संवाद सहयोगी, भागलपुर। Bhagalpur Weather: घनघोर घटा के बीच मंगलवार की सुबह से ही जारी है रिमझिम फुहार। उस पर पुरवइया हवा की तेज रफ्तार मौसम को ठंडक पूर्ण बना दिया है। बुधवार को भी बारिश जारी है। हालांकि बार‍िश हल्‍की हो रही है। आज सुबह से शाम तक धूप नहीं निकला। ऐसे तो मौसम दो-तीन दिनों से अपने मिजाज में बदलाव कर दिया है। लेकिन आज मंगलवार को तो भागलपुर और आसपास के क्षेत्र में मानसून सक्रिय दिख रहा है। हालांकि बिहार कृषि विश्वविद्यालय के ग्रामीण कृषि मौसम सेवा की माने तो तेज रफ्तार बारिश होने की उम्मीद नहीं है। उसके बावजूद अभी कई दिनों तक जहां-तहां बादल के गर्जन के भी बीच बिजली के चमक के साथ रिमझिम फुहार पड़ेगी। हवा की गति तेज होगी जिससे मौसम में ठंडक बना रहेगा। लगातार बढ़ रहे तापमान पर बदले मौसम के मिजाज ने विराम लगा दिया है।

तपती दोपहरी और उमस भरी गर्मी से आम लोग राहत महसूस करने लगे हैं। पथों से उड़ रही धूल से भी निजात मिल गया है। बाढ़ के पानी में डूबी हरियाली जहां मुरझा कर मृतप्राय हो गई थी। बारिश की बूंदों ने उसे जीवंत कर दिया है। चारों ओर हरा भरा दिखने लगा है। बताया गया कि खेती किसानी के लिए भी यह हल्की बारिश वरदान से कम नहीं है। जहां रवि की फसल में सिंचाई कम लगेगी वही सब्जी भी बारिश की बूंदों से लह लह आएगी। अर्थात यूं कहें कि मौसम का मिजाज प्रकृति जीव और मानव के लिए सुखद एहसास करा रहा है।

भागलपुर शहर और आसपास में ऐसा ही मौसम अभी कई दिनों तक बने रहने की संभावना बताई जा रही है। सनद हो कि इस बार मानसून समय पर दस्तक दिया और अच्छी बारिश भी हुई। ऐसे पिछले अगस्त माह में सबसे कम बारिश हुई जो कई वर्षों के एवरेज से कम है। बारिश के कारण शहर में बज बजाहट हो गई है।

मुंगेर में मौसम का मिजाज बुधवार को दूसरे दिन भी बदला हुआ है। रुक-रुक कर हल्की बारिश हो रही है। हवा भी चल रही है। अधिकतम तापमान 29 और न्यूनतम तापमान 25 डिग्री सेल्सियस है। अररिया में मौसम बदल गया है। तेज हवा चल रही है। बादल है। बारिश की संभावना बनी हुई है। सहरसा में बुधवार को भो मौसम ठंडा है। ठंडी हवाएं चल रही हैं। बारिश की सम्भावना बनी हुई है। जमुई में सुबह से ही हल्की बारिश हो रही है। मौसम ठंडा है। अधिकतम तापमान 28 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम 25 डिग्री है। किशनगंज में मौसम साफ है धूप खिली हुई है। कटिहार में मौसम साफ है। धूप खिली है।

Edited By: Dilip Kumar Shukla