संवाद सूत्र, सत्तरकटैया (सहरसा)। बुधवार की शाम से लगे कोहरे का असर गुरुवार की सुबह भी दिखा। कोहरे के कारण जहां वाहन परिचालन में समस्या होती रही वहीं कई छोटी-मोटी दुर्घटनाएं भी हुई। मौसम विज्ञानियों के अनुसार आने वाले तीन दिनों तक कोहरे का प्रकोप रहेगा। इससे रबी पर भी इसका असर होगा।

धान कटाई के साथ खेतों की तैयारी एवं बुआई होने के कारण वर्तमान में कोहरा का फसल पर कोई प्रभाव नहीं पर सकता है। हालांकि कुछ क्षेत्रों में लगाए गए आलू व सरसों फसल को जहां थोड़ी परेशानी होगी। आलू एवं सरसों की फसल जमीन से ऊपर आ चुकी है तथा तापमान गिरने की वजह से फसलों में फफूंद जनित बीमारियों का खतरा बढ़ सकता है।

तीन दिनों तक छाया रहेगा कोहरा

मंडन भारती कृषि महाविद्यालय अगवानपुर के मौसम विज्ञानी डा. संतोष कुमार के अनुसार आसमान में बादल छाए रहने के कारण तीन दिनों तक देर शाम के बाद सुबह दस बजे तक कोहरा छाए रहने का पूर्वानुमान है। इसके बाद स्थिति सामान्य होने की संभावना है। इस दौरान ठंड भी बढ़ेगी।

कोहरा से नहीं है कोई खतरा

कृषि महाविद्यालय अगवानपुर के कृषि विज्ञानी डा. पंकज कुमार ने बताया कि धान फसल की कटाई के साथ खेतों की तैयारी एवं रबी फसल की बुआई होने होने के कारण वर्तमान में पडऩे वाले कोहरा का फसल पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा। हालांकि लगातार एक हफ्ते तक घना कोहरा और पाला पड़ता रहा तो अग्रतर लगाए गए आलू की फसल पर झुलसा रोग हो सकता है। इस रोग में आलू के पौधे की पत्ती पर धब्बे आ जाते हैं। इससे फसल को नुकसान होता है। इस रोग से बचाने के लिए किसानों को मैंकेजिप दवा का स्प्रे करना चाहिए। यह दवा एक लीटर पानी में दो ग्राम मिलाकर छिड़काव करना है। इससे फसल को नुकसान होने से बच जाएगा। जबकि गेहूं फसल पर इसका कोई असर नहीं होता है। इस कोहरे और पाले से गेहूं की फसल को लाभ होता है। इस मौसम में गेहूं की फसल को नमी मिलती है।

Edited By: Dilip Kumar Shukla