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भागलपुर-नवगछिया के बीच 3 माह चलेगी नाव व क्रूज सेवा; बिना लाइफ जैकेट नो एंट्री, सुबह 6 से शाम 6 तक चलेगी फेरी

Published: Sat, 26 Sep 2026 11:24 PM (IST)

Vikramshila Setu Repair : विक्रमशिला सेतु की मरम्मत के मद्देनजर भागलपुर और नवगछिया के बीच वैकल्पिक फेरी सेवा की तैयारी ...और पढ़ें

विक्रमशिला सेतु मरम्मत: बरारी और राजंदीपुर घाट से शुरू होगी फेरी सेवा

विक्रमशिला सेतु मरम्मत: बरारी और राजंदीपुर घाट से शुरू होगी फेरी सेवा

HighLights

  1. विक्रमशिला सेतु मरम्मत हेतु भागलपुर-नवगछिया के बीच वैकल्पिक फेरी सेवा शुरू।

  2. यात्रियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता, लाइफ जैकेट अनिवार्य, सुबह 6 से शाम 6 बजे तक।

  3. घाटों पर नियंत्रण कक्ष, अस्थायी थाना, मेडिकल कैंप और सीसीटीवी निगरानी।

जागरण संवाददाता, भागलपुर। Vikramshila Setu Repair : उत्तर और दक्षिण बिहार को जोड़ने वाले लाइफलाइन विक्रमशिला सेतु के पुनर्स्थापन (मरम्मत) कार्य के मद्देनजर जिला प्रशासन ने आम लोगों के सुगम और निर्बाध आवागमन के लिए वैकल्पिक फेरी सेवा की तैयारी को अंतिम रूप देना शुरू कर दिया है।

सेतु के दोनों किनारों के बीच नियमित नाव और क्रूज सेवा शुरू करने की योजना के तहत जिलाधिकारी अलंकृता पांडेय ने नगर निगम, पुलिस, पथ निर्माण, पुल निर्माण, जल संसाधन, परिवहन, स्वास्थ्य और जीविका समेत संबंधित विभागों के अधिकारियों को युद्धस्तर पर व्यवस्थाएं दुरुस्त करने के कड़े निर्देश दिए हैं।

जिलाधिकारी ने हाल ही में बरारी सीढ़ी घाट, बरारी फेरी घाट, सबौर के राजंदीपुर घाट और नवगछिया की ओर जहान्वी चौक घाट का स्थलीय निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया था। डीएम ने निर्देश दिया कि घाटों तक पहुंचने वाले संपर्क मार्गों का चौड़ीकरण व निर्माण निर्धारित मानकों के अनुरूप कराया जाए, ताकि भारी वाहनों और एंबुलेंस आदि के परिचालन में किसी प्रकार का व्यवधान न हो।

साथ ही संपर्क मार्गों पर किए गए सभी अतिक्रमण को तत्काल हटाने, घाटों पर पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था और नियमित स्वच्छता सुनिश्चित करने को कहा गया है।

घाटों पर नियंत्रण कक्ष, अस्थायी थाना और मेडिकल कैंप होंगे स्थापित

फेरी सेवा के दौरान जुटने वाली भारी भीड़ को नियंत्रित करने के लिए सभी प्रमुख घाटों पर लेनवार बैरिकेडिंग की व्यवस्था की जा रही है, जिससे पैदल यात्रियों और वाहनों की कतार अलग-अलग रहे। कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए घाटों पर अस्थायी पुलिस थाना, प्रशासनिक नियंत्रण कक्ष और चौबीसों घंटे चालू रहने वाले चिकित्सा शिविर (मेडिकल कैंप) स्थापित किए जाएंगे।

यात्रियों की सुविधा के लिए प्रतीक्षालय और जीविका दीदी की रसोई का संचालन किया जाएगा। वहीं, सुरक्षा के लिहाज से पूरे घाट परिसर को सीसीटीवी कैमरों की निगरानी में रखा जाएगा। घाट परिसर में किसी भी प्रकार की मशीनरी या अनधिकृत दुकानें लगाने पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा।

बिना लाइफ जैकेट यात्रा पर रोक

प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि फेरी सेवा के दौरान यात्रियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होगी। नावों और क्रूज पर चढ़ने व उतरने के लिए सुगम और सुरक्षित रैंप बनाए जाएंगे। प्रत्येक यात्री के लिए लाइफ जैकेट पहनना अनिवार्य होगा और नाव की निर्धारित क्षमता से एक भी अधिक यात्री बैठाने की अनुमति नहीं होगी। गंगा नदी में किसी भी तकनीकी खराबी या नाव फंसने की आपात स्थिति से त्वरित निपटने के लिए राज्य आपदा मोचन बल (SDRF) का बचाव दल आधुनिक मोटरबोट के साथ निरंतर गश्त पर रहेगा।

6 से 6 बजे तक ही चलेंगी नावें

फेरी सेवा का परिचालन सुबह 6:00 बजे से शाम 6:00 बजे तक ही किया जाएगा। शाम 5:00 बजे के बाद घाटों से नावों को रवाना करने की अंतिम व्यवस्था रखी जाएगी, ताकि शाम 6:00 बजे तक परिचालन पूरी तरह समाप्त हो सके और रात के अंधेरे में गंगा में कोई नौका न रहे। यात्रियों की सुविधा के लिए पारदर्शी कूपन और टिकट वितरण प्रणाली लागू की जाएगी।