जागरण टीम, भागलपुर : Bihar Flood 2022- पूर्व बिहार, कोसी और सीमांचल की नदियों में पानी बढऩे लगा है। इलाके में मंगलवार दिन से लगातार वर्षा हो रही है। सुपौल में कोसी का जलस्तर बढ़ने के कारण तटबंध पर दबाव बढ़ा है। अररिया में भी नदियां उफान पर हैं। सहरसा में वज्रपात से एक की मौत हुई है।

मुंगेर में गंगा का जलस्तर 31.60 मीटर है। केंद्रीय जल आयोग के सुरेश प्रसाद ने बताया कि गंगा दो दिनों से हर घंटे दो सेमी बढ़ रही है। मुंगेर में खतरे के निशान 39.33 मीटर से यह काफी नीचे है। खगड़िया में भी कोसी और बागमती तेजी से बढ़ रही है। सुपौल में कोसी के जलस्तर में वृद्धि हो रही है। दिन के 12 बजे बराज से कोसी का जलस्राव एक लाख 66 हजार क्यूसेक (एक क्यूसेक : प्रति सेकंड एक घन फुट पानी का बहाव) दर्ज किया गया है। कोसी ने तटबंध के तीन बिंदुओं पर दबाव बढ़ा दिया है। पुल्ठे गौड़ा स्थित स्पर नंबर 12 एवं 13 सहित पूर्वी कोसी तटबंध के 98 किमी स्पर पर नदी का दबाव बना हुआ है। इसी तरह नेपाल प्रभाग के दो एवं भारतीय प्रभाग के एक बिंदु पर कोसी ने दबाव बना दिया है।

सहरसा में भी कोसी का जलस्राव एक लाख 66 क्यूसेक दर्ज किया गया है। नवहट्टा प्रखंड के मुरली, देवका और हाटी में कटाव शुरू है। कटाव के भय से लगभग एक दर्जन परिवारों ने गांव छोड़ दिया है। सहरसा में वज्रपात से एक व्यक्ति की मौत हो गई। दो झोपड़ियां भी इस कारण जल गई हैं। मधेपुरा जिले में भी कोसी का जलस्तर बढ़ा है और इसकी सहायक नदियों में पानी प्रवेश कर गया है।

अररिया में पलासी प्रखंड क्षेत्र से होकर बहने वाली बकरा व रतवा नदियों में मंगलवार को आए उफान से नदी का पानी सात पंचायतों के दर्जनों गांव में फैल गया है। रतवा नदी के किनारे एक पुलिया भी क्षतिग्रस्त हो गई। कई सड़कों पर पानी बहने के कारण आवागमन प्रभावित हो गया है। कई अन्य नदियां भी यहां उफान पर हैं।

किशनगंज में महानंदा, कनकई, रेतुआ व मेची सहित सभी नदियों के जलस्तर में तेजी से बढ़ोतरी हुई है। कटिहार में भी गंगा, कोसी व महानंदा नदी के जलस्तर में वृद्धि दर्ज की गई है। महानंदा खतरे के निशान से ऊपर बह रही है। पूर्णिया में महानंदा, कनकई, बकरा और परमान का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर आ गया है।

Edited By: Shivam Bajpai