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भागलपुर के मॉडल स्कूलों में IIT-JEE व NEET की लगेंगी स्‍पेशल क्‍लास, कमजोर छात्रों के लिए अलग रोस्टर, फेस रिकॉग्निशन भी

Published: Sat, 29 Aug 2026 08:15 AM (IST)

भागलपुर के मॉडल स्कूलों में शिक्षा गुणवत्ता सुधारने के लिए जिलाधिकारी ने समीक्षा बैठक की, जिसमें IIT-JEE/NEET की विशेष कक्षाएं, ...और पढ़ें

जिलाधिकारी ने मॉडल विद्यालयों (सरस्वती विद्या निकेतन) में शैक्षणिक व्यवस्था, स्मार्ट क्लास और ICT लैब की समीक्षा बैठक की

जिलाधिकारी ने मॉडल विद्यालयों (सरस्वती विद्या निकेतन) में शैक्षणिक व्यवस्था, स्मार्ट क्लास और ICT लैब की समीक्षा बैठक की

HighLights

  1. IIT-JEE, NEET की विशेष ऑनलाइन कक्षाएं शुरू होंगी।

  2. छात्रों की उपस्थिति के लिए फेस रिकॉग्निशन प्रणाली लागू।

  3. कमजोर छात्रों के लिए अलग से रेमेडियल कक्षाएं चलेंगी।

जागरण संवाददाता, भागलपुर। भागलपुर जिले के सरस्वती विद्या निकेतन (मॉडल विद्यालयों) में पठन-पाठन की गुणवत्ता सुधारने और आधुनिक शैक्षणिक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने को लेकर प्रशासनिक स्तर पर कवायद तेज हो गई है। इसी क्रम में जिलाधिकारी ने शुक्रवार को संबंधित शिक्षा पदाधिकारियों और मॉडल स्कूलों के प्रधानाध्यापकों के साथ एक विस्तृत समीक्षा बैठक की। बैठक में स्मार्ट कक्षाओं, सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी (ICT) प्रयोगशालाओं, पुस्तकालयों, प्रयोगशाला उपकरणों, शिक्षकों व विद्यार्थियों की उपस्थिति तथा आगामी परीक्षाओं की तैयारियों की बिंदुवार समीक्षा की गई।

समीक्षा के दौरान अधिकारियों ने बताया कि जिले के चार मॉडल विद्यालयों में वर्तमान में आईसीटी लैब उपलब्ध नहीं है, जिसकी रिपोर्ट राज्य मुख्यालय को भेज दी गई है। वहीं, जिन विद्यालयों में बिहार राज्य शैक्षणिक आधारभूत संरचना विकास निगम लिमिटेड (BSEIDC) द्वारा प्रयोगशाला कक्षों का निर्माण कराया जा रहा है, वहां संबंधित निर्माण एजेंसी द्वारा एक लाख रुपये की आवश्यक लैब सामग्री उपलब्ध कराई जाएगी। इसके अलावा जिलाधिकारी ने विद्यालयों को अपनी आवश्यकतानुसार पुस्तकें, बेंच-डेस्क और प्रयोगशाला उपकरण 'विद्यालय विकास कोष' अथवा 'छात्र कोष' से खरीदने के निर्देश दिए।

गोराडीह मॉडल स्कूल में 17 शिक्षक प्रतिनियुक्त, फेस रिकॉग्निशन से हाजिरी

बैठक में जानकारी दी गई कि गोराडीह स्थित बिरनौंध मॉडल विद्यालय में विषयवार रिक्तियों के विरुद्ध मानक के अनुरूप 17 शिक्षकों की प्रतिनियुक्ति कर दी गई है। डीएम ने निर्देश दिया कि जब तक स्थायी शिक्षकों का पदस्थापन नहीं हो जाता, तब तक ऑनलाइन लाइव कक्षाओं का निर्बाध संचालन सुनिश्चित किया जाए।

शिक्षकों की उपस्थिति ई-शिक्षाकोष पोर्टल पर दर्ज की जा रही है, जबकि छात्रों की दैनिक उपस्थिति के लिए चेहरे की पहचान आधारित (फेस रिकॉग्निशन) प्रणाली लागू की जा रही है। डीएम ने सभी विद्यार्थियों का शत-प्रतिशत बायोमेट्रिक/फेस रजिस्ट्रेशन शीघ्र पूरा कराने का सख्त निर्देश दिया।

NEET व IIT-JEE की तैयारी और कमजोर छात्रों पर विशेष ध्यान

छात्रों के करियर निर्माण को नई दिशा देने के लिए जिलाधिकारी ने भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (IIT-JEE) और राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (NEET) की तैयारी के लिए प्रतिदिन दो विशेष ऑनलाइन कक्षाएं चलाने का निर्देश दिया। इन कक्षाओं के दौरान संबंधित विषय के शिक्षकों की भौतिक मौजूदगी अनिवार्य की गई है। साथ ही पढ़ाई में कमजोर विद्यार्थियों को चिह्नित कर उनके लिए अलग शिक्षक रोस्टर बनाकर रेमेडियल/विशेष कक्षाएं संचालित की जाएंगी।

विद्या साथी ऐप से संशय समाधान, मासिक पैरेंट्स-टीचर मीटिंग अनिवार्य

डीएम ने 'विद्या साथी अनुप्रयोग' (App) के माध्यम से छात्रों के सभी विषय संबंधी संशय और व्यक्तिगत मेंटरशिप की प्रक्रिया 31 अगस्त तक शत-प्रतिशत पूरी करने को कहा। शैक्षणिक स्तर में सुधार के लिए विद्यालयों में विषयवार साप्ताहिक मूल्यांकन कराने, हर महीने उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को सम्मानित करने, नियमित अभिभावक-शिक्षक संगोष्ठी (PTM) आयोजित करने और प्रत्येक कक्षा में 'कक्षा प्रमुख' (क्लास मॉनिटर) नामित करने के निर्देश दिए गए। अंग्रेजी शिक्षण को प्रभावी बनाने के लिए शिक्षकों की जिला स्तरीय कार्यशाला भी जल्द आयोजित की जाएगी।