द्वापर सी सजेगी अंगनगरी : रोहिणी नक्षत्र व सर्वार्थ सिद्धि योग में कान्हा का प्राकट्य, मध्यरात्रि 11:57 का रखें ध्यान
Krishna Janmashtami 2026 : भागलपुर में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का महापर्व रोहिणी नक्षत्र और सर्वार्थ सिद्धि योग के दुर्लभ संयोग में ...और पढ़ें

Krishna Janmashtami 2026 : रोहिणी नक्षत्र में जन्मेंगे नंदलाल, अंगनगरी के मंदिरों में विशेष तैयारी; गोशाला में इस्कॉन संत कराएंगे अभिषेक
HighLights
रोहिणी नक्षत्र और सर्वार्थ सिद्धि योग में कान्हा का प्राकट्य.
इस्कॉन संतों के सानिध्य में होगा विशेष श्रृंगार व महाअभिषेक.
शहर में दही-हांडी, भजन संध्या और सांस्कृतिक कार्यक्रम.
जागरण संवाददाता, भागलपुर। Krishna Janmashtami 2026: द्वापर युग की वह अलौकिक व दिव्य बेला शुक्रवार को फिर अंगनगरी की पावन धरा पर उतरने को तैयार है, जब कंस के कारागार में आधी रात को योगेश्वर श्रीकृष्ण ने अवतरित होकर समूचे संसार को धर्म, निष्काम कर्म, प्रेम और लोककल्याण का शाश्वत संदेश दिया था। भाद्रपद कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि पर शुक्रवार को सिल्क सिटी में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का महापर्व अपार श्रद्धा, भक्ति और उल्लास के साथ मनाया जाएगा।
शहर की ऐतिहासिक ठाकुरबाड़ियों से लेकर शिवालयों तक नंदलाल के प्राकट्य का बेसब्री से इंतजार हो रहा है, वहीं घर-घर बाल गोपाल के स्वागत की तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। कहीं 24 घंटे का अष्टयाम संकीर्तन तो कहीं महाआरती, भजन संध्या और छप्पन भोग भंडारे से पूरा माहौल कृष्णमय बना हुआ है।
रोहिणी नक्षत्र और सर्वार्थ सिद्धि योग का दुर्लभ संयोग
तिलकामांझी महावीर मंदिर के पंडित आनंद झा के अनुसार, भगवान श्रीकृष्ण का प्राकट्य भाद्रपद कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को मध्यरात्रि में रोहिणी नक्षत्र के दौरान हुआ था। इस बार भी अष्टमी तिथि पर रोहिणी नक्षत्र और सर्वार्थ सिद्धि योग का अत्यंत शुभ व दुर्लभ संयोग बन रहा है। भगवान के जन्मोत्सव का मुख्य पूजा मुहूर्त रात 11:57 बजे से मध्यरात्रि 12:43 बजे तक रहेगा। इस शुभ घड़ी में ठाकुरबाड़ियों और घरों में खीरे की नाल काटकर प्रतीकात्मक रूप से कान्हा का जन्म कराया जाएगा और पंचामृत से अभिषेक होगा।
बरारी में अधिवास व कौड़ी लुटाई
जन्माष्टमी महोत्सव का शुभारंभ गुरुवार शाम से ही पारंपरिक अनुष्ठानों के साथ हो गया। बरारी पुरानी ड्योढ़ी स्थित ऐतिहासिक राधा-कृष्ण मंदिर में वैदिक मंत्रोच्चार के बीच अधिवास पूजा संपन्न हुई। इस दौरान राधिका माता, भगवान श्रीकृष्ण, बलभद्र और गरुड़ जी की प्रतिमाओं की विधिवत प्रतिष्ठा की गई।
संकट मोचन दरबार से निकलेगी पालकी
