भागलपुर [जेएनएन]। बिहार ग्रामीण बैंक, सबौर शाखा ने फर्जी कागजात पर 82 लाख का लोन पास कर दिया। मामला चार साल बाद प्रकाश में आया। जांच जोनल कार्यालय, पटना मामले की जांच शुरू कर दी है। जोनल कार्यालय ने भागलपुर दक्षिण बिहार ग्रामीण बैंक के क्षेत्रीय प्रबंधक को मामले में जांच कर रिपोर्ट देने को कहा है। दरअसल, 2015 में तत्कालीन बैंक प्रबंधक बिहार ग्रामीण बैंक (अब दक्षिण बिहार ग्रामीण बैंक) ने सबौर निवासी सरस्वती देवी के फर्जी हस्ताक्षर, कोर्ट का शपथ पत्र प्रस्तुत कर मेसर्स मॉडर्न इको ऐश टेक के प्रबंधक पार्टनर प्रियंक भारती के नाम पर लोन पास कर दिया। चार साल तक इस मामले की जानकारी किसी को नहीं लगी। इस बीच 2019 में जब इसका खुलासा हुआ तो जांच शुरू हुई। कई जगह पत्र देने के बाद जोनल कार्यालय ने मामले का गंभीरता से लिया। पटना से मुख्य प्रबंधक शिवा कालरा जांच करने पहुंची। हालांकि, महिला अधिकारी को भी गुमराह करने की कोशिश की गई। पर, किसी का दाल नहीं गल सका।

हस्ताक्षर से लेकर जमीन का फोटो भी गलत

बैंक में प्रस्तुत किए गए सभी कागजात गलत और फर्जी थे। लोन धारक के पति राकेश कुमार ने मां सरस्वती देवी के बैंक हस्ताक्षर और जमीन का अटैच फोटो को बतौर कागजात बैंक में प्रस्तुत की। जिसे जांच में सब अवैध करार दिया गया।

बैंक में जालसाजी कर जमा किया संपत्ति का ब्योरा

ऋण के एवज में बैंक में जमा संपत्ति दस्तावेज के अलावा दो और संपत्ति का ब्योरा भी जमा लोन धारकों ने कर दिया है। अब इस मामले की जांच जोनल कार्यालय के आदेश पर भागलपुर के अधिकारी करेंगे।

Posted By: Dilip Shukla