सलाखों के पीछे भी मां की भक्ति, भागलपुर की जेलों में 100 से अधिक बंदी रखेंगे नवरात्र व्रत, फलाहार का खास इंतजाम
भागलपुर की जेलों में 100 से अधिक कैदी शारदीय नवरात्र का व्रत रख रहे हैं, जिसके लिए जेल प्रशासन ने ...और पढ़ें

एआई से निर्मित सांकेतिक तस्वीर
HighLights
भागलपुर की जेलों में 100 से अधिक कैदी व्रत रखेंगे।
जेल प्रशासन ने व्रतियों के लिए फलाहार, दूध, शर्बत का प्रबंध किया।
जेल परिसर में भजन-कीर्तन, जगराते और आरती का आयोजन होगा।
जागरण संवाददाता, भागलपुर। शारदीय नवरात्र के पावन अवसर पर भागलपुर का जेल परिसर इस बार आध्यात्मिक और धार्मिक रंगों में रंगा नजर आ रहा है।
जिले की शहीद जुब्बा सहनी केंद्रीय कारा, महिला मंडल कारा और अति सुरक्षित विशेष केंद्रीय कारा की सलाखों के पीछे बंद 100 से अधिक कैदियों और बंदियों ने भक्ति मार्ग अपनाते हुए नौ दिनों का नवरात्र व्रत रखने का संकल्प लिया है।
भागलपुर स्थित शहीद जुब्बा सहनी केंद्रीय कारा, महिला मंडल कारा और विशेष केंद्रीय कारा में 100 से अधिक बंदी रखेंगे नवरात्र का व्रत
बंदियों के आवेदनों के आधार पर जेल प्रशासन ने तैयार की सूची; व्रतियों के लिए दूध, नींबू का शर्बत और फलाहार का किया गया प्रबंध
विशेष केंद्रीय कारा के अति सुरक्षित तृतीय खंड में 21 और प्रथम खंड में 38 बंदियों ने रखा व्रत; महिला मंडल कारा में भी भारी उत्साह
नवरात्र को लेकर बंदियों ने स्वयं की वार्डों की सफाई; जेल परिसर में मैया के जगराते, भजन-कीर्तन और संध्या-आरती का होगा आयोजन
रविवार से शुरू हो रहे नवरात्र को लेकर बंदियों में खासा उत्साह देखा जा रहा है। जेल प्रशासन ने भी बंदियों की धार्मिक भावनाओं का सम्मान करते हुए उनके आवेदनों के आधार पर बाकायदा एक सूची तैयार की है और उनके लिए विशेष खान-पान के पुख्ता इंतजाम किए हैं।
व्रती बंदियों के लिए फलाहार और नींबू शर्बत का प्रबंध; स्वयं की वार्डों की सफाई
जेल सूत्रों के अनुसार, नवरात्र का उपवास रखने वाले सभी बंदियों के लिए जेल प्रशासन की ओर से विशेष फलाहार, दूध और नींबू के शर्बत की समुचित व्यवस्था की गई है। इसके साथ ही सात्विक फलाहारी भोजन का मेन्यू तैयार किया गया है।
उपवास शुरू होने से पहले शनिवार को ही बंदियों ने खुद आगे बढ़कर अपने-अपने वार्डों और पूजा स्थल की गहन साफ-सफाई की। नौ दिनों तक चलने वाले इस उत्सव के दौरान जेल परिसर के भीतर माता के जगराते, भजन-कीर्तन और प्रतिदिन नियमित रूप से सुबह-शाम आरती का आयोजन किया जाएगा, जिसके लिए बंदियों की टोलियां भी बनाई गई हैं।
अति सुरक्षित खंडों में भी भक्ति की बयार; महिला मंडल कारा में सर्वाधिक उत्साह
विशेष केंद्रीय कारा के आंकड़ों पर नजर डालें तो इसके अति सुरक्षित माने जाने वाले तृतीय खंड में 21 और प्रथम खंड में 38 बंदियों ने नवरात्र का व्रत रखा है। वहीं, शहीद जुब्बा सहनी केंद्रीय कारा और महिला मंडल कारा में व्रत रखने वाले बंदियों की संख्या सबसे अधिक है।
जेल प्रशासन का मानना है कि इस तरह के धार्मिक आयोजनों से बंदियों के मानसिक तनाव में कमी आती है और उनमें सकारात्मक तथा सुधारात्मक विचार पनपते हैं। पूरा जेल प्रशासन नवरात्र के दौरान सुरक्षा व्यवस्था के साथ-साथ पूजा-पाठ के सुचारू संचालन पर कड़ी नजर रख रहा है।
