भागलपुर [जेएनएन]। शहर में एकाएक मच्छरों का प्रकोप बढ़ गया है। शहर में 400 तरह के मच्छर लोगों का खून चूस रहे हैं। इसमें 40 मच्छरों के काटने से डेंगू, चिकनगुनिया, हाथी पांव और मलेरिया जैसी बीमारी होती है। इस पर अंकुश लगाना जरूरी है। इसके लिए नगर आयुक्त से मिलकर शहर के सभी वार्डों में फॉगिंग की व्यवस्था सुनिश्चित कराने को कहा जाएगा। यह जानकारी विश्व मच्छर दिवस पर संवाद सम्मेलन में आइएम अध्यक्ष डॉ. संजय कुमार ने दी। आइएमए और एपीआइ की ओर से आयोजित इस सम्मेलन में डॉ. डीपी सिंह ने कहा कि मच्छरों से निजात के लिए नगर आयुक्त से मिलकर सभी वार्डों में रोज फॉगिंग कराने की मांग की जाएगी। मास्टर प्लान बनाकर मच्छरों पर काबू किया जा सकता है।

मिलने लगे मलेरिया के मरीज

एपीआइ चेयरमैन डॉ. शांतनु घोष ने कहा कि सितंबर माह से शहर में डेंगू और मलेरिया के मरीज मिलने लगे हैं। झारखंड से सटे इलाके में ऐसे मरीजों की संख्या ज्यादा होती है। घर में जलजमाव नहीं रखे, कूलर का पानी बदलें। मच्छरदानी लगाकर सोएं।

कोलंबिया में मच्छरों को दिया जाता है इंजेक्शन

डॉ. एसपी सिंह ने कहा कि सामान्य मच्छरों पर अंकुश के लिए कोलंबिया में किसी एक मच्छर में इंजेक्शन देकर सार्वजनिक जगहों पर छोड़ दिया जाता है। इसके बाद यह सामान्य मच्छरों को शिकार बना लेता है। डॉ. मृत्युंजय कुमार ने कहा कि मच्छर से हाथी पांव जैसी घातक बीमारी होती है। इसे ठीक करने में 15 ऑपरेशन करना होता है इसके बाद भी ठीक होने की गुंजाइश कम होती है। आइएमए सचिव डॉ. अमिताभ सिंह ने कहा कि मच्छर काटने से हड्डी में भी परेशानी होती है। शरीर में दर्द होने बढ़ जाता है।

Posted By: Dilip Shukla

अब खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस, डाउनलोड करें जागरण एप