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भागलपुर स्वास्थ्य विभाग की रिपोर्ट में फर्जीवाड़ा: डायरिया पीड़ितों से अधिक को पिला दिया ORS, DM बैठक में खुली पोल

Published: Mon, 24 Aug 2026 11:12 PM (IST)

भागलपुर स्वास्थ्य विभाग की रिपोर्ट में डायरिया पीड़ित बच्चों के उपचार के आंकड़ों में बड़ी गड़बड़ी सामने आई है। जिलाधिकारी ...और पढ़ें

इस्माइलपुर, सबौर, नवगछिया, गोराडीह व बिहपुर प्रखंड में अप्रैल से जुलाई के आंकड़ों में सामने आई भारी गड़बड़ी

इस्माइलपुर, सबौर, नवगछिया, गोराडीह व बिहपुर प्रखंड में अप्रैल से जुलाई के आंकड़ों में सामने आई भारी गड़बड़ी

HighLights

  1. भागलपुर स्वास्थ्य विभाग की रिपोर्ट में आंकड़ों की बड़ी विसंगति।

  2. डायरिया पीड़ितों से अधिक बच्चों को ओआरएस, जिंक से उपचारित दर्शाया।

  3. जिलाधिकारी ने अधिकारियों को फटकार लगाई, सुधार के निर्देश दिए।

जागरण संवाददाता, भागलपुर। भागलपुर जिले में स्वास्थ्य योजनाओं की जमीनी हकीकत और विभागीय आंकड़ों की बाजीगरी का एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। जिले में डायरिया से पीड़ित बच्चों के उपचार को लेकर स्वास्थ्य विभाग द्वारा तैयार की गई आधिकारिक रिपोर्ट में भारी विसंगति पकड़ी गई है। जिलाधिकारी की अध्यक्षता में आयोजित समीक्षा बैठक के दौरान जब आंकड़ों की बारीकी से पड़ताल की गई, तो सामने आया कि कई प्रखंडों में डायरिया पीड़ित बच्चों की वास्तविक संख्या से अधिक बच्चों का ओआरएस (ORS) और जिंक की गोलियों से इलाज दर्शा दिया गया है।

जिला प्रशासन ने इसे घोर लापरवाही और पूरी तरह त्रुटिपूर्ण आंकड़ा मानते हुए संबंधित स्वास्थ्य अधिकारियों को जमकर फटकार लगाई और रिकॉर्ड में तत्काल सुधार करने के सख्त निर्देश दिए हैं।

5 प्रखंडों के आंकड़ों में झोल, जिंक वितरण में भी मनमानी

स्वास्थ्य विभाग की रिपोर्ट के अनुसार, अप्रैल से जुलाई 2026 की अवधि के दौरान इस्माइलपुर, सबौर, नवगछिया, गोराडीह और बिहपुर प्रखंडों में डायरिया पीड़ित बच्चों के इलाज से संबंधित आंकड़े जुटाए गए थे। समीक्षा बैठक के दौरान जब इन प्रखंडों की रिपोर्ट का मिलान किया गया, तो पाया गया कि जितने बच्चे डायरिया से पीड़ित दर्ज थे, उससे कहीं अधिक तादाद में बच्चों को ओआरएस घोल देकर उपचारित दिखाया गया है।

इसी तरह इन पांचों प्रखंडों में डायरिया पीड़ित बच्चों को जिंक की खुराक दिए जाने की रिपोर्टिंग में भी गंभीर गड़बड़ी उजागर हुई। कागजों पर जिंक की खुराक पाने वाले बच्चों की संख्या भी संबंधित प्रखंडों के कुल चिन्हित डायरिया मरीजों से अधिक दर्ज कर दी गई थी।

आंकड़ों के पुनर्सत्यापन के आदेश, मॉनिटरिंग पर उठे सवाल

इस फर्जीवाड़े के सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने इस्माइलपुर, सबौर, नवगछिया, गोराडीह और बिहपुर के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारियों को सख्त निर्देश दिया है कि वे अपने-अपने क्षेत्रों के मूल रजिस्टरों से आंकड़ों का पुनर्सत्यापन करें और पोर्टल पर वास्तविक डेटा दर्ज कराएं।

इसके साथ ही भविष्य में डायरिया और अन्य संक्रामक बीमारियों के मरीजों के उपचार से जुड़े आंकड़ों की रिपोर्टिंग में पूरी सतर्कता बरतने की हिदायत दी गई है। समीक्षा बैठक में उजागर हुई इस बड़ी खामी ने स्वास्थ्य योजनाओं के जमीनी क्रियान्वयन, डेटा एंट्री की विश्वसनीयता और प्रशासनिक मॉनिटरिंग सिस्टम पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।