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भागलपुर में गंगा किनारे 5 दिनों से अटका MV राजेंद्र प्रसाद; 10 फीट ड्रेजिंग भी नाकाम, गुवाहाटी से आ रहा एयरबैग

Published: Wed, 21 Oct 2026 07:57 PM (IST)

Bhagalpur Tourism Ship MV Rajendra Prasad: भागलपुर के बियाडा घाट पर बिहार राज्य पर्यटन विकास निगम का जहाज 'एमवी राजेंद्र ...और पढ़ें

Bhagalpur Tourism Ship MV Rajendra Prasad: भागलपुर में गंगा का जलस्तर घटने से 5 दिनों से फंसा पर्यटन निगम का जहाज।

Bhagalpur Tourism Ship MV Rajendra Prasad: भागलपुर में गंगा का जलस्तर घटने से 5 दिनों से फंसा पर्यटन निगम का जहाज।

HighLights

  1. एमवी राजेंद्र प्रसाद जहाज पांच दिनों से फंसा।

  2. ड्रेजिंग और टोचन के प्रयास रहे असफल।

  3. गुवाहाटी से आ रहे विशेष एयरबैग से निकलेगा।

जागरण संवाददाता, भागलपुर। Bhagalpur Tourism Ship MV Rajendra Prasad: भागलपुर जिले के बियाडा घाट स्थित जेटी नंबर एक के पूर्वी छोर के समीप गंगा नदी में फंसा बिहार राज्य पर्यटन विकास निगम का जहाज 'एमवी राजेंद्र प्रसाद' पिछले पांच दिनों से गाद और उथले पानी में अटका हुआ है। अंतर्देशीय जलमार्ग प्राधिकरण (IWAI) और तकनीकी दल द्वारा ड्रेजिंग कराने और दूसरे भारी जहाज से खींचने के तमाम प्रयास अब तक बेअसर साबित हुए हैं।

अब इस विशालकाय जहाज को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए अत्याधुनिक 'शिप लॉन्चिंग एयरबैग' तकनीक का सहारा लिया जाएगा, जिसके लिए विशेष एयरबैग असम के गुवाहाटी से मंगवाए जा रहे हैं। तकनीकी विशेषज्ञों के अनुसार जहाज को दोबारा गहरे पानी में उतारने में अभी कम से कम दो दिन का समय और लग सकता है।

10 फीट तक कराई गई ड्रेजिंग

गंगा नदी के जलस्तर में निरंतर हो रही गिरावट के कारण जहाज रेत और गाद में बुरी तरह धंस गया है। अंतर्देशीय जलमार्ग प्राधिकरण ने जहाज को निकालने के लिए पिछले तीन दिनों में युद्धस्तर पर अभियान चलाते हुए जहाज के आसपास करीब 10 फीट गहराई तक ड्रेजिंग कराई, लेकिन पानी का स्तर कम होने की वजह से जहाज अपनी जगह से टस से मस नहीं हुआ।

खींचने की कोशिश भी रही बेअसर

बुधवार को एक अन्य शक्तिशाली जहाज को मौके पर बुलाकर 'एमवी राजेंद्र प्रसाद' को टोचन कर गहरे पानी की ओर खींचने की भरपूर कोशिश की गई, परंतु वह प्रयास भी नाकाम साबित हुआ। अब जहाज के पिछले हिस्से तक भारी अर्थमूवर (जेसीबी) पहुंचाने के लिए नदी तट पर वैकल्पिक रैंप और रास्ता तैयार किया जा रहा है। प्राधिकरण की विशाल ड्रेजिंग मशीन भी मौके पर जहाज के आगे मुस्तैद खड़ी है।

क्या हैं शिप लॉन्चिंग एयरबैग और कैसे करेंगे काम?

जहाज का संचालन कर रही अधिकृत एजेंसी के प्रबंध निदेशक प्रणव कुमार ने बताया कि जहाज को सुरक्षित निकालने के लिए हर तकनीकी विकल्प पर काम किया जा रहा है। गुवाहाटी से विशेष प्रकार के रबर से निर्मित बेलनाकार 'शिप लॉन्चिंग एयरबैग' सड़क मार्ग से मंगाए जा रहे हैं।

Bhagalpur MV Rajendra Prasad Ship Stuck Airbags Coming (1)

रेस्क्यू अभियान

  • जहाज का नाम: एमवी राजेंद्र प्रसाद (बिहार राज्य पर्यटन विकास निगम)।

  • घटनास्थल: बियाडा घाट, जेटी नंबर-1 का पूर्वी छोर, भागलपुर।

  • फंसने की मुख्य वजह: गंगा नदी के जलस्तर में अचानक आई भारी गिरावट व गाद जमा होना।

  • अब तक की कार्रवाई: अंतर्देशीय जलमार्ग प्राधिकरण द्वारा 10 फीट तक ड्रेजिंग, दूसरे जहाज से टोचन का असफल प्रयास।

  • नई तकनीक: गुवाहाटी से आ रहे बेलनाकार हाई-प्रेशर 'शिप लॉन्चिंग एयरबैग' के जरिए पानी में खिसकाने की योजना।

  • संभावित समय: पूरी तरह रेस्क्यू कर परिचालन शुरू करने में 48 घंटे (दो दिन) और लगने का अनुमान।

ये एयरबैग अत्यधिक मजबूत और लचीले मल्टी-लेयर रबर से बने होते हैं। इन्हें जहाज के पेंदे (निचले हिस्से) के नीचे सुनियोजित तरीके से लगाकर कंप्रेसर की मदद से नियंत्रित दबाव में हवा भरी जाएगी। हवा भरते ही जहाज को नीचे से मजबूत लिफ्ट और कुशन मिलेगा, जिससे रोलर के सिद्धांत पर तकनीकी संतुलन बनाते हुए जहाज को धीरे-धीरे सुरक्षित तरीके से गहरे पानी की दिशा में खिसका दिया जाएगा।

जलस्तर घटने से जेटी पर बढ़ी यात्रियों की परेशानी

गंगा के जलस्तर में आई अप्रत्याशित कमी का सीधा असर सामान्य जनजीवन और दैनिक आवागमन पर भी पड़ा है। पानी घटने के कारण किनारे बनी स्थायी जेटी और नदी की मुख्य धारा के बीच की दूरी काफी बढ़ गई है, जिससे नावों और जहाजों तक पहुंचने में लोगों को भारी मशक्कत करनी पड़ रही है। यात्रियों की सुविधा और निर्बाध आवाजाही के लिए प्रशासन जेटी की लंबाई लगातार बढ़ा रहा है।

शारदीय दुर्गापूजा की सरकारी व निजी छुट्टियां समाप्त होने के बाद बुधवार को गंगा पार करने वाले यात्रियों का जबर्दस्त रेला देखा गया। बियाडा घाट प्रबंधन से प्राप्त आंकड़ों के अनुसार, बुधवार दोपहर दो बजे तक ही 8,000 से अधिक यात्री गंगा पार कर चुके थे। गुरुवार को भी नौकरीपेशा और आम यात्रियों की आवाजाही के चलते घाट पर भारी भीड़ उमड़ने की संभावना है।

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