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हिन्दी दिवस : 'संस्कृत सब भाषा की जननी, प्यारी सुन्दर बेटी हिन्दी' गीत पर झूमे लोग; गोपाल स‍िंह नेपाली को क‍िया याद

Published: Mon, 14 Sep 2026 11:58 PM (IST)

हिंदी दिवस : भागलपुर में हिंदी दिवस के अवसर पर विचार गोष्ठी सह पुस्तक लोकार्पण समारोह आयोजित हुआ, जिसमें राष्ट्रकवि ...और पढ़ें

हिंदी दिवस : गोपाल स‍िंह नेपाली जी की ऐतिहासिक कृति का संपादन व लोकार्पण

हिंदी दिवस : गोपाल स‍िंह नेपाली जी की ऐतिहासिक कृति का संपादन व लोकार्पण

HighLights

  1. भागलपुर में हिंदी दिवस पर विचार गोष्ठी व पुस्तक लोकार्पण हुआ।

  2. स्वामी आगमानंद ने हिंदी को पाठ्यक्रम में अनिवार्य करने पर जोर दिया।

  3. भजन सम्राट डॉ. दीपक ने 'संस्कृत सब भाषा की जननी' कविता सुनाई।

जागरण संवाददाता, भागलपुर। हिंदी दिवस : भागलपुर के तिलकामांझी स्थित जिला कृषि कार्यालय के आत्मा सभागार में सोमवार को हिंदी दिवस के पावन अवसर पर विचार गोष्ठी सह पुस्तक लोकार्पण समारोह का भव्य और गरिमामयी आयोजन किया गया। श्री उत्तरतोताद्रि मठ विभीषणकुंड अयोध्या के उत्तराधिकारी सह श्री शिवशक्ति योगपीठ नवगछिया के पीठाधीश्वर, जगद्गुरु रामानुजाचार्य श्री रामचंद्राचार्य परमहंस स्वामी आगमानंद जी महाराज के पावन सानिध्य में राष्ट्रकवि गोपाल सिंह 'नेपाली' की सुप्रसिद्ध ऐतिहासिक रचना के नूतन संस्करण "चालीस करोड़ों को हिमालय ने पुकारा" का विधिवत लोकार्पण संपन्न हुआ। इस महत्वपूर्ण ऐतिहासिक ग्रंथ का संपादन स्वयं स्वामी आगमानंद जी महाराज ने किया है।

ह‍िन्‍दी की उपेक्षा क्‍यों?

समारोह को संबोधित करते हुए स्वामी आगमानंद जी महाराज ने देश में हिंदी की वर्तमान स्थिति और उसकी निरंतर हो रही उपेक्षा पर गहरा क्षोभ व्यक्त किया। उन्होंने कड़े शब्दों में सवाल उठाते हुए कहा कि आखिर देश में हिंदी से जुड़े मनीषियों और हिंदी साहित्यकारों की इस कदर उपेक्षा क्यों की जाती है? स्वामी जी ने कहा कि देश की बहुसंख्यक आबादी की संपर्क भाषा होने के बावजूद हिंदी को वह संवैधानिक व सामाजिक गौरव अब तक प्राप्त नहीं हो सका है, जिसकी वह स्वाभाविक रूप से हकदार है।

Bhagalpur Hindi Diwas Gopal Singh Nepali Book Launched (1)

उन्होंने आगे कहा कि संस्कृत सभी भाषाओं की जननी है और उसी के गर्भ से हिंदी का प्रादुर्भाव हुआ है। संस्कृत और हिंदी पूर्णतः वैज्ञानिक तथा शुद्ध ध्वनि-विज्ञान पर आधारित भाषाएं हैं। यह केवल संवाद का एक माध्यम मात्र नहीं, बल्कि प्रेम, सद्भाव, आत्मीयता और आपसी सम्मान की जीवंत संवाहिका है।

सिर्फ औपचारिकता न निभाए सरकार

स्वामी आगमानंद जी महाराज ने दो टूक कहा कि सरकारों को हिंदी दिवस के अवसर पर केवल कुछ रस्मी आयोजनों और रपटों तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि भाषा के व्यावहारिक विकास और सम्मान के लिए ठोस नीतियां बनानी होंगी। उन्होंने केंद्र व राज्य सरकारों से पुरजोर मांग की कि हर नागरिक तक हिंदी की समुचित शिक्षा पहुंचे और इसे सभी विद्यालयों के शैक्षणिक पाठ्यक्रमों में अनिवार्य विषय के रूप में लागू किया जाए।

Bhagalpur Hindi Diwas Gopal Singh Nepali Book Launched (2)

पढ़ाई में अनिवार्य हो हिंदी

समारोह में उपस्थित विधान पार्षद (एमएलसी) विजय कुमार सिंह ने कहा कि हम सभी के मन में अपनी मातृभाषा और राष्ट्रभाषा हिंदी के प्रति आदर सदैव अक्षुण्ण रहा है। हिंदी की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि यह समाज को जोड़ना और आपस में प्रेम से रहना सिखाती है।

