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भागलपुर: विक्रमशिला सेतु पथ से लिया सबक, अब लोहिया पुल के फिटनेस की होगी तकनीकी जांच

Published: Tue, 19 May 2026 07:49 PM (IST)

विक्रमशिला सेतु पथ के ध्वस्त होने के बाद पथ निर्माण विभाग सतर्क हो गया है। भागलपुर में लोहिया पुल (उल्टा ...और पढ़ें

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जागरण संवाददाता, भागलपुर। विक्रमशिला सेतु पथ के ध्वस्त होने के बाद पथ निर्माण सतर्क हो चुकी है। अब पुलों के फिटनेस की बारीकी से जांच कराया जाएगा। इसकी तैयारी शुरू हो गई है। शहर की यातायात व्यवस्था को सुचारु रखने और पुल संरचनाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से मंगलवार को भागलपुर में लोहिया पुल (उल्टा पुल) के नीचे बड़े पैमाने पर अतिक्रमण हटाओ अभियान चलाया गया।

इसमें नगर निगम, पथ प्रमंडल और पुलिस प्रशासन की संयुक्त टीम ने स्टेशन चौक व आसपास के क्षेत्रों में सड़क किनारे और पुल के नीचे अवैध रूप से लगाई गई अस्थायी दुकानों और अतिक्रमण को हटाया।

कार्रवाई के दौरान आठ लोगों पर चालान काटते हुए कुल 10.5 हजार रुपये जुर्माना भी वसूला गया। साथ ही तीन ट्रेक्टर में सब्जी व फुटकर विक्रेताओं के सामग्री को जब्त कर निगम कार्यालय लाया गया।

यह कार्रवाई कार्यपालक अभियंता, पथ प्रमंडल भागलपुर के निर्देश पर की गई। विभाग की ओर से जिला प्रशासन को भेजे गए पत्र में कहा गया था कि फुट ओवर ब्रिज यानि आरओबी सुलतानगंज और लोहिया पुल (उल्टा पुल) के नीचे लोगों द्वारा अस्थायी आवास और दुकानें लगाकर अतिक्रमण कर लिया गया है, जिससे पुल का नियमित निरीक्षण और तकनीकी जांच प्रभावित हो रही है।

पुल के नीचे अतिक्रमण होने के कारण इंजीनियरों को संरचना की स्थिति का सही ढंग से आकलन करने में परेशानी हो रही थी। इसके बाद प्रशासन ने चिह्नित स्थलों को अतिक्रमणमुक्त कराने का निर्णय लिया।

स्टेशन चौक और पुल के नीचे मची अफरातफरी

मंगलवार को जैसे ही नगर निगम की अतिक्रमण शाखा प्रभारी जयप्रकाश यादव, पथ निर्माण विभाग के अधिकारी और पुलिस बल लोहिया पुल के नीचे पहुंचे, वहां वर्षों से अस्थायी दुकान लगाकर कारोबार कर रहे दुकानदारों में अफरातफरी मच गई। सड़क किनारे सब्जी, फल और छोटे-मोटे सामान बेच रहे कई दुकानदार आनन-फानन में अपना सामान समेटने लगे।

कुछ लोगों ने कार्रवाई का विरोध करने की कोशिश भी की, लेकिन पुलिस बल की मौजूदगी के कारण स्थिति नियंत्रण में रही। टीम ने पुल के नीचे और आसपास सड़क पर कब्जा जमाकर दुकान लगाने वालों को तत्काल हटने का निर्देश दिया।

कई जगहों पर सड़क के किनारे बनाए गए अस्थायी ढांचे और टीन-तिरपाल से तैयार दुकानें हटाई गईं। जिन स्थानों को अतिक्रमणमुक्त कराया गया है, वहां दोबारा कब्जा करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। संबंधित थाना को निर्देश दिया गया है कि पुनः अतिक्रमण होने पर दोषियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

तकनीकी जांच और पुल की सुरक्षा पर था खतरा

जिला प्रशासन की ओर से जारी निर्देश के तहत कनीय अभियंता रणधीर कुमार को दंडाधिकारी व सहायक अभियंता राजीव कुमार राघव को वरीय प्रभार सौंपा गया। पथ प्रमंडल के अधिकारियों के अनुसार, पुल के नीचे लगातार बढ़ते अतिक्रमण के कारण लोहिया पुल की तकनीकी जांच में गंभीर बाधा आ रही थी।

पुल की समय-समय पर सुरक्षा जांच करना विभाग की जिम्मेदारी है, लेकिन नीचे दुकानों और अस्थायी आवास बनने से इंजीनियरों को कई हिस्सों तक पहुंचने में कठिनाई हो रही थी।

अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि किसी भी पुल की सुरक्षा से समझौता नहीं किया जा सकता, इसलिए अतिक्रमण हटाना जरूरी हो गया था।

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