Bhagalpur News: बस सात दिनों का इंतजार, प्रणव कुमार को मिलेगा जिला परिषद के अध्यक्ष का प्रभार
भागलपुर में जिला परिषद अध्यक्ष के प्रभार के लिए उपाध्यक्ष प्रणव कुमार (Pranav Kumar) को सात दिन इंतजार करना होगा। नियमानुसार, अध्यक्ष के त्यागपत्र के बाद सात दिन का इंतजार अनिवार्य है, जिसके बाद राज्य निर्वाचन आयोग को रिक्ति की सूचना भेजी जाएगी। इस बीच, अनंत कुमार और विपिन मंडल अध्यक्ष पद की दौड़ में हैं, दोनों ही सदस्यों का समर्थन जुटाने में लगे हैं। उपाध्यक्ष प्रणव कुमार ने विकास कार्यों को प्राथमिकता देने की बात कही है।

कार्यालय में पत्र का इंतजार करते जिप उपाध्यक्ष प्रणव कुमार। फोटो जागरण
जागरण संवाददाता, भागलपुर। जिला परिषद अध्यक्ष के प्रभार के लिए उपाध्यक्ष को सात दिनों का इंतजार करना पड़ेगा। सातवें दिन ही राज्य निर्वाचन आयोग को अध्यक्ष पद खाली होने की सूचना भेजी जाएगी। वहीं, उपाध्यक्ष प्रणव कुमार अध्यक्ष पद का प्रभार ग्रहण करने के लिए पूरे दिन अपने कक्ष में बैठे रहे, लेकिन जिला पंचायती राज विभाग की ओर से कोई पदभार ग्रहण करने से संबंधित पत्र नहीं आया।
उपाध्यक्ष उप विकास आयुक्त सह जिला परिषद के मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी को इस संबंध फोन भी किया, लेकिन उन्होंने फोन नहीं उठाया। इसके बाद उन्होंने जिला पंचायती राज पदाधिकारी से बात की।
जिला पंचायती राज पदाधिकारी ने उपाध्यक्ष Pranav Kumar को बताया कि नियम के मुताबिक अध्यक्ष के त्यागपत्र के बाद सात दिनों का इंतजार करना पड़ता है। इसके बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी।
इधर, राज्य निर्वाचन आयोग को अध्यक्ष का पद खाली होने से संबंधित पत्र तैयार कर लिया गया है। समय पूरा होते ही रिक्ति से संबंधित जानकारी भेज दी जाएगी। जिला पंचायती राज पदाधिकारी विकास कुमार ने बताया कि अध्यक्ष के त्यागपत्र के बाद दिनों का इंतजार किया जाएगा।
सात दिन पूरा होने के बाद राज्य निर्वाचन आयोग को रिक्ति से संबंधित जानकारी भेज दी जाएगी। पद रिक्त होने के बाद उपाध्यक्ष को स्वत: ही अध्यक्ष का प्रभार मिल जाता है। उपाध्यक्ष बैठक आदि आयोजित करा सकते हैं।
अनंत कुमार व विपिन मंडल अध्यक्ष की दौड़ में
जिला परिषद का एक वर्ष से भी कम का कार्यकाल बचा है। मिथुन कुमार के अध्यक्ष के पद से त्यागपत्र देने के बाद पूर्व अध्यक्ष अनंत कुमार और विपिन कुमार मंडल अध्यक्ष की दौड़ में हैं। दोनों ही पर्याप्त सदस्यों के समर्थन का दावा कर रहे हैं।
अनंत कुमार दावा है कि उनके पास 23 सदस्यों का समर्थन है। वहीं, विपिन कुमार मंडल ने 18 सदस्यों के समर्थन का दावा किया है। राज्य निर्वाचन आयोग से चुनाव की तिथि घोषित होने के बाद ही पता चलेगा कि किनका दावा मजबूत है। दोनों की ओर से जोड़-तोड़ का खेल शुरू हो गया है।
दोनों ही सदस्य अधिक से अधिक सदस्यों को अपने पाले में कर रहे हैं। विपिन कुमार मंडल मिथुन कुमार को अध्यक्ष बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। उपाध्यक्ष प्रणव कुमार ने अपने को अध्यक्ष की दौड़ से बाहर बताया है।
उन्होंने बताया कि अध्यक्ष कोई भी बनें, विकास का कार्य जारी रहना चाहिए। दो महीने से अधिक समय से विकास का कार्य बाधित है। एक वर्ष से भी कम समय बचा है। अगर कार्य शुरू नहीं हुआ तो विकास कार्यों पर असर पड़ेगा। जो कार्य हो चुका है, उसका भी भुगतान रूका हुआ है।

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