राष्ट्रभाषा के बिना राष्ट्र गूंगा है: गीतकार राजकुमार

विशिष्ट वक्ता के रूप में उपस्थित वरिष्ठ गीतकार राजकुमार ने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के ऐतिहासिक विचारों का स्मरण कराते हुए कहा कि बापू ने स्पष्ट कहा था कि राष्ट्रभाषा के बिना राष्ट्र गूंगा है। इसलिए हिंदी के प्रति किसी भी प्रकार की उदासीनता वास्तव में राष्ट्र की आत्मा के प्रति उदासीनता के समान है, क्योंकि हिंदी ही समूचे भारत की सांस्कृतिक चेतना और ऐतिहासिक परंपरा की वास्तविक ध्वजवाहक है।

'संस्कृत सब भाषा की जननी... प्यारी सुंदर बेटी हिंदी'

समारोह का मुख्य आकर्षण भजन सम्राट डॉ. हिमांशु मोहन मिश्र 'दीपक' का ओजस्वी काव्य पाठ रहा। उन्होंने अपनी सुप्रसिद्ध स्वरचित पंक्तियां— "संस्कृत सब भाषा की जननी, प्यारी सुन्दर बेटी हिन्दी। दुनियां की जितनी भाषाएं, सबकी बड़ी बहन है हिन्दी। सब भाषा का आदर करती, इतनी सहज सरल है हिन्दी॥" प्रस्तुत कर पूरे सभागार को मंत्रमुग्ध कर दिया। उनकी पंक्तियों पर उपस्थित साहित्यप्रेमी और श्रोता भावविभोर होकर झूम उठे।

  • भागलपुर के आत्मा सभागार में हिंदी दिवस पर विचार गोष्ठी सह पुस्तक लोकार्पण समारोह; स्वामी आगमानंद द्वारा संपादित नूतन संस्करण लोकार्पित

  • जगद्गुरु रामानुजाचार्य श्री रामचंद्राचार्य परमहंस स्वामी आगमानंद जी महाराज का आह्वान— औपचारिक आयोजनों से आगे बढ़कर स्कूली पाठ्यक्रम में अनिवार्य हो हिंदी

  • भजन सम्राट डॉ. हिमांशु मोहन मिश्र 'दीपक' की पंक्तियों 'संस्कृत सब भाषा की जननी, प्यारी सुन्दर बेटी हिन्दी' पर भावविभोर हुए श्रोता

  • एमएलसी विजय कुमार सिंह व गीतकार राजकुमार ने रेखांकित किया महत्व; अर्प‍िता चौधरी, रिया उपाध्याय 'वाटिका' व लाल बाबू ने भजनों से बांधा समां

कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ दीप प्रज्वलन के उपरांत सुश्री अर्पिता चौधरी द्वारा प्रस्तुत सुमधुर गुरु वंदना से हुआ। इसके बाद लाल बाबू और गायिका रिया उपाध्याय 'वाटिका' ने भक्तिपूर्ण भजनों की मनमोहक प्रस्तुति देकर वातावरण को भक्तिमय बना दिया। पूरे मंच का सफल और गरिमामयी संचालन पंडित दिलीप शास्त्री ने किया।

Bhagalpur Hindi Diwas Gopal Singh Nepali Book Launched (3)

शिक्षाविद्, साहित्यकार व गणमान्य नागरिक रहे उपस्थित

समारोह में वक्ता के रूप में डॉ. वीरेन्द्र शर्मा, डॉ. मथुरानाथ दूबे, डॉ. अरविन्द कुमार झा, डॉ. मिहिर मोहन मिश्र 'सुमन', प्रो. राजेन्द्र कुमार सिंह और डॉ. विजय कुमार वर्मा ने अपने विचार रखे और हिंदी के वैश्विक पटल पर बढ़ते प्रभाव को रेखांकित किया। अध्‍यक्षता डॉ. ज्‍योत‍िन्‍द्र चौधरी (स्वामी जीवनानन्द) ने की।

इस अवसर पर संयोजक कुंदन बाबा, श्री प्रभात कुमार सिंह, निवेदक उपेन्द्र प्रसाद सिंह, राजीव सिंह, तन्नू सिंह, जदयू जिलाध्यक्ष विवेकानंद गुप्ता, कहलगांव नगर परिषद के अध्यक्ष संजीब जी, सुड्डू साईं, भाजपा नेता अभिनव सिंह, श्री श‍िवशक्‍त‍ि योगपीठ के वरिष्ठ कार्यकर्ता दीपक यादुका, डॉ. विवेक कुमार, आलोक कुंदन, मधुव्रत चौधरी, बिल्टज, ब‍िंगो, श्वेत कमल, आशीष पांडेय, सौरभ सोनू, आशु, सुम‍ित भगत, ब‍िक्‍कू, नटवर, मुन्‍ना, उत्‍तम, नंदन सहित शहर के अनेक प्रबुद्ध शिक्षाविद्, साहित्यकार और सामाजिक कार्यकर्ता उपस्थित रहे।