संवाद सहयोगी, जमुई। वह दौर जब लॉकडाउन के कारण शहर की सड़कें वीरान थी लेकिन अनलॉक-1 के बाद से धीरे- धीरे शहर पटरी पर लौटने लगा है। वाहनों की गूंज के साथ ग्रामीण इलाकों से जिला मुख्यालय की मंडी में मुसाफिरों का आना शुरू हो गया है। इसकी तस्दीक बसों पर आने वाले सवारी से भी हो रही है।

इधर, लॉकडाउन के कारण बाजार नहीं खुलने से व्यवसायिक कारोबार( दवा, रसद को छोड़कर) पूरी तरह से ठप पड़ गया था। लेकिन कारोबार पर लगी रोक हटने के बाद से बाजार की रौनक पुनः लौटने लगी है। व्यवसाई धनुषधारी वर्मा, संजय बालोदिया आदि ने कहा कि यह अलग बात है कि लॉकडाउन के कारण लगन कि कमाई मारी गई और दुकानें खुलीं तो फिर मानसून सवार हो गया। परंतु, दुकानें खुलेगी तो दो पैसे की आमद होनी ही है। वैसे यहां बता दें कि वैवाहिक लग्न मुहूर्त 16 जुलाई तक है।

कोरोना महामारी किस प्रकार से घातक है कम से कम जिलेवासी इस बात को तो कभी नहीं भूलेंगे। कई लोगों को जान गंवानी पड़ी। जबकि अमल करें तो व्यवसाय संपर्क के बिना संभव नहीं है। इस कारण व्यवसाई इसके प्रति सतर्कता बरतें। लेकिन कई ऐसे भी व्यवसाई हैं जो इसके प्रति लापरवाह बने हुए हैं। न तो इनके द्वारा मास्क का प्रयोग किया जा रहा है और न ही हैंडवाश, सैनिटाइजर आदि का उपयोग किया जा रहा है।

दुकानदारों के चेहरे पर आई मुस्कान

बाजार में ग्राहकों की भीड़ से जहां चहल-पहल बढ़ी है। वहीं मुरझाए हुए दुकानदारों के चहरे पर मुस्कान लौट आई है। हालांकि संक्रमण के खतरे से बेपरवाह अधिकतर दुकानदार एवं खरीदारी करने बाजार आए लोग कोरोना नियम का पालन नहीं कर रहे हैं। हालांकि पुलिस गश्ती कर आम लोगों को जीवन के प्रति सुरक्षा बरतने को लेकर चेहरे पर मास्क और दो गज की शारीरिक दूरी के लिए अपील कर रही है। जो कहने के बावजूद नियमों का पालन नहीं कर रहे हैं उनके चालान भी काटा जा रहा है।

 

Edited By: Dilip Kumar Shukla