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पुल टूटा, बाढ़ आई तो धड़ाम हुआ टोल टैक्स! भागलपुर बायपास पर 79% गिरा कलेक्शन, NHAI और एजेंसी को करोड़ों की चपत

Published: Wed, 16 Sep 2026 12:22 PM (IST)

Bhagalpur Bypass Toll Plaza Collection Loss: भागलपुर में विक्रमशिला सेतु के क्षतिग्रस्त होने, कौआ पुल बंद होने और बाढ़ के ...और पढ़ें

Bhagalpur Bypass Toll Plaza Collection Loss: विक्रमशिला सेतु क्षतिग्रस्त होने और बाढ़ के बाद एनएचएआई को दोहरा झटका; टोल कलेक्शन में भारी गिरावट, एजेंसी को नुकसान

Bhagalpur Bypass Toll Plaza Collection Loss: विक्रमशिला सेतु क्षतिग्रस्त होने और बाढ़ के बाद एनएचएआई को दोहरा झटका; टोल कलेक्शन में भारी गिरावट, एजेंसी को नुकसान

HighLights

  1. विक्रमशिला सेतु क्षतिग्रस्त होने से टोल राजस्व में भारी गिरावट।

  2. बाढ़ के कारण कलेक्शन में अतिरिक्त 38.46% की और कमी।

  3. एनएचएआई का दैनिक अनुबंध 6.25 लाख से 1.30 लाख हुआ।

जागरण संवाददाता, भागलपुर। Bhagalpur Bypass Toll Plaza Collection Loss:भागलपुर में विक्रमशिला सेतु के क्षतिग्रस्त होने, कौआ पुल के बंद होने और हालिया विनाशकारी बाढ़ के चलते भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) को दोहरा बड़ा आर्थिक झटका लगा है। तीन मई को विक्रमशिला सेतु के क्षतिग्रस्त होकर बंद होने के बाद भागलपुर बायपास टोल प्लाजा के दैनिक राजस्व में पहले की तुलना में सीधे 79.2 प्रतिशत की भारी गिरावट दर्ज की गई थी।

वहीं, हाल के दिनों में आई बाढ़ के बाद इस घटे हुए कलेक्शन में भी 38.46 प्रतिशत की अतिरिक्त गिरावट आ गई है। इस दोहरी मार से टोल प्लाजा का पूरा अर्थशास्त्र चरमरा गया है। हालात को देखते हुए एनएचएआई ने टोल कलेक्शन एजेंसी द्वारा प्राधिकरण को प्रतिदिन दी जाने वाली निर्धारित राशि में लगभग पांच लाख रुपये की भारी कटौती कर दी है।

  • विक्रमशिला सेतु के क्षतिग्रस्त होने, कौआ पुल बंद होने और गंगा-कोसी की बाढ़ से NHAI को लगा दोहरा आर्थिक झटका

  • 3 मई को सेतु बंद होने के बाद बायपास टोल प्लाजा के कलेक्शन में आई 79.2% की गिरावट, बाढ़ के बाद 38.46% और गिरा राजस्व

  • मुंबई की एजेंसी का अनुबंध 6.25 लाख रुपये से घटकर हुआ 1.30 लाख रुपये प्रतिदिन; अब सिर्फ 80 हजार रुपये की हो रही वास्तविक वसूली

  • एनएचएआई के प्रोजेक्ट डायरेक्टर मनीष कुमार ने की पुष्टि- सेतु के बंद रहने और बाढ़ की स्थिति से टोल प्लाजा पर ट्रैफिक ठप

उल्लेखनीय है कि यह कटौती वाहन चालकों से वसूले जाने वाले शुल्क में नहीं, बल्कि एजेंसी द्वारा एनएचएआई को अनुबंध के तहत दिए जाने वाले दैनिक राजस्व में की गई है। इस बड़ी राहत के बावजूद वर्तमान में स्थिति इतनी बदतर है कि एजेंसी को 24 घंटे में मुश्किल से 80 हजार रुपये तक का ही वास्तविक टोल कलेक्शन मिल पा रहा है।

6.25 लाख प्रतिदिन से 1.30 लाख पर सिमटा अनुबंध

टोल प्लाजा कर्मियों और आधिकारिक सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, मुंबई की एसएस मल्टीसर्विस एजेंसी को बीते नवंबर माह में करीब 6.25 लाख रुपये प्रतिदिन एनएचएआई को भुगतान करने की शर्त पर टोल संचालन का ठेका मिला था। तीन मई को क्षतिग्रस्त विक्रमशिला सेतु पर भारी वाहनों का परिचालन बंद होते ही बायपास से गुजरने वाले ट्रकों और भारी वाहनों का पहिया पूरी तरह थम गया। नतीजतन, एजेंसी को रोजाना करीब पांच लाख रुपये का सीधा नुकसान उठाना पड़ने लगा। भारी घाटे के कारण मई में एजेंसी ने ठेका सरेंडर करने की लिखित पेशकश कर दी थी। इसके बाद जून में सिंगल बिड आने पर एजेंसी को अस्थायी विस्तार दिया गया।

जुलाई में जारी नए अल्पकालिक टेंडर में तीन कंपनियों ने हिस्सा लिया, जिसमें एसएस मल्टीसर्विस ने ही 1.30 लाख रुपये प्रतिदिन की सर्वाधिक बोली लगाकर संचालन अपने हाथ में रखा। वर्तमान में एनएचएआई को प्रति दिन मात्र 1.30 लाख रुपये ही मिल रहे हैं। यह एजेंसी आगामी नवंबर माह तक टोल वसूली का काम देखेगी।

सेतु बंद होने और बाढ़ से ट्रैफिक डायवर्ट: पीडी एनएचएआई

एनएचएआई के प्रोजेक्ट डायरेक्टर (पीडी) मनीष कुमार ने बताया कि विक्रमशिला सेतु के क्षतिग्रस्त होने के बाद उत्तर और दक्षिण बिहार को जोड़ने वाला मुख्य भारी ट्रैफिक पूरी तरह बाधित हो गया और गाड़ियां दूसरे वैकल्पिक मार्गों पर डायवर्ट हो गईं। इसके तुरंत बाद आई बाढ़ ने क्षेत्रीय आवागमन को भी पूरी तरह प्रभावित कर दिया, जिससे बायपास पर वाहनों की संख्या न्यूनतम स्तर पर आ गई है। जब तक सेतु का पुनर्स्थापन कार्य पूरा होकर भारी वाहनों का परिचालन सामान्य नहीं हो जाता, तब तक बायपास टोल प्लाजा का राजस्व सामान्य होने की उम्मीद नहीं है।