जागरण संवाददाता, भागलपुर। विशेष पाक्सो न्यायाधीश लवकुश कुमार की अदालत ने शुक्रवार को छात्रा से दुष्कर्म के प्रयास मामले में निर्णय देते हुए अभियुक्त दीपक कुमार को चार साल की सजा सुनाई है। निर्णय के अनुसार अभियुक्त को दस हजार रुपये का अर्थदंड देने है। पीड़िता को तीन लाख रुपये की आर्थिक सहायता भी देने आदेश विशेष न्यायाधीश ने अपने निर्णय में सुनाया है जो पीड़ित सहायता कोष से देय होगा। सरकार की तरफ से विशेष लोक अभियोजक नरेश प्रसाद राम और जयकरण गुप्ता ने बहस में भाग लिया।

छात्रावास से वापस आते समय हुई थी घटना

14 अप्रैल 2016 को असरगंज इलाके में मौजूद एक छात्रावास से वापस लौटते समय पीड़ित छात्रा अपने गांव की एक सहेली के साथ गांव के लिए निकली थी। असरगंज से आटो पर सवार होकर सुल्तानगंज पहुंची थी। वहां एक लड़के ने दोनों को सत्तू पिलाया था। उस दौरान उसने सहेली को उसने पास की दुकान में सिगरेट लाने को भेज दिया और उसे एक कमरे में ले जाकर गलत करने का प्रयास किया था। छात्रा के शोर मचाने पर लोग जुट गए और आरोपित को लोगों ने पकड़ लिया था। बाद में सुल्तानगंज पुलिस मौके पर पहुंची और पीड़िता और आरोपित को थाने ले आई थी। आरोपित की पहचान दीपक कुमार के रूप में हुई थी। पीड़ित छात्रा के बयान पर पाक्सो एक्ट में केस दर्ज किया गया था।

एमपी-एमएलए कोर्ट ने गवाहों पर जारी किया समन

एमपी-एमएलए कोर्ट के विशेष न्यायाधीश प्रबल दत्ता ने 23 मार्च 2009 को कहलगांव के बुद्धुचक थाने में दर्ज आदर्श चुनाव आचार संहिता के एक केस में गवाह विक्रांत प्रियदर्शी, रवि कुमार को अदालत में उपस्थित तय समय पर कराने को पत्र जारी किया है। गुरुवार को इस बाबत पत्र न्यायालय ने निर्गत कर दिया है। विशेष अदालत ने सहायक अवर निरीक्षक नटेश्वर राम, अवर निरीक्षक श्याम बिहारी राम के विरुद्ध् भी समन जारी कर दिया है।

Edited By: Dilip Kumar Shukla