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पीएम नरेंद्र मोदी ने व्लादिमीर पुतिन को भेंट की तिरुक्कुरल, भागलपुर से जुड़ा कनेक्‍शन; जैन मंदिर में किया श्रमदान

Published: Sun, 13 Sep 2026 11:24 PM (IST)

Bhagalpur Jain Samaj on Thirukkural: भागलपुर जैन समाज ने ब्रिक्स सम्मेलन में प्रधानमंत्री मोदी द्वारा रूसी राष्ट्रपति पुतिन को तमिल ...और पढ़ें

Bhagalpur Jain Samaj on Thirukkural: पुतिन को तिरुक्कुरल भेंट करने पर भागलपुर जैन समाज ने जताया गर्व! 16 से दश लक्षण महापर्व, मंदिर में किया श्रमदान

Bhagalpur Jain Samaj on Thirukkural: पुतिन को तिरुक्कुरल भेंट करने पर भागलपुर जैन समाज ने जताया गर्व! 16 से दश लक्षण महापर्व, मंदिर में किया श्रमदान

HighLights

  1. पीएम मोदी ने पुतिन को तमिल ग्रंथ 'तिरुक्कुरल' भेंट किया।

  2. भागलपुर जैन समाज ने इसे भारतीय ज्ञान परंपरा का गौरवपूर्ण क्षण बताया।

  3. जैन मंदिर में दश लक्षण महापर्व की तैयारियां, युवाओं ने श्रमदान किया।

जागरण संवाददाता, भागलपुर। Bhagalpur Jain Samaj on Thirukkural: नई दिल्ली में आयोजित ब्रिक्स सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन को तमिल के अमर ग्रंथ 'तिरुक्कुरल' के रूसी अनुवादित संस्करण की प्रति भेंट किए जाने का भागलपुर जैन समाज ने स्वागत किया है। समाज के प्रबुद्धजनों ने इसे समूची भारतीय ज्ञान परंपरा और जैन दर्शन के लिए एक अत्यंत गौरवपूर्ण क्षण बताया।

जैन समाज के प्रतिनिधियों ने कहा कि तिरुक्कुरल ग्रंथ में अहिंसा, जीवदया, शाकाहार, संयम, सत्य, सदाचार और आत्मानुशासन जैसे जिन सार्वभौमिक मानवीय मूल्यों का प्रतिपादन किया गया है, वे सीधे तौर पर जैन दर्शन के मूल सिद्धांतों के अत्यंत निकट हैं।

  • प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन को तिरुक्कुरल का रूसी अनुवाद भेंट किए जाने पर भागलपुर जैन समाज ने जताई खुशी

  • जैन दर्शन और आचार्य कुंदकुंद स्वामी की परंपरा से जुड़े हैं ग्रंथ के नैतिक मूल्य; ब्रिक्स में बिहार के सत्तू और मखाना की मौजूदगी पर भी गर्व

  • श्री दिगंबर जैन मंदिर में युवाओं ने श्रमदान कर चलाया सफाई अभियान; 16 से 25 सितंबर तक श्रद्धा से मनेगा पावन दश लक्षण महापर्व

  • 25 सितंबर को अनंत चतुर्दशी पर मनेगा भगवान वासुपूज्य का मोक्ष कल्याणक; रोट तीज पर अध्यक्ष विजय जैन ने दी शुभकामनाएं

जैन विद्वान टी.के. वेदजी के अनुसार, तिरुक्कुरल की रचना-परंपरा का गहरा संबंध जैन आचार्य कुंदकुंद स्वामी (एलाचार्य) की परंपरा से माना जाता है। श्री चंपापुर सिद्ध क्षेत्र अंतर्गत श्री बंगाल बिहार उड़ीसा तीर्थ क्षेत्र कमेटी के कार्यकारिणी सदस्य सुमित बड़जात्या ने कहा कि विश्व के एक सबसे शक्तिशाली राष्ट्र के प्रमुख को इस प्राचीन भारतीय ग्रंथ की प्रति सौंपना देश-दुनिया के जैन समाज को गौरवान्वित करने वाला कदम है।

वहीं, क्षेत्र मंत्री सुनील जैन और अशोक जैन ने ब्रिक्स सम्मेलन के वैश्विक मंच पर बिहार के विशिष्ट खान-पान सत्तू और मखाने को विशेष रूप से शामिल किए जाने पर भी गहरी प्रसन्नता व्यक्त की।

युवाओं ने किया श्रमदान, प्रतिमाओं का विधि-विधान से मार्जन

इधर, 16 सितंबर से प्रारंभ हो रहे जैन धर्म के सबसे पावन दश लक्षण महापर्व की तैयारियों को लेकर 13 सितंबर को स्थानीय श्री दिगंबर जैन मंदिर परिसर में विशेष स्वच्छता और श्रमदान अभियान चलाया गया। समाज के उत्साही युवाओं की टोली ने सेवाभाव के साथ मंदिर परिसर, गर्भगृह और वेदी की सघन सफाई की। इसके साथ ही सभी जिन प्रतिमाओं का पूर्ण श्रद्धा व भक्ति भाव से मार्जन किया गया।

इस श्रमदान अभियान में समाज के राजीव जैन, अनिल जैन, संजय जैन, भारत भूषण जैन, सूरज जैन, प्रासुक जैन, सुनील काला, पंकज जैन, नीरज जैन, सुमंत जैन, राजेश जैन, सज्जन जैन, अजय जैन, उत्तम जैन सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए।

25 सितंबर को मनेगा भगवान वासुपूज्य का मोक्ष कल्याणक

श्री दिगंबर जैन समाज के मीडिया प्रभारी सुमित जैन ने बताया कि आत्मशुद्धि का पावन पर्व 'दश लक्षण महापर्व' 16 सितंबर से प्रारंभ होकर 25 सितंबर तक श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया जाएगा। महापर्व के अंतिम दिन यानी 25 सितंबर को अनंत चतुर्दशी के पावन अवसर पर 12वें तीर्थंकर भगवान 1008 वासुपूज्य स्वामी का मोक्ष कल्याणक महोत्सव चंपापुर की पावन धरा पर धूमधाम से मनाया जाएगा। वहीं रोट तीज पर्व के अवसर पर समाज के अध्यक्ष विजय जैन ने सभी धर्मावलंबियों और मातृशक्ति को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि रोट तीज त्याग, संयम और अखंड सौभाग्य का अनुपम प्रतीक है।