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ब‍िहार : सरकारी स्कूलों की लाइब्रेरी में किताबों की नई खेप, बच्चों को मिलेगा एटलस, ओलंपियाड और योग से जुड़ा ज्ञान

Published: Mon, 16 Feb 2026 01:46 PM (IST)

भागलपुर जिले के 2017 सरकारी स्कूलों में नए शैक्षणिक सत्र से लाइब्रेरी में एटलस, प्रतियोगी परीक्षाओं, ओलंपियाड और योग से ...और पढ़ें

प्रतीकात्‍मक तस्‍वीर।

प्रतीकात्‍मक तस्‍वीर।

HighLights

  1. भागलपुर के 2017 सरकारी स्कूलों में नई लाइब्रेरी किताबें।

  2. एटलस, ओलंपियाड, योग, प्रतियोगी परीक्षा की पुस्तकें शामिल।

  3. 100 करोड़ रुपये की लागत से शैक्षिक विकास को बढ़ावा।

जागरण संवाददाता, भागलपुर। नए शैक्षणिक सत्र से जिले के 2017 सरकारी स्कूलों के छात्र-छात्राएं अपने ही विद्यालय में एटलस, प्रतियोगी परीक्षाओं, ओलंपियाड, खेल, योग और संस्कृत से जुड़ी पुस्तकें पढ़ सकेंगे। मार्च के अंतिम सप्ताह तक सभी स्कूलों में लाइब्रेरी की किताबें उपलब्ध कराने का लक्ष्य रखा गया है।

बिहार शिक्षा परियोजना परिषद के माध्यम से राज्य के 77,861 स्कूलों में पुस्तकें भेजने की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। जिले में 19 प्रकाशनों की किताबें भेजी जा रही हैं। संभाग प्रभारी ने बताया कि पिछले दो महीनों से किताबें मुख्यालय पहुंच रही हैं और अब तक 16 प्रकाशनों की पुस्तकें स्कूलों को वितरित करने के लिए तैयार हैं। शेष किताबें आते ही संबंधित विद्यालयों को बांट दी जाएंगी।

खर्च हो रहे 100 करोड रुपए

  • शिक्षा परियोजना परिषद राज्य के 77,861 स्कूलों के लाइब्रेरी को उपलब्ध करा रहा है पुस्तकें
  • जिले में 19 प्रकाशनों की किताबें हो रहीं उपलब्ध, अब तक 16 प्रकाशनों की किताब जिला मुख्यालय पहुंची
  • कक्षा 1 से 8 तक के लिए अलग और 9 से 12 तक के लिए अलग-अलग आई है किताबें हिंदी इंग्लिश उर्दू में मौजूद

कक्षा अनुसार नई पुस्तकें

  • कक्षा 1 से 8: रंगीन, बड़े फॉन्ट और आकर्षक चित्रों वाली कम से कम 16 पृष्ठों की किताबें। विषय: जानवर, प्रकृति, नैतिक मूल्य, परिवार, बिहार की संस्कृति, नदियाँ, मेले-त्योहार, लोककथाएँ और महान व्यक्तित्व। एटलस और हिंदी-इंग्लिश डिक्शनरी भी शामिल।

  • कक्षा 9 से 12: इंटरैक्टिव और ज्ञानवर्धक किताबें। विषय: इतिहास, भूगोल, विज्ञान, संविधान, प्रतियोगी परीक्षाएँ, ओलंपियाड, क्विज़, खेल, योग, राष्ट्रीय नायकों की जीवनी और लाइफ स्किल्स।

इस पहल से छात्रों का सामान्य ज्ञान बढ़ेगा, पढ़ाई में रुचि बढ़ेगी और शैक्षिक विकास को मजबूती मिलेगी। किताबें हिंदी, अंग्रेज़ी और उर्दू में उपलब्ध होंगी। परिषद द्वारा 40,270 प्राइमरी और 28,243 अपर प्राइमरी स्कूलों के लिए 49.99 करोड़ रुपये, तथा 387 सेकेंडरी और 8,961 सीनियर सेकेंडरी स्कूलों के लिए 50 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं, ताकि लाइब्रेरी व्यवस्था मजबूत हो सके। इससे बच्चों में पठन-पाठन की आदत और व्यक्तित्व विकास दोनों को बढ़ावा मिलेगा।