Bihar Jeevika Didi: जीविका दीदियों के लिए खुशखबरी, 10 हजार के बाद अब मिलेगी 20 हजार की दूसरी किस्त
बिहार की जीविका दीदियों को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने के लिए 10 हजार के बाद अब 20 हजार रुपये की दूसरी किस्त देने की प्रक्रिया शुरू हो गई है।

जीविका दीदियों के लिए खुशखबरी, 10 हजार के बाद अब मिलेगी 20 हजार की दूसरी किस्त (AI Generated Image)
HighLights
जीविका दीदियों को 20 हजार रुपये की दूसरी किस्त मिलेगी।
भागलपुर में तीन हजार आवेदन जमा, चयन प्रक्रिया जारी।
राशि का उपयोग व्यवसाय विस्तार या नए कारोबार में होगा।
जागरण संवाददाता, भागलपुर। बिहार की जीविका दीदियों को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक और कदम बढ़ाया जा रहा है। पहले चरण में मिली 10 हजार रुपये की सहायता राशि के बाद अब दूसरी किस्त के रूप में 20 हजार रुपये देने की प्रक्रिया शुरू की गई है।
भागलपुर जिले में इसके लिए करीब तीन हजार आवेदन अब तक जमा हो चुके हैं। फिलहाल आवेदन लेने और लाभुकों के चयन की प्रक्रिया प्रारंभिक चरण में है।
मानक पर खरा उतरने पर मिलेगा लाभ
दूसरी किस्त के लिए लाभुकों के चयन में कई मानक तय किए गए हैं। इसमें यह देखा जाएगा कि पहले मिली 10 हजार रुपये की राशि का उपयोग जीविका दीदी ने निर्धारित आर्थिक गतिविधि या व्यवसाय में किया है या नहीं।
साथ ही आवेदक पर पहले से कोई ऋण लंबित है या नहीं, स्वयं सहायता समूह की बैठकों में उसकी नियमित भागीदारी है या नहीं और दूसरी किस्त मिलने के बाद राशि का उपयोग किस व्यवसाय में किया जाएगा, इसकी जानकारी भी ली जा रही है।
पुराने कारोबार को बढ़ाने से लेकर नए व्यवसाय तक
दूसरी किस्त की राशि का इस्तेमाल पहले से चल रहे कारोबार को विस्तार देने में किया जा सकता है। इसके अलावा जीविका दीदी अपनी रुचि और क्षमता के अनुसार नया व्यवसाय भी शुरू कर सकती हैं। इससे छोटे कारोबार को पूंजी मिलने के साथ ग्रामीण महिलाओं की आय बढ़ाने का रास्ता मजबूत होगा।
ग्राम संगठन से हो रहा चयन
लाभुकों के चयन और आवेदन की प्रक्रिया ग्राम संगठन के माध्यम से की जा रही है। प्राप्त आवेदनों की पात्रता और निर्धारित मानकों के आधार पर जांच के बाद आगे की प्रक्रिया पूरी होगी।
जीविका के डीपीएम सुरनिमल गेरन ने बताया कि दूसरी किस्त के लिए फिलहाल आवेदन लेने का काम चल रहा है। प्रक्रिया अभी शुरुआती चरण में है और करीब तीन हजार आवेदन प्राप्त हुए हैं। पात्रता के निर्धारित मानकों की जांच के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
