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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Nov 05, 2021 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

बिहार के 'डल झील' में इस साल भी नहीं शुरू हो सकी बोटिंग, जीर्णोद्धार पर खर्च हो चुके हैं आठ करोड़ रुपये

By Abhishek KumarEdited By:
Published: Fri, 05 Nov 2021 11:30 AM (IST)

बिहार के डल झील में इस साल भी बोटिंग शुरू नहीं हो सकी। इसके जीर्णोद्धार पर करीब आठ करोड़ रुपये ...और पढ़ें

बिहार के 'डल झील' में इस साल भी बोटिंग शुरू नहीं हो सकी।
बिहार के 'डल झील' में इस साल भी बोटिंग शुरू नहीं हो सकी।

संस, सहरसा। कभी श्मसान से मिनी कश्मीर और फिर मवेशियों के चारागाह में तब्दील बिहार के 'डल झील' का लूक अब भी नहीं बदल सका है। जबकि इसके जीर्णोद्धार को लेकर लंबे समय से मांग की जा रही है। हालांकि बीच में कुछ काम कराए गए थे, लेकिन जितना काम होना था, उतना नहीं हो सका था। 

दरअसल, बिहार के 'डल झील' के नाम से चर्चित सहरसा के  मत्स्यगंधा जलाशय की सूरत बदलने के लिए सात करोड़ 47 लाख रूपये खर्च किया। जल- जीवन हरियाली अभियान के तहत सौन्दर्यीकरण का कार्य किया गया। रक्तकाली मंदिर की राशि से इसके पथ का भी निर्माण किया गया। इससे लोगों को इस वर्ष मत्स्यगंधा जलाशय में वोटिंग प्रारंभ होने की संभावना थी, लेकिन सहरसावासियों का यह सपना अभी पूरा नहीं हो सका। छठ के मौके पर फिर सहरसा के लोग नौकायन का इंतजार कर रहे हैं, परंतु इस वर्ष भी नौकायन प्रारंभ नहीं हो सका।

-करोड़ो खर्च बाद भी मिनी कश्मीर का नहीं दिख रहा नजारा

- मत्स्यगंधा जलाशय में बोटिंग का भी इंतजार करते रह गए लोग

-झील के जीणोद्धार पर खर्च किए जा चुके हैं करीब आठ करोड़ रुपये

जल- जीवन - हरियाली योजना से झील का किया सौन्दर्यीकरण कार्य

जल- जीवन हरियाली हरियाली योजना के तहत लघु जल संसाधन विभाग विभाग द्वारा डेढ़ किलोमीटर लंबी और दो सौ मीटर चौड़ी मत्स्यगंधा झील की के जीर्णोद्धार और सौन्दर्यीकरण कार्य कराया गया। विभाग की देखरेख में काम करने वाली एजेंसी कई छोटे- छोटे कार्य को पूरा किए बिना ही वापस चली गई। इस बीच जिला प्रशासन द्वारा वोटिंग व मत्स्यपालन के लिए निविदा की प्रक्रिया प्रारंभ किया गया, परंतुृ तकनीकी कारणों से यह कार्य संपन्न नहीं हो पाया है। ऐसे में इस छठ के मौके पर भी वोङ्क्षटग के लिए लोगों को निराशा हाथ लगी।

मत्स्यगंधा जलाशय के वोटिंग व मत्स्यपालन के लिए निविदा की प्रक्रिया चल रही है। निविदा होने के साथ ही नौकायन प्रारंभ हो जाएगा। -प्रदीप कुमार झा

सदर, एसडीओ, सहरसा।