भागलपुर, जेएनएन। सबौर ग्रिड से निर्बाध वितरण के बावजूद शनिवार को शहर में तीन घंटे बिजली आपूर्ति बाधित रही। इसकी वजह से कई इलाकों में लोगों को पानी की समस्या खड़ी हो गई। जर्जर हाइटेंशन तार टूटने के कारण मायागंज उपकेंद्र के सप्लाई वाटर फीडर का ब्रेकडाउन होने बिजली आपूर्ति बाधित हो गई। शाम पांच बजे से आठ बजे तक आपूर्ति बाधित होने के कारण वाटर वक्र्स बंद रहने के कारण कई इलाकों के लोगों के समक्ष पानी की समस्या खड़ी हो गई। वहीं सिविल सर्जन उपकेंद्र से जुड़े कई इलाकों में दो घंटे बत्ती गुल रही। सुबह साढ़े नौ बजे सिविल सर्जन उपकेंद्र से जुड़े क्षेत्रों की बिजली बाधित हुई। गड़बड़ी को ठीक करने पर दो घंटे बाद 11:30 बजे फीडर को चालू किया गया। वहीं मायागंज फीडर से जुड़े इलाकों की शाम में एक घंटे बत्ती गुल रही। जबकि ट्रिपिंग के कारण दस-पंद्रह मिनट के लिए दिन में भी तीन बार आपूर्ति बाधित हुई। इसकी वजह से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। इससे पूर्व 33 केवी लाइन में खराबी आने से बरारी और मायागंज उपकेंद्र के संबंधित छह दर्जन मोहल्ले में दोपहर एक बजे से दो बजे तक आपूर्ति ठप रही।

दरअसल, घर-घर की आपूर्ति करने वाले तारों की स्थिति खराब है। जर्जर तार गिर रही है। वहीं विद्युत उपकेंद्रों (पावर सब स्टेशन) के भी यही हाल है। दस में अधिकांश उपकेंद्रों के न तो लोड के हिसाब से पावर ट्रांसफार्मरों की क्षमता बढ़ाई गई है और न ही वर्षों पुराने ब्रेकर आदि उपकरण बदले जा सके हैं। मरम्मत कर ब्रेकर आदि उपकरणों से काम चलाया जा रहा है। पिछले 50 सालों में डिस्ट्रीब्यूशन लाइन की स्थिति में खास बदलाव नहीं हुआ है। एक ओर जहां जर्जर तारों के कारण 15 फीसद बिजली बर्बाद हो रहा है, दूसरी ओर ब्रेकडाउन की समस्या खड़ी हो रही है। नतीजा, सबौर ग्रिड से उपपकेंद्रों को पर्याप्त मिलने के बावजूद उपभोक्ताओं को निर्बाध बिजली नहीं मिल रही है। प्रतिदिन दो से तीन घंटे बिजली आपूर्ति बाधित हो रही है।  

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