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'मैं बैंक मैनेजर बोल रहा हूं, PhonePe लॉक हो जाएगा, KYC करा लें'... फ‍िर आने लगा खाते से रुपये न‍िकलने का मैसेज

Published: Thu, 20 Aug 2026 12:04 AM (GMT+05:30)

नवगछिया के रूदल मंडल साइबर ठगी का शिकार हो गए, जहां यूको बैंक मैनेजर बनकर ठग ने फोनपे केवाईसी अपडेट ...और पढ़ें

नवगछ‍िया के रंगरा के रूदल मंडल से 'पैसा लॉक होने' का डर दिखाकर कराई फर्जी केवाईसी; कैलाश राय के खाते में ट्रांसफर हुई रकम।

नवगछ‍िया के रंगरा के रूदल मंडल से 'पैसा लॉक होने' का डर दिखाकर कराई फर्जी केवाईसी; कैलाश राय के खाते में ट्रांसफर हुई रकम।

HighLights

  1. नवगछिया निवासी रूदल मंडल साइबर ठगी के शिकार हुए।

  2. ठग ने यूको बैंक मैनेजर बनकर एक लाख रुपये ठगे।

  3. फोनपे केवाईसी अपडेट के बहाने की गई धोखाधड़ी।

संवाद सहयोगी, नवगछिया (भागलपुर)। रंगरा थाना क्षेत्र अंतर्गत रंगरा गांव निवासी रूदल मंडल शातिर साइबर अपराधियों के नए पैंतरे का शिकार हो गए। साइबर ठग ने खुद को यूको बैंक का शाखा प्रबंधक (मैनेजर) बताकर उन्हें विश्वास में लिया और फोनपे (PhonePe) के जरिए ऑनलाइन केवाईसी (KYC) अपडेट कराने का झांसा देकर उनके बैंक खाते से एक लाख रुपये की अवैध निकासी कर ली। मेहनत की गाढ़ी कमाई अचानक गायब होने के बाद पीड़ित के पैरों तले जमीन खिसक गई। उन्होंने मामले की लिखित शिकायत स्थानीय पुलिस के साथ-साथ केंद्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर दर्ज कराई है।

'पैसा लॉक हो गया है' कहकर जाल में फंसाया

पीड़ित रूदल मंडल ने पुलिस को दिए आवेदन में आपबीती सुनाते हुए बताया कि 16 अगस्त की सुबह करीब 11 बजे उनके मोबाइल पर एक अज्ञात नंबर से कॉल आया। फोन करने वाले ने बड़े ही शातिराना अंदाज में बात करते हुए खुद को यूको बैंक का मैनेजर बताया। जालसाज ने कहा कि उनका बैंक खाता और उसमें जमा पैसा तकनीकी कारणों से पूरी तरह लॉक हो गया है। इसे तुरंत अनलॉक कराने के लिए तत्काल फोनपे ऐप खोलकर ऑनलाइन केवाईसी प्रक्रिया पूरी करनी होगी। घबराहट में पीड़ित जालसाज की बातों में आ गए।

24 घंटे तक खाता न देखने की दी झूठी सलाह

मदद करने के नाम पर ठग ने रूदल मंडल को फोनपे ऐप पर कई निर्देश दिए और चालाकी से अपने बताए गए बैंक खाते की जानकारी दर्ज करवा ली। इसके बाद शातिर अपराधी ने उनसे पासवर्ड व गोपनीय ओटीपी (OTP) दर्ज करा लिया। ठगी को पूरी तरह अंजाम देने के बाद जालसाज ने उन्हें हिदायत दी कि सर्वर अपडेट होने में समय लगेगा, इसलिए वे अगले 24 घंटे तक अपना बैंक खाता बिल्कुल न खोलें।

हालांकि, कुछ समय बाद जब अनहोनी की आशंका होने पर पीड़ित ने अपना बैंक खाता जांचा, तो उनके होश उड़ गए। खाते से एक लाख रुपये की निकासी हो चुकी थी और यह राशि 'कैलाश राय' नामक व्यक्ति के बैंक खाते में ट्रांसफर कर दी गई थी।

साइबर पोर्टल पर दर्ज हुई प्राथमिकी, जांच शुरू]

ठगी का अहसास होते ही पीड़ित ने बिना समय गंवाए नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल (हेल्पलाइन 1930) पर शिकायत दर्ज कराई, जिसका पावती नंबर 20508260056992 है। पीड़ित ने पुलिस प्रशासन से साइबर अपराधियों को शीघ्र गिरफ्तार करने और खाते से उड़ाई गई एक लाख की राशि वापस दिलाने की गुहार लगाई है। पुलिस तकनीकी सर्विलांस के आधार पर उस खाते और मोबाइल नंबर की कुंडली खंगाल रही है।

सावधानी: साइबर ठगी से बचने के लिए इन बातों का रखें ध्यान

बैंक या वित्तीय संस्थान कभी भी फोन कॉल पर केवाईसी अपडेट कराने, लॉटरी, रिवॉर्ड या खाता अनब्लॉक करने के नाम पर पासवर्ड, यूपीआई पिन (UPI PIN) या ओटीपी जैसी अत्यंत गोपनीय जानकारियां नहीं मांगते। किसी भी अनजान व्यक्ति के कहने पर अपने मोबाइल में कोई ऐप डाउनलोड न करें और न ही फोनपे/गूगल पे पर कोई कोड दर्ज करें। किसी भी संदिग्ध गतिविधि या ऑनलाइन फ्रॉड का शिकार होने पर तुरंत गोल्डन ऑवर (शुरुआती समय) में साइबर हेल्पलाइन 1930 पर कॉल करें या cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज कराएं।