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भागलपुर रेलवे जंक्शन पर नहीं मिला टॉयलेट तो ट्रेन में चढ़ी महिला; गाड़ी खुलते ही चलती बोगी से कूदी, रेलवे ने मांगी माफी

Published: Sun, 20 Sep 2026 10:29 PM (IST)

Bhagalpur Railway Station Platform 2 3 Toilet Issue: भागलपुर रेलवे जंक्शन के प्लेटफॉर्म 2-3 पर शौचालय न होने के कारण ...और पढ़ें

Bhagalpur Railway Station Platform 2 3 Toilet Issue: भागलपुर स्टेशन के प्लेटफार्म 2-3 पर शौचालय नहीं, चलती ट्रेन से कूदी महिला यात्री; सीपीआरओ बोले- जल्द होगा समाधान

Bhagalpur Railway Station Platform 2 3 Toilet Issue: भागलपुर स्टेशन के प्लेटफार्म 2-3 पर शौचालय नहीं, चलती ट्रेन से कूदी महिला यात्री; सीपीआरओ बोले- जल्द होगा समाधान

HighLights

  1. भागलपुर प्लेटफॉर्म 2-3 पर शौचालय न होने से यात्री परेशान।

  2. महिला यात्री को चलती ट्रेन से कूदना पड़ा, गंभीर हादसा टला।

  3. रेलवे ने माफी मांगी, वैकल्पिक व्यवस्था का दिया आश्वासन।

जागरण संवाददाता, भागलपुर। Bhagalpur Railway Station Platform 2 3 Toilet Issue: पूर्व रेलवे के मालदा रेल मंडल अंतर्गत ए-वन श्रेणी के भागलपुर रेलवे जंक्शन पर बुनियादी नागरिक सुविधाओं का घोर अभाव यात्रियों की जान पर भारी पड़ने लगा है। जंक्शन के व्यस्त प्लेटफार्म संख्या दो और तीन पर शौचालय की व्यवस्था नहीं होने के कारण बुधवार को एक बड़ा रेल हादसा होते-होते टल गया।

प्लेटफार्म पर शौचालय न मिलने से परेशान एक महिला यात्री खड़ी ट्रेन के टॉयलेट का उपयोग करने बोगी में चढ़ गई। इसी बीच ट्रेन चल पड़ी और घबराहट में महिला को चलती बोगी से ही नीचे छलांग लगानी पड़ी। इस गंभीर चूक और यात्रियों को हुई भारी परेशानी को लेकर रेलवे प्रशासन ने खेद व्यक्त करते हुए आधिकारिक तौर पर माफी मांगी है।

मिली जानकारी के अनुसार, प्लेटफार्म संख्या दो-तीन पर शौचालय की सुविधा नहीं होने से यात्रियों को फुटओवर ब्रिज (एफओबी) चढ़कर प्लेटफार्म नंबर एक पर जाना पड़ता है। शारीरिक रूप से असमर्थ अथवा आपात स्थिति में यात्री अक्सर प्लेटफार्म पर खड़ी ट्रेनों के बायो-टॉयलेट का सहारा लेते हैं। बुधवार को मुजफ्फरपुर जाने वाली जनसेवा एक्सप्रेस प्लेटफार्म पर खड़ी थी। इसी दौरान दो महिला यात्री शौचालय का उपयोग करने के लिए बोगी में सवार हुईं।

  • भागलपुर रेलवे जंक्शन के प्लेटफार्म संख्या 2-3 पर शौचालय न होने से महिला व बुजुर्ग यात्रियों की बढ़ी फजीहत

  • प्लेटफार्म पर खड़ी जनसेवा एक्सप्रेस के टॉयलेट में गई महिला यात्री; गाड़ी खुलते ही जल्दबाजी में चलती बोगी से नीचे कूदी

  • यात्री की जान जोखिम में पड़ने की घटना पर रेल प्रशासन ने जताया गहरा खेद, असुविधा के लिए मांगी आधिकारिक माफी

  • पूर्व रेलवे के सीपीआरओ ने दिया भरोसा: प्लेटफार्म 2-3 पर यात्रियों के लिए तुरंत सुनिश्चित की जाएगी वैकल्पिक व्यवस्था

सिग्नल होते ही खुली गाड़ी, चलती ट्रेन से लगाई छलांग

महिलाएं अभी शौचालय का उपयोग कर ही रही थीं कि अचानक ट्रेन का सिग्नल ग्रीन हो गया और जनसेवा एक्सप्रेस धीरे-धीरे गति पकड़ने लगी। ट्रेन को गति पकड़ते देख दोनों महिलाओं में अफरातफरी मच गई। नीचे उतरने की जल्दबाजी में एक महिला यात्री ने चलती ट्रेन से ही प्लेटफार्म पर छलांग लगा दी। गनीमत रही कि ट्रेन की रफ्तार अभी कम थी और महिला प्लेटफार्म की तरफ गिरी, जिससे वह पटरी के नीचे जाने और किसी बड़े हादसे का शिकार होने से बाल-बाल बच गई। मौके पर मौजूद कुलियों व यात्रियों ने तुरंत दौड़कर महिला को संभाला।

सर्कुलेटिंग एरिया में ताला

स्टेशन के सर्कुलेटिंग एरिया में बने महिला शौचालय में भी अमूमन ताला लटके रहने से यात्रियों को विवश होकर पैसे देकर पे एंड यूज सेवा का रुख करना पड़ता है। विडंबना यह है कि अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत प्लेटफार्म दो-तीन पर सीढ़ियों को चौड़ा करने और लिफ्ट लगाने का काम तो तेज गति से चल रहा है, लेकिन यात्रियों की बुनियादी आवश्यकता यानी शौचालय निर्माण पर वर्षों से ध्यान नहीं दिया गया। यात्री संगठनों ने पहले भी कई बार इसकी शिकायत अधिकारियों से की थी।

जल्द बनेगी वैकल्पिक व्यवस्था

महिला यात्री के चलती बोगी से कूदने और जान जोखिम में पड़ने की इस संवेदनशील घटना को रेल प्रशासन ने गंभीरता से लिया है। रेलवे अधिकारियों ने स्वीकार किया कि प्लेटफार्म पर शौचालय का न होना एक गंभीर समस्या है। यात्रियों को हुई इस असुविधा और लापरवाही के लिए रेलवे ने खेद जताते हुए माफी मांगी है।

"भागलपुर स्टेशन के प्लेटफार्म दो-तीन पर शौचालय न होने के कारण महिला यात्री को हुई असुविधा और उत्पन्न हुई स्थिति के लिए रेलवे खेद प्रकट करता है। यात्रियों की सुरक्षा और सुविधा हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। महिला एवं बुजुर्ग यात्रियों को भविष्य में ऐसी परेशानी का सामना न करना पड़े, इसके लिए प्लेटफार्म पर तत्काल प्रभाव से एक ठोस वैकल्पिक व्यवस्था सुनिश्चित की जा रही है।"

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— शिबराम माझी, सीपीआरओ, पूर्व रेलवे