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हावड़ा-जमालपुर सुपर एक्सप्रेस के पटना विस्तार पर विरोध; चैंबर व इबिया बोले- घटेगा सीट कोटा, भड़के भागलपुर के कारोबारी

Published: Fri, 28 Aug 2026 07:27 PM (IST)

भागलपुर के व्यापारिक संगठन हावड़ा-जमालपुर सुपर एक्सप्रेस के पटना तक विस्तार का विरोध कर रहे हैं। उनका कहना है कि ...और पढ़ें

हावड़ा-जमालपुर सुपरएक्सप्रेस (13071/13072) को पटना तक विस्तारित करने के प्रस्ताव पर ईस्टर्न बिहार इंडस्ट्रीज एसोसिएशन और चैंबर ऑफ कॉमर्स ने जताया कड़ा ऐतराज

हावड़ा-जमालपुर सुपरएक्सप्रेस (13071/13072) को पटना तक विस्तारित करने के प्रस्ताव पर ईस्टर्न बिहार इंडस्ट्रीज एसोसिएशन और चैंबर ऑफ कॉमर्स ने जताया कड़ा ऐतराज

HighLights

  1. हावड़ा-जमालपुर एक्सप्रेस के पटना विस्तार का विरोध।

  2. सीटों की उपलब्धता घटने और समयबद्धता बिगड़ने की चिंता।

  3. भागलपुर से बनारस वंदे भारत ट्रेन की मांग।

जागरण संवाददाता, भागलपुर। हावड़ा-जमालपुर सुपरएक्सप्रेस (ट्रेन संख्या 13071/13072) के पटना तक विस्तार के रेलवे के प्रस्ताव को लेकर भागलपुर और अंग क्षेत्र के व्यापारिक संगठनों का विरोध अब खुलकर सामने आने लगा है। ईस्टर्न बिहार चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज के कड़े रुख के बाद अब 'ईस्टर्न बिहार इंडस्ट्रीज एसोसिएशन' (इबिया) ने भी इस प्रस्ताव पर गहरी चिंता जताते हुए इसका पुरजोर विरोध किया है।

कारोबारी संगठनों का स्पष्ट कहना है कि ट्रेन का मार्ग पटना तक बढ़ाने से भागलपुर और जमालपुर के यात्रियों के लिए आरक्षित सीटों की उपलब्धता घटेगी और ट्रेन की पंक्चुअलिटी (समयबद्धता) पर भी बुरा असर पड़ेगा। इबिया के अध्यक्ष आलोक अग्रवाल ने कहा कि हावड़ा-जमालपुर एक्सप्रेस भागलपुर-जमालपुर क्षेत्र के व्यापारियों, नियमित यात्रियों और कोलकाता जाने वाले आम लोगों के लिए लाइफलाइन के समान है। कोलकाता के थोक बाजारों, व्यावसायिक प्रतिष्ठानों और वहां से आगे की हवाई यात्रा के लिए यह ट्रेन सबसे सुविधाजनक माध्यम है।

उन्होंने जोर देकर कहा कि जिस समय भागलपुर से हावड़ा के लिए और बेहतर रेल कनेक्टिविटी की मांग की जा रही है, वैसे में इस प्रमुख ट्रेन का मार्ग विस्तार करना क्षेत्र के हितों के पूरी तरह खिलाफ है। पटना और हावड़ा के बीच पहले से ही कई ट्रेनें चल रही हैं। यदि रेलवे पटना और भागलपुर के बीच कनेक्टिविटी बढ़ाना चाहता है, तो भागलपुर से वाराणसी वाया पटना वंदे भारत एक्सप्रेस चलाने की लंबे समय से लंबित मांग पर अमल किया जाना चाहिए।

कन्फर्म सीट मिलना होगा मुश्किल, कारोबार पर सीधा असर

चैंबर के सदस्य राजेश बंका ने तकनीकी और व्यावहारिक पहलुओं पर चिंता जताते हुए कहा कि ट्रेन के पटना से संचालित होने पर पटना, बख्तियारपुर, मोकामा और किऊल क्षेत्र के यात्रियों द्वारा आरक्षण का बड़ा कोटा पहले ही भर लिया जाएगा। इसके चलते भागलपुर और जमालपुर के यात्रियों को कन्फर्म बर्थ मिलने में भारी किल्लत का सामना करना पड़ेगा।

इसके अलावा, अतिरिक्त दूरी और व्यस्त रूट से गुजरने के कारण ट्रेन के लेट होने की आशंका हमेशा बनी रहेगी, जिसका सीधा असर स्थानीय व्यापार और नौकरीपेशा यात्रियों पर पड़ेगा।

रेल मंत्री से प्रस्ताव वापस लेने की मांग

चैंबर अध्यक्ष शरद सलारपुरिया भी इस संबंध में केंद्रीय रेल मंत्री को पत्र भेजकर इस प्रस्ताव को अविलंब वापस लेने की मांग कर चुके हैं। उन्होंने कहा कि हावड़ा-जमालपुर एक्सप्रेस इस रेलखंड की बेहद प्रीमियम और भरोसेमंद सेवा है, इसलिए इसके मूल स्वरूप को बनाए रखना अनिवार्य है। चैंबर ने दोहराया कि रेलवे को विस्तार के बजाय भागलपुर से बनारस के बीच नई वंदे भारत ट्रेन शुरू करने पर विचार करना चाहिए।