भागलपुर [जेएनएन]। पूर्व केंद्रिय मंत्री और भाजपा के कद्दावर नेता अरुण जेटली का शनिवार (24 अगस्‍त 2019) को दिल्ली के एम्स में निधन हो गया। वह लंबे समय से बीमार थे। उन्होंने दोपहर 12.07 मिनट पर अंतिम सांस ली। अरुण जेटली का भागलपुर से बेहद लगाव रहा है। हालांकि वे यहां बहुत ज्‍यादा नहीं आए हैं। लेकिन भागलपुर के कार्यकर्ता उनके दिल में बसते थे। कई कार्यकर्ताओं से उनके व्‍यक्तिगत परिचय थे। भाजपा के भागलपुर जिलाध्यक्ष रोहित पांडेय ने कहा कि छात्र राजनीति से लेकर भारतीय जनता पार्टी तक की यात्रा उन्होंने बेदाग तय किया। वे कुशल नेतृत्‍वकर्ता थे। पार्टी ने उन्‍हें जब जो जिम्‍मेदारी दी, उसका वे श्रद्धा और निष्‍ठापूर्वक निर्वह्न किया। वे कुशल वक्‍ता थे। उनके बोले गए शब्‍दों में तर्क होता था। किसी पर अगर वे कोई आरोप लगाते थे तो पूरी जानकारी और तथ्‍य के साथ अपनी बातों को रखते थे।

शाहनवाज के लिए नवगछिया में वोट मांगने आए थे जेटली

भाजपा नेता एवं पूर्व केंद्रीय मंत्री अरुण जेटली का भागलपुर जिले से लगाव रहा था। वे 2009 के लोकसभा चुनाव में भाजपा प्रत्याशी शाहनवाज हुसैन के लिए वोट मांगने आए थे। नवगछिया के मदन अहल्या महिला कॉलेज परिसर में जेटली की सभा हुई थी। इस सभा में काफी भीड़ जुटी थी। नवगछिया जिला भाजपा के अध्यक्ष विनोद मंडल कहते हैं कि सभा में शाहनवाज ने जेटली को कहा था कि यह भीड़ आपको देखने और सुनने आई है। यह सभा गोपालपुर विधानसभा क्षेत्र में हुई थी। इस क्षेत्र के विधायक गोपाल मंडल भी मंच पर थे। पूर्व जिला अध्यक्ष हरिवंशमणि सिंह ने कहा कि वे भी इस सभा में उपस्थित थे। जेटली ने भागलपुर आने की इच्छा कई बार जताई थी। लेकिन उनको आने का अवसर नहीं मिल पाया था। नगर मंडल के उपाध्यक्ष प्रदीप जैन ने कहा कि जेटली से पटना में वे और विनय जैन मिले थे। उन्होंने कहा था कि भागलपुर में पार्टी का बड़ा कार्यक्रम होगा तो वे आएंगे। पटना में उपमुख्यमंत्री सुशील मोदी के पुत्र की शादी में आए जेटली ने जैन बंधुओं से भागलपुर आने की इच्छा जताई थी। भागलपुर के संबंध में राजनीतिक चर्चा भी की थी। जेटली भले ही यहां नहीं आ सके थे, लेकिन दिल्ली में उनसे मिलने भागलपुर के कोई नेता जाते थे, उनसे वे मुलाकात करते थे।

देश ने आज प्रखर एवं कुशल नेता खो दिया

उधर, केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण राज्यमंत्री अश्विनी कुमार चौबे ने कहा कि देश ने आज प्रखर एवं कुशल नेता को खो दिया है। अर्जित शाश्वत चौबे ने कहा है कि उनके निधन से मैंने अपना एक अभिभावक खो दिया है।

मीडिया प्रभारी रोशन सिंह ने कहा कि वे राजनीति में नैतिकता के पर्याय थे। जिनकी भरपाई नहीं हो सकती। हरवंशमनी सिंह ने कहा कि अपने अद्वितीय अनुभव से संगठन और सरकार में विभिन्न दायित्वों का निर्वाह किया। मोंटी जोशी, देव कुमार पांडेय, अरुण कुमार सिंह, सज्जन अवस्थी, रामनाथ पासवान, चंदन पांडेय, सुधीर चौधरी, कैïफी जुबैर, आलोक राय ने निधन पर शोक जताया है।

