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स्टीमर का स्टेयरिंग फेल; भागलपुर में गंगा के बीच धार में 40 मिनट अटकी सांसें, यात्रियों में मची रही भारी अफरातफरी

Published: Sun, 25 Oct 2026 12:58 AM (GMT+05:30)

Bhagalpur Ganga Ferry Steering Failure: भागलपुर में गंगा नदी के बीच धार में एक स्टीमर का स्टेयरिंग फेल हो गया, ...और पढ़ें

Bhagalpur Ganga Ferry Steering Failure: भागलपुर में गंगा की बीच धार में स्टीमर का स्टेयरिंग फेल

Bhagalpur Ganga Ferry Steering Failure: भागलपुर में गंगा की बीच धार में स्टीमर का स्टेयरिंग फेल

HighLights

  1. स्टीमर का स्टेयरिंग फेल होने से यात्रियों में दहशत।

  2. क्रू मेंबर्स ने लंगर डालकर स्टीमर को स्थिर रखा।

  3. 40 मिनट बाद तकनीकी सुधार कर यात्री सुरक्षित निकाले।

जागरण संवाददाता, भागलपुर। गंगा नदी के जलस्तर में हो रही लगातार गिरावट के बीच शनिवार को भागलपुर में संचालित फेरी सेवा के दौरान बड़ा हादसा होते-होते टल गया। जाह्नवी चौक से बियाडा घाट आ रही दिन की अंतिम स्टीमर का स्टेयरिंग बीच धार में अचानक फेल हो गया।

शाम के धुंधलके में तेज बहाव के बीच स्टीमर का नियंत्रण खोते ही सवार दर्जनों यात्रियों की सांसें अटक गईं और नाव पर चीख-पुकार व अफरातफरी की स्थिति बन गई। क्रू मेंबर्स की त्वरित सूझबूझ से भारी लंगर (एंकर) गिराकर स्टीमर को नदी के बीच में ही करीब 40 मिनट तक स्थिर रखा गया, जिसके बाद तकनीकी सुधार कर सभी को सुरक्षित किनारे लाया जा सका।

40 मिनट तक लंगर के सहारे अटकी रही स्टीमर

जानकारी के अनुसार, शनिवार शाम छह बजे के बाद दिन की अंतिम स्टीमर जाह्नवी चौक से सवारियों को लेकर बियाडा घाट के लिए खुली थी। बियाडा घाट पहुंचने से कुछ ही दूरी पहले अचानक स्टीमर के स्टेयरिंग ने काम करना बंद कर दिया। नदी की तेज जलधारा में स्टीमर के अनियंत्रित होने के खतरे को भांपते हुए चालक दल ने फौरन आपातकालीन एंकर पानी में गिरा दिया।

करीब 40 मिनट तक बीच नदी में लंगर के सहारे बोट थमी रही और इस दौरान अंदर फंसे यात्रियों के बीच भारी दहशत का माहौल रहा। क्रू मेंबर्स की लगातार मशक्कत के बाद स्टेयरिंग का तकनीकी अवरोध दूर हुआ और नियंत्रण बहाल होने पर स्टीमर को सुरक्षित बियाडा घाट की जेटी से लगाया गया, तब जाकर यात्रियों ने राहत की सांस ली।

दोपहर में आपस में टकराए थे दो जहाज

इससे पहले दोपहर में भी घाट पर एक अप्रिय स्थिति उत्पन्न हुई थी। करीब 12:46 बजे बियाडा घाट पर एक जहाज को लगाने और दूसरे को खोलने के दौरान दोनों जहाजों के फर्श आपस में टकरा गए। हालांकि इस टक्कर में किसी प्रकार का बड़ा नुकसान नहीं हुआ, लेकिन अचानक हुए तेज झटके से कुछ देर के लिए सवार यात्री बुरी तरह घबरा गए।

जलस्तर घटने से बढ़ी दूरी, शाम को उमड़ा यात्रियों का रेला

गंगा के जलस्तर में निरंतर कमी आने के कारण तट से जेटी तक पहुंचने का फासला काफी बढ़ गया है, जिससे यात्रियों को पैदल चलने में परेशानी उठानी पड़ रही है। इसके बावजूद शनिवार सुबह से परिचालन सामान्य रूप से जारी रहा।

रविवार की साप्ताहिक छुट्टी को देखते हुए शाम होते ही घर लौटने वाले प्रवासियों और स्थानीय मुसाफिरों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। दोपहर बाद चार बजे के आसपास स्थिति यह रही कि यात्रियों के बढ़ते दबाव को नियंत्रित करने के लिए महज एक घंटे के भीतर तीन जहाजों को बारी-बारी से रवाना करना पड़ा।