संवाद सहयोगी, लखीसराय। सिपाही की नौकरी कर आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने वाले जिला पुलिस बल लखीसराय के सिपाही सह बिहार पुलिस मेंस एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष नरेंद्र कुमार धीरज को बर्खास्त कर दिया गया है। उसके खिलाफ भ्रष्टाचार और आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने के मामले में आर्थिक अपराध इकाई ने कार्रवाई की है। इस मामले में जिले के तत्कालीन पुलिस अधीक्षक सुशील कुमार ने राज्य पुलिस मुख्यालय के आदेश पर बीते 10 मई को उक्त कार्रवाई की। इसकी पुष्टि लखीसराय के एसपी पंकज कुमार ने की है।

रईस अंदाज में रहता था सिपाही नरेंद्र

जिला पुलिस बल में कई वर्षों से कार्यरत सिपाही नरेंद्र कुमार धीरज का रईस अंदाज काफी चर्चा में रहता था। एसोसिएशन के चुनाव में वह प्रांतीय अध्यक्ष चुने जाने के बाद पटना में रहने लगा। भोजपुर जिले के सहार थाना क्षेत्र अंतर्गत मुजफ्फरपुर गांव के रहने वाले नरेंद्र के खिलाफ पिछले साल आर्थिक अपराध इकाई ने नौ ठिकानों पर छापेमारी की थी जिसमें नौ करोड़ 47 लाख 66 हजार 745 रुपये से अधिक की संपत्ति अर्जित किए जाने के साक्ष्य मिले थे, जो नरेंद्र की वास्तविक आय से करीब 544 फीसद अधिक थी।

राज्य मुख्यालय की अनुशंसा पर हुआ बर्खास्त

आर्थिक अपराध इकाई द्वारा सिपाही नरेंद्र पर शिकंजा कसने के बाद उसके विरुद्ध पिछले साल ही विभागीय कार्रवाई शुरू की गई। गत वर्ष 25 अक्टूबर 2021 को नरेंद्र कुमार को सस्पेंड कर दिया गया था। इसके बाद राज्य मुख्यालय ने उसे सेवा से बर्खास्त करने की अनुशंसा की। इस मामले में तत्कालीन एसपी सुशील कुमार ने 10 मई 22 को सिपाही सह प्रदेश अध्यक्ष नरेंद्र कुमार धीरज को सेवा से बर्खास्त कर दिया। एसपी सुशील कुमार ने बर्खास्तगी के जारी जिला आदेश में पुलिस मेंस एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष नरेंद्र कुमार धीरज पर पद का दुरुपयोग कर अपने और स्वजनों के नाम पर करोड़ों की संपत्ति अर्जित करने का आरोप लगाया है। इसके अलावा अनुशासनहीनता एवं संदिग्ध चरित्र वाला भी बताया गया है। नरेंद्र की बर्खास्तगी पुलिस महकमे में चर्चा का विषय बना हुआ है।

Edited By: Dilip Kumar Shukla