इन लोगों ने जताया शोक

जेटली के निधन पर भाजपा के भागलपुर जिला अध्‍यक्ष रोहित पांडेय, जिला महामंत्री सरस्वती कुमार, विजय कुशवाहा, मुकेश सिंह, जिला उपाध्यक्ष दिलीप निराला, संतोष कुमार, किरण सिंह, कन्हाई मंडल, आशा ओझा, गुड्डू शुक्ला, महिला मोर्चा की अध्यक्ष लीना सिन्हा, युवा मोर्चा के बंटी यादव, पूर्व उपमेयर डॉ. प्रीति शेखर, डॉ. विनय गुप्ता, पवन मिश्रा, जिला मंत्री विपुल सिंह, संजय केजरीवाल, राजीव तिवारी, वीरेश मिश्रा, श्यामल किशोर मिश्रा, मुकुल कुमार, अभिनव सिंह, प्रिंस मंडल, कुमार विजेंद्र, संजीव सिंह, अजित गुप्ता, अमरजीत शाह, मनीष दास,आशुतोष ढिल्लू, देवव्रत घोष, रामदेव साह, सुधीर भगत, सुनील सिंह, श्वेता सिंह, प्रणव दास, उमाशंकर, राजकिशोर गुप्ता, प्‍यारे हिन्‍द आदि ने कहा है कि जेटली कुशल संगठनकर्ता थे, जिसकी कमी को पूरा नहीं किया जा सकता है।

9 अगस्त से दिल्ली स्थित अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (All India Institute of Medical Sciences) में भर्ती भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री अरुण जेटली ने शनिवार को दुनिया को अलविदा कह दिया। एम्स में भर्ती रहने के दौरान उन्होंने 15 दिन तक जिंदगी की जंग लड़ी और मौत को मात देने की कवायद में जुटे रहे, लेकिन शनिवार को पूर्व केंद्रीय मंत्री अरुण जेटली जिंदगी की जंग हार गए और उनका निधन हो गया।

जेटली की अंतिम यात्रा में शामिल हुए अश्विनी व अर्जित
केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण राज्य मंत्री अश्विनी चौबे ने रविवार को अपने मित्र अरुण जेटली की अंतिम यात्रा में शामिल होकर उन्हें श्रद्धांजलि दी। भागलपुर विधान सभा के पूर्व प्रत्याशी अर्जित शाश्वत चौबे ने जेटली को अंतिम विदाई देकर श्रद्धांजलि अर्पित किया है। अर्जित ने कहा है कि पिता तुल्य अभिवावक को मैने खो दिया है। बचपन से ही उनका सानिध्य और प्यार मिलता रहा है। निगम बोध घाट पर उनकी पत्नी संगीता जेटली, सुपुत्र रोहन एवं पुत्री सोनाली जेटली से मिलकर इस दुख की घड़ी में उन्हे धैर्य रखने को कहा। अर्जित ने कहा कि वे पिताजी के छात्र जीवन के मित्र थे। 40 दशकों से भी ज्यादा का साथ रहा है। 74 आन्दोलन के उपरांत पिता के छात्र संघ चुनाव में भी जेटली ने कमान संभाली थी। अन्य लोगों में वरिष्ठ भाजपा नेता अरुण सिंह, देव कुमार पांडे, रामनाथ पासवान, अभय घोष सोनू, देवव्रत घोष, अनूप लाल साह, संजय हरी, पुष्पा प्रसाद प्रमुख रूप से थे।

कुशल रणनीतिकार थे जेटली
भाजपा के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व वित्त मंत्री अरुण जेटली के निधन पर विजय मित्रा मंडल द्वारा शोकसभा का आयोजन किया गया। अध्यक्षता मंडल अध्यक्ष सुधीर भगत ने की। वरिष्ठ नेता हरिवंश मनी सिंह ने कहा कि जेटली कुशल रणनीतिकार थे। पूर्व जिला अध्यक्ष नभय कुमार चौधरी ने कहा कि जेटली सफल राजनेता के साथ-साथ एक कुशल खेल प्रेमी थे। मौके पर वरिष्ठ नेता निरंजन प्रसाद साहा, मंडल उपाध्यक्ष प्रदीप जैन, विनोद सिन्हा, विजय साह रामदेव, निरंजन सिंह, लक्ष्मी सिंह अमरदीप साह, संदीप शर्मा, हेमंत शर्मा मनीष मिश्रा ने संबोधित किया। संचालन उपाध्यक्ष महेश शर्मा ने किया। सूरज शर्मा धर्मेंद्र बबलू, अरुण भगत, विधु वाला सिंह, श्रेष्ठा गांधी, अंजना, कल्पना ठाकुर सौरभ कुमार, महेश सिंह, चंदन पांडे, हिमांशु कुमार, योगेश पांडे उपस्थित थे।

Posted By: Dilip Shukla

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