जागरण टीम, (खगड़िया)। खगड़िया पंचायत चुनाव 2021: बेलदौर प्रखंड की 15 पंचायतों में आगामी 24 अक्टूबर, रविवार को पंचायत चुनाव को लेकर मतदान है। इसको लेकर पुलिस गश्ती और चेकिंग तेज कर दी गई है। महेशखूंट से लेकर बेलदौर तक पुलिस गश्ती और चेकिंग बढ़ा दी गई है। ताकि शांतिपूर्ण मतदान संपन्न हो सके। बेलदौर के संवदेनशील स्थलों पर पुलिस की पैनी नजर है।

गोगरी एसडीपीओ मनोज कुमार ने कहा कि शांतिपूर्ण मतदान को लेकर पुलिस-प्रशासन कृत संकल्पित है। उन्होंने बताया कि यहां की 15 पंचायतों में 24 अक्टूबर को मतदान होगा। बेलदौर की सीमा मधेपुरा और सहरसा जिले से जुड़ती है। इसलिए सीमावर्ती क्षेत्रों पर विशेष निगाह रखी जा रही है। चप्पे-चप्पे में सुरक्षा की व्यवस्था रहेगी। असामाजिक तत्वों पर विशेष नजर है।

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  • गांधी इंटर विद्यालय में बनाया गया है डिस्पैच सेंटर

संवाद सूत्र, परबत्ता (खगड़िया): बेलदौर प्रखंड की 15 पंचायतों में रविवार को मतदान है। शांतिपूर्ण मतदान को लेकर पुलिस-प्रशासनिक तैयारी जोरों पर है। गांधी इंटर विद्यालय बेलदौर में डिस्पैच सेंटर बनाया गया है। जहां से मतदान कर्मियों को रवाना किया जा रहा है। मतदान केंद्रों पर पीसीपी जोनल, सुपर जोनल, सेक्टर मजिस्ट्रेट आदि नियुक्त किए गए हैं। पीसीपी द्वारा मतदान की अहले सुबह ईवीएम प्रजाइजिंग को उपलब्ध कराई जाएगी।

प्रखंड निर्वाची पदाधिकारी सह बीडीओ सुनील कुमार ने बताया कि शांतिपूर्ण मतदान संपन्न कराने को लेकर पुलिस-प्रशासन की ओर से आवश्यक तैयारी की गई है। मतदान कर्मियों से कहा गया है कि, निश्चित समय पर मतदान केंद्र पर पहुंच जाएं। अपनी भोजन की व्यवस्था स्वयं करें। किसी दूसरे द्वारा दिए गए भोजन नहीं करेंगे।

उन्होंने कहा कि कभी भी ईवीएम को बीच में बंद नहीं करना है। किसी भी तरह की गड़बड़ी होने पर पीठासीन पदाधिकारी सूचित करेंगे। विलंब से सूचना देने पर पीठासीन पदाधिकारी जिम्मेवार होंगे और कार्रवाई होगी। मतदान बाद मतदान कार्य में लगाए गए सभी कर्मियों को मतपेटी और ईवीएम जिला मुख्यालय के बाजार समिति में बनाए गए ब्रजगृह केंद्र में जमा करने के निर्देश दिए गए हैं।

  • बंद पड़े पुस्तकालय को खुलवाएंगे: डा. मंजुलता

जागरण संवाददाता, खगड़िया। झिकटिया पंचायत से मुखिया के पद पर विजयी डा. मंजुलता कुमारी की तीर 11 वर्षों पर निशाने पर लगी। कहते हैं न लहरों से डर कर नौका पार नहीं होती, कोशिश करने वालों की कभी हार नहीं होती, इसका उदाहरण है डा. मंजुलता। जीत के बाद मंजुलता कुमारी की खुशी का ठिकाना न था। वह 2011 और 2016 में भी झिकटिया पंचायत से मुखिया के पद पर अपने भाग्य को आजमा चुकी हैं। लेकिन दोनों बार इन्हें हार का मुंह देखना पड़ा था।

जीत के बाद मंजुलता ने कहा कि पंचायत में होम्योपैथी हास्पिटल बनाएंगी। साथ ही पंचायत में बंद पड़े पुस्तकालय को खुलवाएंगी। जिससे पंचायत के लोगों की शैक्षणिक स्थिति बेहतर हो सके। कंप्यूटर की पढ़ाई को लेकर केंद्र खोलेंगे। महिलाओं के उत्थान के लिए सिलाई कढ़ाई का केंद्र भी खोला जाएगा। मालूम हो कि वे 2016 से ही दाह-संस्कार को लेकर जरूरतमंदों की मदद करती रहीं है।

Edited By: Shivam Bajpai