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बिजली बिल से ट्रैफिक चालान तक राहत! भागलपुर लोक अदालत में 21 वैवाहिक विवाद Love में बदले; जज, DM व SSP भी पहुंचे

Published: Sat, 12 Sep 2026 11:03 PM (IST)

Bhagalpur Rashtriya Lok Adalat 2026: भागलपुर न्याय मंडल में इस वर्ष की तीसरी राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन हुआ, जहाँ ...और पढ़ें

Bhagalpur Rashtriya Lok Adalat 2026: भागलपुर में लगी साल की तीसरी राष्ट्रीय लोक अदालत; ट्रैफिक, बिजली व वैवाहिक विवाद के हजारों केसों का हुआ निपटारा

Bhagalpur Rashtriya Lok Adalat 2026: भागलपुर में लगी साल की तीसरी राष्ट्रीय लोक अदालत; ट्रैफिक, बिजली व वैवाहिक विवाद के हजारों केसों का हुआ निपटारा

HighLights

  1. भागलपुर में तीसरी राष्ट्रीय लोक अदालत का सफल आयोजन हुआ।

  2. 12,424 ट्रैफिक चालान मामलों का 87.57 लाख में निपटारा।

  3. 21 वैवाहिक विवादों में 1.07 करोड़ रुपये पर बनी सहमति।

जागरण संवाददाता, भागलपुर। Bhagalpur Rashtriya Lok Adalat 2026: भागलपुर न्याय मंडल के अंतर्गत भागलपुर, नवगछिया और कहलगांव में शनिवार को इस वर्ष की तीसरी राष्ट्रीय लोक अदालत का भव्य आयोजन किया गया। व्यवहार न्यायालय परिसर में दिनभर वादकारियों की गहमागहमी रही। आपसी सहमति और सुलह-समझौते के आधार पर विभिन्न अदालतों में वर्षों से लंबित हजारों मुकदमों का मौके पर ही निपटारा कर दिया गया।

मुकदमों के त्वरित निष्पादन के लिए भागलपुर में 27, नवगछिया में पांच और कहलगांव में दो मिलाकर कुल 34 विशेष न्यायिक पीठों का गठन किया गया था। भागलपुर व्यवहार न्यायालय में गठित 27 पीठों में 18 कोर्ट परिसर में, आठ पीठें ट्रैफिक व परिवहन चालान के लिए जिला स्कूल में तथा एक पीठ राजकीय उच्च विद्यालय में संचालित की गई।

राष्ट्रीय लोक अदालत का विधिवत शुभारंभ प्रभारी प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश दीपक कुमार-प्रथम, कुटुंब न्यायालय के प्रधान न्यायाधीश राजकुमार राजपूत, जिलाधिकारी अलंकृता पांडेय, एसएसपी प्रमोद कुमार यादव, सीजेएम राज कपूर और जिला विधिक सेवा प्राधिकार की सचिव सह न्यायिक पदाधिकारी रंजीता कुमारी ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया।

  • भागलपुर न्याय मंडल (भागलपुर, नवगछिया व कहलगांव) में आयोजित हुई इस वर्ष की तीसरी राष्ट्रीय लोक अदालत

  • मामलों के त्वरित निस्तारण के लिए कुल 34 पीठें गठित; भागलपुर में 27, नवगछिया में 5 और कहलगांव में बनाई गईं 2 पीठें

  • ट्रैफिक चालान के रिकॉर्ड 12,424 मामलों का 87.57 लाख रुपये में निपटारा; पारिवारिक विवाद के 21 मामलों में 1.07 करोड़ पर बनी सहमति

  • प्रभारी जिला जज, डीएम अलंकृता पांडेय और एसएसपी प्रमोद कुमार यादव ने किया उद्घाटन; कहा— 'आपसी सुलह से बचेगा धन व समय'

उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए प्रभारी प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश दीपक कुमार-प्रथम ने कहा कि राष्ट्रीय लोक अदालत ही एक ऐसा मंच है, जहां समझौते योग्य मुकदमों को दोनों पक्षकार पूरी राजी-खुशी से खत्म कर सकते हैं। इससे न केवल मुकदमों के लंबे चक्रव्यूह से मुक्ति मिलती है, बल्कि समय, मानसिक तनाव और धन की भी बड़ी बचत होती है।

उन्होंने वादकारियों से आह्वान किया कि दोनों पक्षों को बस एक-एक कदम आगे बढ़ाने की जरूरत है; जब विवाद आपसी सहमति से सुलझते हैं तो समाज में सौहार्द और शांति सुदृढ़ होती है।

ट्रैफिक चालान के 12 हजार से अधिक मामले निपटे

इस बार की लोक अदालत में सबसे अधिक राहत वाहन चालकों को ट्रैफिक ई-चालान में मिली। ट्रैफिक चालान से जुड़े कुल 12,424 मामलों का निष्पादन 87,57,500 रुपये की समझौता राशि पर किया गया, जिससे घंटों कतार में खड़े वाहन मालिकों ने राहत की सांस ली।

पारिवारिक विवादों में सुलह

वहीं, टूटते परिवारों को जोड़ने में भी अदालत ने अहम भूमिका निभाई। दांपत्य और वैवाहिक विवाद से जुड़े कुल 21 मामलों में पति-पत्नी के बीच सुलह कराते हुए 1 करोड़ 7 लाख 50 हजार (1,07,50,000) रुपये की समझौता राशि पर विवाद समाप्त कराए गए। इसके अलावा सामान्य दीवानी व अन्य मुकदमों में 2,664 केसों का 10 लाख 84 हजार 60 रुपये की समझौता राशि पर अंतिम निस्तारण किया गया।

बिजली बिल, बैंक और श्रम विवादों पर भी बनी सहमति

लोक अदालत में विद्युत विभाग से जुड़े बकाये और मुकदमों के कुल 279 मामलों का निष्पादन 59 लाख 94 हजार 820 रुपये की राशि जमा कराकर किया गया। इसी तरह एनआई एक्ट (चेक बाउंस), बैंक ऋण वसूली, श्रम विवाद और विभिन्न सुलह योग्य आपराधिक मामलों में पक्षकारों की सहमति से विवादों का पटाक्षेप किया गया।

इस दौरान विधिक सेवा प्राधिकार से जुड़े मनीष कुमार, अमित कुमार, तूलिका कुमारी, शुभम कुमार, आरती कुमारी, निरंजन कुमार, नीरज कुमार, राजेश कुमार, पूजा कुमारी और धर्मवीर सिंह सहित कई अधिवक्ताओं व कर्मियों ने सक्रिय रहकर पक्षकारों को विधिक सहायता पहुंचाई।