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भागलपुर में 2 पदों का वेतन लेने वाले शिक्षकों पर शिकंजा; DEO का एक हफ्ते का अल्टीमेटम, स्वेच्छा से राशि लौटाने को कहा

Published: Wed, 28 Oct 2026 09:33 PM (IST)

Bhagalpur Teacher Double Salary Recovery: भागलपुर में फर्जी वेतन निकासी मामले के बाद शिक्षा विभाग ने दोहरे पद या अतिरिक्त ...और पढ़ें

Bhagalpur Teacher Double Salary Recovery: भागलपुर में 2 पदों का वेतन लेने वाले शिक्षकों पर शिकंजा! DEO का एक हफ्ते का अल्टीमेटम, स्वेच्छा से राशि लौटाने का आदेश

Bhagalpur Teacher Double Salary Recovery: भागलपुर में 2 पदों का वेतन लेने वाले शिक्षकों पर शिकंजा! DEO का एक हफ्ते का अल्टीमेटम, स्वेच्छा से राशि लौटाने का आदेश

HighLights

  1. प्रभारी डीईओ ने शिक्षकों को एक सप्ताह का अल्टीमेटम दिया।

  2. अतिरिक्त वेतन सरकारी कोष में वापस जमा करना होगा।

  3. गड़बड़ी पाए जाने पर कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

जागरण संवाददाता, भागलपुर। Bhagalpur Teacher Double Salary Recovery: भागलपुर जिले में 98.12 लाख रुपये के बहुचर्चित फर्जी वेतन निकासी मामले के खुलासे के बाद जिला शिक्षा विभाग लगातार सतर्कता बरत रहा है। अब विभाग ने जिले के सरकारी विद्यालयों में कार्यरत उन शिक्षकों पर शिकंजा कसना शुरू कर दिया है, जिन्होंने दो अलग-अलग पदों का वेतन उठाया है अथवा निर्धारित सीमा से अधिक राशि का भुगतान प्राप्त कर लिया है।

प्रभारी जिला शिक्षा पदाधिकारी (डीईओ) महेश प्रसाद ने कड़ा आदेश जारी करते हुए ऐसे सभी शिक्षकों को एक सप्ताह के भीतर अतिरिक्त राशि सरकारी कोष में वापस जमा कराने का अल्टीमेटम दिया है। विभाग ने दो टूक चेतावनी दी है कि जांच में गड़बड़ी पाए जाने पर संबंधित शिक्षकों के खिलाफ कठोर प्रशासनिक व कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

विभागीय सूत्रों के अनुसार, जिले में ऐसे लगभग दो दर्जन से अधिक शिक्षकों के मामले प्रकाश में आने की बात कही जा रही है। जांच की सुई विशेष रूप से गोराडीह, सन्हौला, नारायणपुर, पीरपैंती और शाहकुंड प्रखंडों पर टिकी है, जहां से सर्वाधिक शिकायतें मिलने की सूचना है। हालांकि, ऐसे शिक्षकों की पुख्ता संख्या और कुल अनियमित राशि का आधिकारिक ब्योरा अभी सार्वजनिक नहीं किया गया है।

वर्तमान में मानव संपदा प्रबंधन प्रणाली (एचआरएमएस) पोर्टल के माध्यम से शिक्षकों के सेवा अभिलेखों और वेतन निकासी डाटा का बारीक मिलान किया जा रहा है। जांच पूरी होते ही गड़बड़ी करने वाले शिक्षकों की पूरी सूची सार्वजनिक कर दी जाएगी।

एचआरए, सीटीए और दोहरे पद के वेतन में बड़ा घालमेल

प्रभारी डीईओ की ओर से जिले के सभी प्रधानाध्यापकों, प्रखंड शिक्षा पदाधिकारियों (बीईओ) और जिला कार्यक्रम पदाधिकारियों (डीपीओ) को भेजे गए निर्देश पत्र में पूरे मामले की कार्ययोजना स्पष्ट की गई है। पत्र के अनुसार, प्राथमिक, मध्य, माध्यमिक और उच्च माध्यमिक विद्यालयों में पदस्थापित कुछ शिक्षकों को मकान किराया भत्ता (एचआरए), सीटीए और बकाया वेतन मद में नियमों के विरुद्ध जाकर अतिरिक्त राशि का भुगतान हो गया है।

एक नजर में: वेतन वसूली व विभागीय दिशा-निर्देश

  • जारीकर्ता: प्रभारी जिला शिक्षा पदाधिकारी (DEO) महेश प्रसाद, भागलपुर।

  • अल्टीमेटम अवधि: पत्र जारी होने की तिथि से 01 सप्ताह (7 दिन)।

  • भुगतान वापसी का माध्यम: डिमांड ड्राफ्ट (DD) या बैंकर्स चेक।

  • किसके नाम से देय: जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (स्थापना), भागलपुर।

  • गड़बड़ी के प्रमुख बिंदु: दो पदों (विशिष्ट/विद्यालय अध्यापक व नियोजित) का एक साथ वेतन, एचआरए (HRA), सीटीए (CTA) और बकाया वेतन में अनियमितता।

  • प्रमुख प्रभावित प्रखंड: गोराडीह, सन्हौला, नारायणपुर, पीरपैंती और शाहकुंड।

  • जांच का आधार: मानव संपदा प्रबंधन प्रणाली (HRMS) पोर्टल डाटा मिलान।

इसके अलावा सबसे गंभीर मामला पदों के घालमेल का है। प्रधानाध्यापक, प्रधान शिक्षक, विशिष्ट शिक्षक अथवा विद्यालय अध्यापक (टीआरई) के पद पर योगदान देने के बावजूद पूर्व के नियोजित शिक्षक या विशिष्ट शिक्षक के पद पर भी वेतन निकासी जारी रखने के प्रमाण मिले हैं। प्रभारी डीईओ ने स्पष्ट आदेश दिया है कि प्राप्त अतिरिक्त राशि 'जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (स्थापना), भागलपुर' के पदनाम से देय डिमांड ड्राफ्ट (डीडी) अथवा बैंकर्स चेक के जरिए स्थापना कार्यालय में तत्काल जमा कराएं।

नारायणपुर में 2024 में भी आ चुका है ऐसा मामला

दोहरे वेतन भुगतान का यह कोई पहला मामला नहीं है। वर्ष 2024 में नारायणपुर प्रखंड में ऐसा ही एक वाकया सामने आया था। वहां विशिष्ट शिक्षक के रूप में कार्यरत एक शिक्षिका के बैंक खाते में भूलवश नियोजित शिक्षक के वेतन की राशि भी अंतरित हो गई थी। हालांकि, मामला संज्ञान में आते ही उक्त शिक्षिका ने ईमानदारी का परिचय देते हुए तत्काल अतिरिक्त राशि जिला शिक्षा विभाग के बैंक खाते में वापस जमा करा दी थी।

विभागीय अधिकारियों का कहना है कि जो शिक्षक स्वेच्छा से तय समय-सीमा के भीतर राशि लौटा देंगे, उनके मामले में विचार किया जा सकता है। लेकिन जो जांच में पकड़े जाएंगे, उनके खिलाफ गबन और धोखाधड़ी की धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज कराई जाएगी।

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