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भागलपुर में गंगा जहाज सेवा पर बड़ा फैसला, 8 माह से अधिक गर्भवती महिलाओं के सफर पर रोक, 200 मीटर से लौटाया जहाज

Published: Thu, 22 Oct 2026 12:59 PM (IST)

Bhagalpur Ship Service Safety Rules: भागलपुर प्रशासन ने गंगा जहाज सेवा में 8 माह से अधिक गर्भवती महिलाओं के सफर ...और पढ़ें

Bhagalpur Ship Service Safety Rules: भागलपुर में गंगा पार करने वाले जहाज पर 8 माह से अधिक की गर्भवती महिलाओं के सफर पर रोक

Bhagalpur Ship Service Safety Rules: भागलपुर में गंगा पार करने वाले जहाज पर 8 माह से अधिक की गर्भवती महिलाओं के सफर पर रोक

जागरण संवाददाता, भागलपुर। Bhagalpur Ship Service Safety Rules: भागलपुर और नवगछिया के बीच गंगा पार करने के लिए संचालित जहाज सेवा में यात्रियों की जान-माल की सुरक्षा को लेकर जिला प्रशासन ने कड़ा और अहम फैसला लिया है।

हाल के दिनों में सामने आई संवेदनशील परिस्थितियों को देखते हुए प्रशासन ने आठ माह से अधिक की गर्भवती महिलाओं के जहाज पर सवार होने पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी है। प्रशासन ने साफ किया है कि अब घाटों पर तैनात आपदा मित्र, मजिस्ट्रेट और पुलिसकर्मियों की संयुक्त जांच व पुष्टि के बाद ही जहाज को गंगा पार करने की हरी झंडी दी जाएगी।

200 मीटर आगे बढ़कर वापस लौटा जहाज

इस कड़े सुरक्षा आदेश की बानगी बुधवार को उस समय देखने को मिली, जब नवगछिया की ओर स्थित जहान्वी चौक घाट से यात्रियों को लेकर एक जहाज गंगा पार करने के लिए खुला। जहाज के करीब 200 मीटर आगे नदी में बढ़ने के बाद प्रशासनिक अमले को गुप्त सूचना मिली कि उस पर आठ माह से अधिक की एक गर्भवती महिला सवार है।

महिला को सुरक्षित उतारा

महिला के स्वास्थ्य और किसी भी संभावित आपात स्थिति के जोखिम को देखते हुए अधिकारियों ने फौरन वायरलेस और फोन के माध्यम से संदेश भेजकर जहाज को बीच धारा से वापस घाट पर लाने का निर्देश दिया। जहाज के तट पर पहुंचते ही घाट पर मौजूद मजिस्ट्रेट, आपदा मित्र और पुलिसकर्मियों ने महिला यात्री को सुरक्षित नीचे उतारा। इसके बाद सुरक्षा मानकों की दोबारा पुष्टि कर जहाज को पुनः भागलपुर के लिए रवाना किया गया।

चौसा निवासी दंपती को भी शनिवार को उतारा गया था

गंगा जहाज सेवा में गर्भवती महिलाओं को लेकर प्रशासन लगातार सतर्कता बरत रहा है। इससे पहले बीते शनिवार को भी इसी तरह की कार्रवाई देखने को मिली थी, जब चौसा निवासी मोहम्मद इरफान अपनी गर्भवती पत्नी के साथ गंगा पार करने के लिए जहाज पर सवार हुए थे।

उस दौरान भी घाट पर मुस्तैद मजिस्ट्रेट ने सुरक्षा मानकों का हवाला देते हुए महिला को यात्रा करने से रोक दिया था और दंपती को सुरक्षित उतार दिया गया था। नदी के बीच किसी भी अप्रिय स्वास्थ्य समस्या या चिकित्सकीय मदद के अभाव से बचाने के लिए प्रशासन लगातार सख्त रुख अपना रहा है।

सुरक्षा जांच के बाद ही खुलेगा जहाज: सदर एसडीएम

सदर अनुमंडल पदाधिकारी (एसडीडीएम) विकास कुमार ने स्पष्ट किया कि आठ माह से अधिक की गर्भवती महिलाओं के जहाज से सफर करने पर यह प्रतिबंध पूरी तरह उनकी और उनके होने वाले बच्चे की सुरक्षा के दृष्टिकोण से लगाया गया है। नदी में यात्रा के दौरान आपातकालीन चिकित्सकीय सहायता उपलब्ध कराना अत्यंत चुनौतीपूर्ण होता है।

एसडीएम ने बताया कि घाटों पर तैनात आपदा मित्रों, दंडाधिकारियों और पुलिसकर्मियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि वे जहाज पर चढ़ने वाले प्रत्येक यात्री पर पैनी नजर रखें। जब तक यह पूरी तरह सुनिश्चित नहीं हो जाता कि नियमों का उल्लंघन नहीं हो रहा है, तब तक जहाज को जेटी से खुलने नहीं दिया जाएगा।