प्रभार न सौंपना और कोर्ट जाने की धमकी पड़ी महंगी; भागलपुर की शिक्षिका पिंकी निलंबित, सन्हौला BEO के पास भेजा गया
Bhagalpur Teacher Suspended: कहलगांव प्रखंड की शिक्षिका पिंकी कुमारी को विभागीय आदेशों की अवहेलना और अनुशासनहीनता के आरोप में निलंबित ...और पढ़ें

Bhagalpur Teacher Suspended: कहलगांव में वरीय शिक्षक को प्रभार न सौंपने पर शिक्षिका पिंकी कुमारी निलंबित, सन्हौला बीईओ कार्यालय तबादला
HighLights
शिक्षिका पिंकी कुमारी को तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया।
विभागीय आदेशों का उल्लंघन और अनुशासनहीनता के आरोप।
वरिष्ठ शिक्षक को प्रभार सौंपने से किया था इनकार।
जागरण संवाददाता, भागलपुर। Bhagalpur Teacher Suspended: शिक्षा विभाग के उच्चाधिकारियों के निर्देशों की अवहेलना और मनमानी करना एक शिक्षिका को भारी पड़ गया। कहलगांव प्रखंड अंतर्गत मध्य विद्यालय रामपुर की शिक्षिका पिंकी कुमारी को विद्यालय के वरीय शिक्षक को प्रभार न सौंपने, विभागीय आदेशों का उल्लंघन करने, अनावश्यक विवाद उत्पन्न करने और अनुशासनहीनता बरतने के गंभीर आरोप में तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।
जिला शिक्षा कार्यालय (स्थापना शाखा) ने जांच रिपोर्ट और स्पष्टीकरण की समीक्षा के बाद निलंबन का आधिकारिक आदेश जारी कर दिया है। निलंबन अवधि के दौरान शिक्षिका का मुख्यालय प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी (बीईओ), सन्हौला का कार्यालय निर्धारित किया गया है। आदेश में स्पष्ट किया गया है कि शिक्षिका के खिलाफ बिहार विद्यालय विशिष्ट शिक्षक नियमावली के सुसंगत प्रावधानों के तहत आगे की विभागीय अनुशासनिक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। इसके लिए उनके विरुद्ध अलग से प्रपत्र 'क' (आरोप पत्र) गठित कर तामील कराया जाएगा।
निरीक्षण में खुली थी पोल, प्रभार देने से किया इनकार
मामले की शुरुआत विद्यालय के औचक निरीक्षण से हुई थी। कहलगांव के प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी (बीईओ) द्वारा जिला मुख्यालय को 31 जुलाई को भेजी गई रिपोर्ट के अनुसार, 18 जुलाई को ही संबंधित शिक्षिका को विद्यालय के वरीयतम शिक्षक को विधिवत प्रभार सौंपने का स्पष्ट लिखित आदेश दिया गया था। विद्यालय के प्रशासनिक व शैक्षणिक निरीक्षण के दौरान कई गंभीर वित्तीय व प्रबंधकीय अनियमितताएं उजागर हुई थीं, जिसके बाद प्रशासनिक सुगमता के लिए वरीय शिक्षक को कमान सौंपने का निर्णय लिया गया था।
कहलगांव प्रखंड के मध्य विद्यालय रामपुर की शिक्षिका पिंकी कुमारी अनुशासनहीनता और आदेश की अवहेलना में तत्काल प्रभाव से निलंबित
विद्यालय के वरीय शिक्षक को प्रभार हस्तगत नहीं कराने और अनावश्यक विवाद खड़ा करने पर जिला शिक्षा विभाग ने जारी किया आदेश
निलंबन अवधि के दौरान प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी (बीईओ) सन्हौला का कार्यालय तय किया गया शिक्षिका का मुख्यालय
स्पष्टीकरण में कोर्ट जाने की बात कही थी शिक्षिका ने; विभाग ने जवाब को असंतोषजनक पाते हुए आरोप पत्र गठित करने का दिया निर्देश
इससे पूर्व भी 18 दिसंबर 2025 को किए गए विभागीय निरीक्षण के दौरान पाई गई कमियों के आधार पर शिक्षिका के विरुद्ध विभागीय कार्रवाई की अनुशंसा करते हुए पत्राचार किया गया था। बावजूद इसके, शिक्षिका ने वरीय अधिकारी के निर्देशों को दरकिनार करते हुए प्रभार सौंपने से लगातार टालमटोल किया।
कोर्ट जाने की चेतावनी दी, विभाग ने माना असंतोषजनक
बार-बार आदेश की अनदेखी किए जाने पर शिक्षा विभाग ने शिक्षिका पिंकी कुमारी से बिंदुवार स्पष्टीकरण तलब किया था। अपने जवाब में शिक्षिका ने विभागीय निर्णय पर ही सवाल खड़े कर दिए। उन्होंने अपनी प्रोन्नति लंबित होने और दूसरे जिलों से स्थानांतरित होकर आए शिक्षकों की वरीयता निर्धारण को लेकर विभाग से स्थिति स्पष्ट करने की मांग की। साथ ही उन्होंने यह भी तर्क दिया कि यदि उन्हें जबरन प्रभार सौंपने के लिए विवश किया गया, तो वे न्याय के लिए सक्षम न्यायालय की शरण लेंगी।
शिक्षा विभाग के सक्षम प्राधिकार ने शिक्षिका द्वारा दिए गए स्पष्टीकरण को पूरी तरह से गैर-जिम्मेदाराना, निराधार और अनुशासनहीनता की श्रेणी में माना। विभाग ने पाया कि वरीय अधिकारी के वैध आदेश को चुनौती देना और कार्य में बाधा उत्पन्न करना सेवा आचरण नियमावली का सीधा उल्लंघन है। इसके बाद सक्षम स्तर से अनुमोदन प्राप्त कर शिक्षिका को निलंबित करने का सख्त फैसला लिया गया।
