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ब‍िहार के बाढ़ पीड़ितों के खाते में 15 को आएगी राशि! CM सम्राट करेंगे क्लिक, भागलपुर के डेढ़ लाख परिवारों को मिलेगा लाभ

Published: Thu, 10 Sep 2026 11:46 AM (IST)

Bhagalpur Flood Relief DBT: भागलपुर में बाढ़ पीड़ितों को 15 सितंबर को ब‍िहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी एक क्लिक के ...और पढ़ें

Bhagalpur Flood Relief DBT: बाढ़ पीड़ितों को 15 को मिलेगी राहत राशि, भागलपुर के 1.47 लाख परिवारों के खाते में सीधे जाएंगे रुपये

Bhagalpur Flood Relief DBT: बाढ़ पीड़ितों को 15 को मिलेगी राहत राशि, भागलपुर के 1.47 लाख परिवारों के खाते में सीधे जाएंगे रुपये

HighLights

  1. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार 15 सितंबर को राहत राशि का भुगतान करेंगे।

  2. भागलपुर के 1.47 लाख बाढ़ प्रभावित परिवारों को सीधा लाभ मिलेगा।

  3. डीबीटी के माध्यम से बैंक खातों में सीधे राशि भेजी जाएगी।

जागरण संवाददाता, भागलपुर। Bhagalpur Flood Relief DBT: गंगा और कोसी की उफनती लहरों ने जिन परिवारों के आशियानों को डुबोकर रोजमर्रा की जिंदगी को पटरी से उतार दिया था, अब उनके जख्मों पर मरहम लगाने की तैयारी पूरी हो चुकी है। बाढ़ से भारी तबाही झेलने वाले परिवारों के बैंक खातों में सरकार की ओर से मिलने वाली आनुग्रहिक राहत राशि (जीआर) सीधे ट्रांसफर की जाएगी।

आगामी 15 सितंबर को ब‍िहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी राज्य स्तर से एक क्लिक के जरिए डीबीटी (डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर) माध्यम से भुगतान की शुरुआत कर सकते हैं। भागलपुर जिला प्रशासन ने इसे लेकर अपनी प्रशासनिक तैयारियां बेहद तेज कर दी हैं।

जिले के 14 प्रखंडों की 92 पंचायतों अंतर्गत आने वाले 376 गांवों के कुल 1,47,170 प्रभावित परिवारों का प्रारंभिक डेटाबेस तैयार कर लिया गया है। जिला आपदा प्रबंधन शाखा ने सभी संबंधित अंचलों से 12 सितंबर तक हर हाल में अंतिम व अद्यतन सूची समर्पित करने का कड़ा निर्देश दिया है। सूची तैयार करने के साथ-साथ लाभुकों के बैंक खातों, आईएफएससी कोड और पहचान से जुड़े दस्तावेजों का भी सूक्ष्म सत्यापन किया जा रहा है।

  • 15 सितंबर को मुख्यमंत्री डीबीटी (DBT) के जरिए एक क्लिक में बाढ़ प्रभावित परिवारों के बैंक खातों में भेजेंगे आनुग्रहिक राहत राशि (GR)

  • भागलपुर जिले के 14 प्रखंडों की 92 पंचायतों अंतर्गत 376 गांवों के 1,47,170 प्रभावित परिवारों का डेटाबेस तैयार

  • 12 सितंबर तक सभी अंचल अधिकारियों से मांगी गई अद्यतन सूची; बैंक खाते और आधार का सत्यापन कार्य युद्धस्तर पर जारी

  • पिछले वर्ष प्रति परिवार 7 हजार रुपये की दर से दी गई थी सहायता राशि, वास्तविक पात्रों को लाभ दिलाने पर प्रशासन का जोर

प्रशासन का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी वास्तविक और जरूरतमंद प्रभावित परिवार इस सरकारी सहायता से वंचित न रहे और किसी अपात्र का नाम सूची में न जुड़े। इसके बाद सत्यापन पूरा होते ही राहत राशि सीधे पीड़ितों के खातों में हस्तांतरित करने की प्रक्रिया को अंतिम रूप दिया जाएगा। उल्लेखनीय है कि पिछले वर्ष बाढ़ प्रभावित परिवारों को प्रति परिवार सात हजार रुपये की दर से अनुग्रह अनुदान दिया गया था।

पानी घटा पर मुश्किलात बरकरार, अब आर्थिक संबल पर नजर

जिले के कई बाढ़ग्रस्त इलाकों से गंगा का पानी अब धीरे-धीरे कम होने लगा है, लेकिन पीछे छूट गई बर्बादी ने पीड़ितों की मुश्किलें बढ़ा रखी हैं। घर-गृहस्थी के सामान, जमा पूंजी, अनाज और मवेशियों के चारे के नुकसान के बाद अब विस्थापित परिवार अपने आशियानों को दोबारा संवारने की जद्दोजहद में जुटे हैं।

ऐसे कठिन समय में प्रशासन का पूरा ध्यान कागजी औपचारिकताएं समय पर निपटाकर राहत राशि जल्द से जल्द पीड़ितों के खातों में पहुंचाने पर टिका है। आपदा के दौरान प्रशासन द्वारा राहत शिविर, सामुदायिक रसोई, नाव परिचालन और स्वास्थ्य शिविरों के जरिए फौरी मदद पहुंचाई जा रही थी, लेकिन अब आर्थिक संबल मिलने से परिवारों को गृहस्थी फिर से पटरी पर लाने में बड़ी मदद मिलेगी।

"जिले के सभी अंचल अधिकारियों से प्रभावित परिवारों की अंतिम और अपडेटेड सूची 12 सितंबर तक अनिवार्य रूप से मांगी गई है। बैंक खातों और आधार से जुड़े विवरणों के सत्यापन का काम तेजी से चल रहा है। जिला प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है कि सभी पात्र प्रभावित परिवारों को जीआर का लाभ मिले और राशि डीबीटी के माध्यम से पारदर्शी तरीके से उनके बैंक खातों में पहुंचे। इसके लिए आपदा प्रबंधन विभाग और प्रखंड व अंचल स्तर की पूरी टीम लगातार फील्ड में डटी हुई है।"

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कुंदन कुमार, एडीएम (जिला आपदा प्रबंधन), भागलपुर