जलप्रलय के मुहाने पर भागलपुर! खतरे के निशान से 92 सेमी ऊपर गंगा; कहलगांव-पीरपैंती डूबे, तटबंधों पर रिसाव से त्राहिमाम
Bhagalpur Ganga Flood Update:गंगा के जलस्तर में लगातार वृद्धि के बाद भागलपुर में राहत के संकेत मिले हैं, जलस्तर खतरे ...और पढ़ें
HighLights
भागलपुर में गंगा का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर स्थिर।
कहलगांव, पीरपैंती के निचले इलाके जलमग्न, जनजीवन प्रभावित।
गोपालपुर तटबंध पर रिसाव, राहत कार्य जारी।
जागरण संवाददाता, भागलपुर। Bhagalpur Ganga Flood Update:गंगा के जलस्तर में बीते कई दिनों से जारी लगातार वृद्धि के बाद मंगलवार को भागलपुर जिले के लिए राहत के प्रारंभिक संकेत मिले हैं। केंद्रीय जल आयोग (सीडब्ल्यूसी) के मंगलवार सुबह नौ बजे के रियल टाइम आंकड़ों के मुताबिक भागलपुर में गंगा का जलस्तर 34.60 मीटर पर आकर स्थिर हो गया है।
नदी फिलहाल खतरे के निशान (33.68 मीटर) से 92 सेंटीमीटर ऊपर और अपने ऑल टाइम उच्चतम बाढ़ स्तर (एचएफएल) 34.86 मीटर से महज 26 सेंटीमीटर नीचे बह रही है। 25 घंटों के भीतर 14 सेंटीमीटर की बढ़ोतरी दर्ज किए जाने के बाद फिलहाल उफान थमने से तबाही की रफ्तार पर आंशिक विराम लगा है।
बिहार जल संसाधन विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार भागलपुर में जलस्तर के 34.61 मीटर छूने के बाद क्रमिक घटाव की संभावना है। ऊपर के क्षेत्रों यानी बक्सर, पटना के दीघाघाट, हाथीदह और मुंगेर में जलस्तर में गिरावट का रुख देखा गया है। मुंगेर में जलस्तर 40.06 मीटर से घटकर 40.05 मीटर पर आ गया है, जिससे आने वाले दिनों में भागलपुर में भी पानी उतरने की उम्मीद जगी है। हालांकि, सहायक नदियों के उफान और मैदानी इलाकों में पहले से फैले पानी के चलते जमीनी संकट अभी बरकरार है।
कहलगांव व पीरपैंती के दियारा में विकराल हालात
कहलगांव में गंगा का जलस्तर 32.77 मीटर पर स्थिर बना हुआ है, लेकिन ग्रामीण क्षेत्रों में बाढ़ का संकट गंभीर है। दयालपुर गांव पूरी तरह जलमग्न हो चुका है, जबकि बिरबन्ना का आधा हिस्सा पानी से घिर गया है। मोहनपुर गोघट्टा पंचायत में भी बाढ़ का फैलाव तेज है। प्रभावित पंचायतों में सामुदायिक रसोई शुरू की जा रही है, हालांकि ग्रामीणों ने पेयजल और ब्लीचिंग-दवाओं की कमी की शिकायत की है।
केंद्रीय जल आयोग के अनुसार भागलपुर में गंगा का जलस्तर 34.60 मीटर पर स्थिर, खतरे के निशान (33.68 मीटर) से 92 सेमी ऊपर
उच्चतम बाढ़ स्तर (HFL 34.86 मीटर) से महज 26 सेमी नीचे बह रही नदी; बक्सर, पटना और मुंगेर में घटने लगा है पानी
कहलगांव का दयालपुर डूबा, पीरपैंती के दियारा में पुलों के ऊपर से बह रहा पानी; 7 पंचायतों में 11 कम्युनिटी किचन शुरू
नवगछिया के गोपालपुर में ब्रह्मोत्तर तटबंध पर रिसाव से दहशत, इस्माईलपुर के दर्जनभर गांवों में घुसा बाढ़ का पानी
पीरपैंती का पूरा दियारा क्षेत्र भीषण जल प्रलय से जूझ रहा है। बाखरपुर-बाबूपुर मार्ग, टोपरा कामत टोला और काली प्रसाद जाने वाले रास्तों पर बने पुलों के ऊपर से जांघ भर पानी की तेज धार बह रही है। घरों में पानी घुसने के बाद दर्जनों परिवार मचानों और छतों पर तिरपाल तानकर रहने को मजबूर हैं। प्रशासन ने पीरपैंती की सात पंचायतों में 11 स्थानों पर राहत रसोई शुरू कराई है।
नाथनगर में घरों में कैद लोग, गोपालपुर तटबंध पर रिसाव
नाथनगर प्रखंड के निचले इलाकों में पिछले तीन दिनों से हालात भयावह बने हुए हैं। दर्जनों मोहल्लों और गांवों के लोग चारों तरफ से पानी से घिरे होने के कारण अपने ही घरों में कैद हैं।
उधर नवगछिया अनुमंडल में गंगा और कोसी का दबाव बना हुआ है। गोपालपुर प्रखंड के ब्रह्मोत्तर तटबंध पर दो से तीन जगहों पर अचानक पानी का रिसाव शुरू होने से हड़कंप मच गया। रिसाव का पानी प्रखंड मुख्यालय की ओर बढ़ने लगा, जिसे ग्रामीणों और विभागीय अमले ने बालू की बोरियां डालकर नियंत्रित करने की मशक्कत की।
इस्माईलपुर प्रखंड के करीब एक दर्जन गांवों में भी बाढ़ का पानी प्रवेश कर चुका है। ऊपरी इलाकों में घटाव शुरू होने के बावजूद निचले हिस्सों के लिए अगले 24 से 48 घंटे बेहद संवेदनशील बने हुए हैं।
