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भागलपुर सैंडिस कंपाउंड में लौटेगा क्रिकेट का रोमांच, 18 जनवरी से बिहार-बंगाल के बीच BCCI मैच, 70 यार्ड का हुआ ग्राउंड

Published: Sat, 26 Sep 2026 08:46 PM (IST)

भागलपुर के सैंडिस कंपाउंड स्टेडियम में 18 जनवरी से बीसीसीआई की कर्नल सीके नायडू ट्रॉफी अंडर-23 का चार दिवसीय मैच ...और पढ़ें

सैंडिस कंपाउंड क्रिकेट स्टेडियम को मिली बीसीसीआई मैच की मेजबानी

सैंडिस कंपाउंड क्रिकेट स्टेडियम को मिली बीसीसीआई मैच की मेजबानी

HighLights

  1. 18 जनवरी से सैंडिस कंपाउंड में BCCI अंडर-23 मैच।

  2. बिहार और बंगाल की टीमें होंगी आमने-सामने।

  3. स्टेडियम को अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप किया गया तैयार।

जागरण संवाददाता, भागलपुर। भागलपुर के खेल इतिहास में एक नया स्वर्णिम अध्याय जुड़ने जा रहा है। शहर के हृदयस्थली स्थित सैंडिस कंपाउंड क्रिकेट स्टेडियम में भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) के घरेलू टूर्नामेंट कर्नल सीके नायडू ट्रॉफी एलीट के तहत अंडर-23 का चार दिवसीय मुकाबला खेला जाएगा।

भागलपुर को बीसीसीआई के आधिकारिक मैच की मेजबानी मिलना पूरे जिले और खेल प्रेमियों के लिए गौरव का क्षण है। इस प्रतिष्ठित टूर्नामेंट में बिहार अंडर-23 और बंगाल अंडर-23 की टीमें आमने-सामने होंगी।

प्रतियोगिता के आधिकारिक कार्यक्रम के अनुसार यह कर्नल सीके नायडू ट्रॉफी का मैच नंबर 71 होगा, जिसका आगाज 18 जनवरी को सुबह 9:30 बजे से होगा और यह मुकाबला 21 जनवरी तक चलेगा। चार दिवसीय इस लंबे प्रारूप में दोनों राज्यों के उभरते युवा सितारों को अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाने का बेहतरीन अवसर मिलेगा। इस ऐतिहासिक आयोजन को लेकर स्थानीय क्रिकेट प्रेमियों में जबरदस्त उत्साह देखा जा रहा है।

1983 के बाद सैंडिस को फिर मिला बड़ा गौरव

भागलपुर जिला क्रिकेट संघ (BDCA) के सचिव गुंजन ठाकुर ने बताया कि सैंडिस कंपाउंड को बीसीसीआई के कड़े मानकों के अनुरूप ढालने के लिए पिछले छह महीने से युद्धस्तर पर कार्य चल रहा था। इससे पूर्व वर्ष 1983 में इस मैदान को रणजी ट्रॉफी मैच की मेजबानी का अवसर मिला था।

6 माह से चल रही तैयारी

जिला प्रशासन के सहयोग और सीएसआर (CSR) फंड के माध्यम से स्टेडियम का कायाकल्प कर विश्वस्तरीय आधारभूत संरचना विकसित की गई है। पहले इस मैदान की बाउंड्री 65 यार्ड की थी, जिसे अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप बढ़ाकर अब 70 यार्ड कर दिया गया है।

कोलकाता की बरमूडा घास और 300 ट्रैक्टर गंगा बालू से संवरा मैदान

मैदान को नया रूप देने में बिहार क्रिकेट एसोसिएशन (BCA) पैनल के पिच क्यूरेटर देवी शंकर ने अथक परिश्रम किया है। पूरे मैदान से खर-पतवार हटाकर 300 ट्रैक्टर से अधिक गंगा बालू और उर्वर मिट्टी डालकर समतलीकरण किया गया, जिससे आउटफील्ड काफी सॉफ्ट और चोट-मुक्त हो गई है। मैदान पर कोलकाता से विशेष तौर पर मंगाई गई 'बरमूडा सिलेक्शन वन' घास बिछाई गई है, जिससे मैदान का लुक अंतरराष्ट्रीय स्टेडियम जैसा नजर आ रहा है।

मैदान की हरियाली और नमी बनाए रखने के लिए एग्रीगेशन सिस्टम के तहत 12 यूनिट ऑटोमैटिक 'रेन गन' सिंचाई प्रणाली स्थापित की गई है। घास की कटाई के लिए आधुनिक ग्रास कटर, भारी रोलर और साइड स्क्रीन जैसी तमाम तकनीकी सुविधाएं उपलब्ध करा दी गई हैं।

काली मिट्टी के 6 टर्फ विके

स्टेडियम में मुख्य विकेटों की संख्या चार से बढ़ाकर छह कर दी गई है। इन टर्फ विकेटों के निर्माण में विशेष काली मिट्टी का उपयोग किया गया है। क्यूरेटर के अनुसार, यह पिच हार्ड और पेस (उछाल भरी) होगी, जो मैच के दौरान जल्दी टूटेगी नहीं। यह विकेट विशुद्ध रूप से बल्लेबाजों के अनुकूल रहेगा, जिससे चार दिनों के खेल में दर्शकों को चौकों-छक्कों की बरसात और बड़े स्कोर देखने को मिलेंगे।

खूब बरसेंगे चौके-छक्के

इसके अतिरिक्त दोनों टीमों के नेट प्रैक्टिस के लिए चार अलग-अलग अभ्यास पिचें भी तैयार की गई हैं, ताकि मैच से पूर्व दोनों टीमें दो-दो पिचों पर एक साथ पसीना बहा सकें।

अत्याधुनिक पवेलियन तैयार, होटल में ठहरेंगे खिलाड़ी

खिलाड़ियों और अधिकारियों की सुविधा के लिए मैदान से सटा एक मंजिला आधुनिक पवेलियन भवन तैयार किया गया है। इसमें दोनों टीमों के लिए दो सुसज्जित ड्रेसिंग रूम, मैच ऑब्जर्वर, ऑफिशियल स्कोरर और अंपायरों के लिए वातानुकूलित अलग-अलग कक्ष बनाए गए हैं। टूर्नामेंट के दौरान दोनों टीमों के खिलाड़ियों, सहयोगी स्टाफ और बीसीसीआई के मैच अधिकारियों के ठहरने के लिए शहर के प्रमुख होटलों में उच्चस्तरीय प्रबंध किए जा रहे हैं।