जागरण संवाददाता, भागलपुर। नगर सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव को लेकर गुरुवार को पूरे दिन गहमागहमी रही। अविश्वास प्रस्ताव लाने वाले पार्षद नगर पालिका अधिनियम को जानने के लिए विधि विशेषज्ञों से विमर्श करते रहे। उधर, नगर आयुक्त ने भी कानून विद के साथ नगरपालिका अधिनियम को लेकर चर्चा की। इसके बाद देर शाम विशेष चर्चा के लिए मेयर को पत्र जारी कर दिया।

प्रावधान के अनुसार पत्र जारी होने के 15 दिनों के अंदर मेयर को विशेष चर्चा के लिए तिथि निर्धारित करनी होगी।

नगर निगम गठन के करीब 20 साल हो गए हैं। पूर्व में कभी भी कार्यकाल पूरा होने के 6 माह पहले मेयर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव नहीं लाया गया है। हालांकि अविश्वास प्रस्ताव लाने वाले पार्षदों की अगुवाई कर रहे संजय सिन्हा का कहना है कि इस कार्यकाल में विकास का कार्य कुछ भी नहीं हुआ है। लूट-खसोट मची रही। कई मामले उजागर हो चुके हैं, जिसकी जांच चल रही है। भ्रष्टाचार को लेकर कई दिनों तक पार्षद निगम परिसर में धरना-प्रदर्शन करते रहे, पर कोई फलाफल नहीं निकला। इसके बाद अविश्वास प्रस्ताव लाने के अलावा कोई विकल्प नहीं था। प्रस्ताव लाने में कोई चूक न हो इसके लिए विधि परामर्श लिया जा रहा है।

उधर, नगर आयुक्त द्वारा विचार विमर्श के लिए पत्र जारी कर दिया गया। मेयर के कार्यालय में नहीं रहने के कारण उनके पीए विकास शर्मा से नगर शाखा के कर्मियों ने चिट्ठी रिसीव कराई। जैसे ही मेयर को इस बात की जानकारी हुई तो उन्होंने पीए को तत्काल नगर आयुक्त द्वारा जारी पत्र को वापस करा दिया। साथ ही मेयर के निर्देश पर आगत- निर्गत शाखा की पंजी पर दर्ज खुद के हस्ताक्षर को भी पीए ने काट दिया।

मेयर ने कहा, शुक्रवार को वह स्वयं नगर आयुक्त के पत्र को रिसीव करेंगी। इसके बाद उसका जवाब देंगी। इधर, पार्षद संजय सिन्हा का कहना है कि प्रमंडलीय आयुक्त, डीएम कार्यालय, नगर आयुक्त को बुधवार को ही अविश्वास प्रस्ताव संबंधित पत्र दिया जा चुका है। पत्र में इस बात का जिक्र किया गया है कि मेयर को बहुमत साबित करने के लिए बैठक बुलाने की तिथि तय करनी चाहिए। उसी पत्र के बाद नगर आयुक्त ने बैठक के लिए पत्र जारी कर दिया है। यदि मेयर संज्ञान नहीं लेंगी तो पार्षद उच्च न्यायालय की शरण में जाकर याचिका दर्ज करेंगे। वैसे भी 22 पार्षदों ने अविश्वास प्रस्ताव को लेकर हस्ताक्षर कर दिया है, जबकि प्रस्ताव लाने के लिए महज 17 पार्षदों की ही जरूरत है।

मेरे खिलाफ जो अविश्वास प्रस्ताव लाया गया है वह नियम के विपरीत है। विचार विमर्श के लिए तिथि निर्धारित करने की बात ही कहां है। - सीमा साहा, मेयर

नगर पालिका अधिनियम के तहत ही अविश्वास प्रस्ताव लाया गया है। अगर मेयर बैठक की तिथि निर्धारित नहीं करतीं हैं तो याचिकाकर्ता के द्वारा ही तिथि निर्धारित कर दी जाएगी। - संजय सिन्हा, पार्षद

Edited By: Dilip Kumar Shukla