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दीपावली से छठ तक तेजी से बदलेगा मौसम; अर्घ्य के समय गंगा घाटों पर बढ़ेगी कनकनी, 28 अक्टूबर से चक्रवाती सिस्टम पर नजर

Published: Fri, 23 Oct 2026 05:59 AM (IST)

Bihar Weather Update: भागलपुर में दीपावली से छठ तक मौसम में बड़ा बदलाव आएगा, जिससे गंगा घाटों पर अर्घ्य के ...और पढ़ें

Bihar Weather Update: दीपावली से गिरेगा पारा, छठ पर कांपेंगे श्रद्धालु; कड़ाके की ठंड के संकेत

Bihar Weather Update: दीपावली से गिरेगा पारा, छठ पर कांपेंगे श्रद्धालु; कड़ाके की ठंड के संकेत

HighLights

  1. दीपावली-छठ के दौरान भागलपुर में मौसम बदलेगा, ठंड बढ़ेगी।

  2. गंगा घाटों पर अर्घ्य के समय कनकनी और सिहरन महसूस होगी।

  3. दिसंबर-जनवरी में कड़ाके की ठंड और तीव्र शीतलहर की संभावना।

जागरण संवाददाता, भागलपुर। Bihar Weather Update: दीपावली की जगमगाती रोशनी और लोक आस्था के महापर्व छठ के दौरान इस बार भागलपुर और आसपास के इलाकों में मौसम पूरी तरह करवट ले सकता है। कई वर्षों के अंतराल के बाद इस साल छठ के अवसर पर अहले सुबह अर्घ्य देने वाले व्रतियों और श्रद्धालुओं को गंगा घाटों पर तेज कनकनी और सिहरन भरी ठंड का सामना करना पड़ सकता है।

बीते 15 अक्टूबर के बाद से ही भागलपुर के न्यूनतम और अधिकतम तापमान में उल्लेखनीय अंतर दर्ज किया जा रहा है, जहाँ दिन में खिली धूप के बीच गर्माहट और सुबह-शाम की ठंडक आने वाली कड़ाके की सर्दी की दस्तक दे रही है।

28 अक्टूबर के आसपास चक्रवाती सिस्टम पर नजर

मौसम वैज्ञानिकों के ताजा विश्लेषण के अनुसार, अक्टूबर के अंतिम सप्ताह में मौसमी गतिविधियों में बड़े फेरबदल की संभावना है। 28 अक्टूबर के आसपास एक नया चक्रवाती सिस्टम विकसित होने के शुरुआती संकेत मिल रहे हैं।

हालांकि, इस मौसमी प्रणाली के लैंडफॉल (तट से टकराने), उसकी सटीक दिशा और बिहार व भागलपुर पर पड़ने वाले प्रत्यक्ष प्रभाव का सटीक आकलन करना अभी जल्दबाजी होगी। मौसम विभाग के अधिकारियों का कहना है कि आगामी दो से तीन दिनों में स्थिति और साफ हो जाएगी, जिसके बाद विस्तृत बुलेटिन जारी किया जाएगा।

गंगा घाटों पर अर्घ्य के समय सताएगी कनकनी, गर्म कपड़े होंगे जरूरी

इस वर्ष दीपावली 8 नवंबर को और चार दिवसीय छठ महापर्व 13 से 16 नवंबर तक मनाया जाएगा। छठ महापर्व के दौरान व्रती और श्रद्धालु भगवान भास्कर को पहला व दूसरा अर्घ्य देने के लिए अहले सुबह ही गंगा घाटों पर पहुंचते हैं।

वैज्ञानिकों का आकलन है कि नवंबर के दूसरे सप्ताह में न्यूनतम तापमान में अच्छी-खासी गिरावट आ चुकी होगी। ऐसे में सूर्योदय से पहले नदी के किनारे चलने वाली आर्द्र व ठंडी हवाएं सिहरन को काफी बढ़ा देंगी। विशेष रूप से बच्चों और बुजुर्ग श्रद्धालुओं के लिए जैकेट, स्वेटर और शॉल साथ रखना अनिवार्य होगा।

दिसंबर-जनवरी में तीव्र ठंड और शीतलहर के संकेत: मौसम विज्ञानी

भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD), भागलपुर केंद्र के मौसम विज्ञानी अनुपम नाहर ने बताया कि अक्टूबर के शेष दिनों में दिन के समय सामान्य तापमान और सुबह-रात के समय हल्की ठंड का मिला-जुला असर बना रहेगा। नवंबर के पहले पखवाड़े से रात का पारा तेजी से नीचे लुढ़केगा, जिससे ठंड का दायरा बढ़ेगा।

वहीं, नवंबर के दूसरे पखवाड़े में सुबह और रात में ठिठुरन बढ़ जाएगी। उन्होंने बताया कि वैश्विक समुद्री और वायुमंडलीय परिस्थितियों के शुरुआती संकेत दर्शा रहे हैं कि इस वर्ष दिसंबर और जनवरी के महीनों में बिहार में सामान्य से अधिक कड़ाके की ठंड पड़ेगी और कई दिनों तक तीव्र शीतलहर की स्थिति बन सकती है।