉ. शैलवाला गुहा, डॉ. विकास आनंद आदि ने बीपी, मधुमेह जैसी बीमारियों के इलाज बारे में जानकारी दी। मौके पर डॉ. एके पाण्डेय, डॉ. डीपी सिंह, डॉ. अभिलेश कुमार, डॉ. ओवेद अली, डॉ. अंजुम परवेज, डॉ. शान्तनु घोष, डॉ. मनीष कुमार, डॉ. राजीव सिन्हा सहित कई चिकित्सक उपस्थित थे।

रोगों के प्रति लोगों को जागरूक किया

सैंडिस कंपाउंड में चिकित्सक संघ और सैंडिस कंपाउंड विकास समिति के तत्वावधान में चिकित्सकों ने लोगों को बीमारियों के प्रति जागरूक किया। डॉ. बीबी ठाकुर, डॉ. कमलेश तिवारी, डॉ. पीएन राय, डॉ. हेम शंकर शर्मा आदि ने एक स्वर से कहा कि अगर हम नियमित व्यायाम करें और खानपान के प्रति सचेत रहें तो बीपी, हृदय रोग या मधुमेह जैसी बीमारियों से बच सकते हैं। मौके पर 163 लोगों मधुमेह परीक्षण किया गया जिसमें 53 लोग मधुमेह से पीड़ित मिले।

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Posted By: Jagran

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