पूजन के उपरांत रात 8:30 बजे वर्षों पुरानी अनूठी परंपरा का निर्वहन करते हुए श्रद्धालुओं के बीच 'कौड़ी लुटाई' गई। मंदिर के व्यवस्थापक गोपाल दत्त ठाकुर ने बताया कि शुक्रवार सुबह 10 बजे से 24 घंटे का अखंड अष्टयाम संकीर्तन शुरू होगा, जिसकी पूर्णाहुति शनिवार को होगी। शुक्रवार मध्यरात्रि को भव्य जन्मोत्सव मनेगा।
भाद्रपद कृष्ण पक्ष की अष्टमी पर अंगनगरी में श्रद्धा व उल्लास से मनेगा श्रीकृष्ण जन्मोत्सव
रोहिणी नक्षत्र और सर्वार्थ सिद्धि योग का दुर्लभ संयोग
मध्यरात्रि 11:57 से 12:43 बजे तक रहेगा जन्मोत्सव का मुख्य मुहूर्त
बरारी पुरानी ड्योढ़ी स्थित राधा-कृष्ण मंदिर में अधिवास के बाद लुटी कौड़ी
24 घंटे का अखंड अष्टयाम संकीर्तन शुरू
गोशाला में पहली बार इस्कॉन संतों के सानिध्य में बाल गोपाल का विशेष श्रृंगार व महाअभिषेक
सजेगा दही-हांडी का दरबार
उधर, भगत सिंह चौक स्थित संकट मोचन दरबार में भी मध्यरात्रि जन्मोत्सव व अखंड कीर्तन का आयोजन होगा। प्रधान व्यवस्थापक दिनेश चंद्र झा ने बताया कि जन्मोत्सव से पूर्व शुक्रवार दोपहर एक बजे गाजे-बाजे के साथ श्री साईंनाथ बाबा की भव्य पालकी यात्रा नगर भ्रमण पर निकलेगी।
गोशाला में पहली बार इस्कॉन संतों का सानिध्य
गोशाला परिसर में आयोजित होने वाला 'श्रीकृष्ण जन्मोत्सव सह गो सेवा महोत्सव' इस बार शहरवासियों के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र रहेगा। गोशाला समिति के महामंत्री गिरधारी केजरीवाल ने बताया कि दिनभर विविध धार्मिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम चलेंगे। बच्चों के लिए राधा-कृष्ण रूप सज्जा प्रतियोगिता, भजन संध्या, लीला मंचन और युवाओं के लिए मटकी फोड़ (दही-हांडी) प्रतियोगिता का आयोजन होगा। सबसे खास बात यह है कि इस वर्ष पहली बार अंतरराष्ट्रीय कृष्णभावनामृत संघ (इस्कॉन) के संतों के सानिध्य में बाल गोपाल का विशिष्ट वैदिक श्रृंगार और महाअभिषेक संपन्न कराया जाएगा।
मंदिरों में सजा कान्हा का भव्य दरबार, बाजार में उमड़ी भीड़
शहर के ऐतिहासिक बूढ़ानाथ मंदिर में महंत शिवनारायण गिरि व प्रबंधक बाल्मीकि सिंह की देखरेख में महाआरती की भव्य व्यवस्था की गई है। नया बाजार स्थित जगन्नाथ मंदिर में पंडित सौरभ मिश्रा के सानिध्य में भजन-कीर्तन व महाप्रसाद वितरण होगा। इसके अलावा मंदरोजा व चुनिहारी टोला स्थित खाटू श्याम मंदिर, मारवाड़ी टोला लेन राधा-कृष्ण ठाकुरबाड़ी, रंगनाथ मंदिर, अलीगंज ठाकुरबाड़ी, गुड़हट्टा चौक, सूजागंज स्थित रुक्मिणी श्रीकृष्ण मंदिर, बाटा गली ठाकुरबाड़ी, कुपेश्वरनाथ मंदिर और दुग्धेश्वरनाथ महादेव मंदिर में विशेष सजावट व जन्मोत्सव की तैयारियां मुकम्मल कर ली गई हैं।
मचेगी दही-हांडी की धूम
उत्सव को लेकर बाजारों में भी भारी रौनक छाई हुई है। कान्हा के झूले, रंग-बिरंगी जरीदार पोशाकें, मुकुट, मोरपंख, बांसुरी और माखन मटकियों से दुकानें पटी पड़ी हैं। घरों में माताएं-बहनें धनिया पंजीरी, पंचमेवा पाग और फलाहार तैयार करने में जुटी हैं, जिससे पूरा शहर भक्ति रस में सराबोर नजर आ रहा है।
