भागलपुर के राघोपुर में रातभर हुई फ्लड से फाइटिंग, ड्रोन से दिखा कुछ ऐसा नजारा
भागलपुर में गंगा और कोसी के उफान से राघोपुर के जमींदारी बांध पर तेज कटाव हो रहा है, जिससे प्रशासन रातभर फ्लड फाइटिंग में जुटा है।
HighLights
गंगा-कोसी के उफान से राघोपुर बांध पर तेज कटाव।
रातभर फ्लड फाइटिंग, सांसद अजय मंडल ने की निगरानी।
ड्रोन से निगरानी, जियो बैग और बालू बोरे का उपयोग।
जागरण संवाददाता, भागलपुर। भागलपुर में गंगा और कोसी ऊफान पर है। इसके चलते राघोपुर में जमींदारी बांध पर तेज कटाव की गंभीर स्थिति पैदा हो गई है। जिसके चलते प्रशासन की टीम बाढ़ से बचाव के काम में जुटी हुई है।
गुरुवार को रातभर फ्लड फाइटिंग काम चलता रहा। इस दौरान सांसद अजय कुमार मंडल लगातार मौके पर डटे रहे। प्रशासन ने रात के समय बाढ़ से बचाव के लिए चल रहे फ्लड फाइटिंग कार्य का ड्रोन से लिया गया सीन भी सोशल मीडिया में शेयर किया है, जिसमें बालू भरे बोरे, जियो बैग और मेगा बैग के साथ फ्लड फाइटर्स देखे जा सकते हैं।
सांसद अजय मंडल ने रात आधी रात के बाद तक मौके पर रहकर बचाव कार्यों की निगरानी की। अधिकारियों के साथ कटाव की स्थिति का जायजा लिया और सुरक्षात्मक कार्यों की जानकारी ली।
कटाव से आसपास के कई घरों और कृषि योग्य जमीन को नुकसान पहुंचा है। सांसद ने संबंधित विभाग व स्थानीय प्रशासन को कटावरोधी कार्यों में तेजी लाने और संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।
बालू भरे बोरे, जियो बैग और मेगा बैग डालने का काम चौबीसों घंटे जारी रखने को कहा। उन्होंने कहा कि प्रभावित परिवारों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में आने तक वह मौके पर रहकर बचाव एवं राहत कार्यों की निगरानी करते रहेंगे।
राघोपुर तटबंध की सुरक्षा के लिए करीब एक किलोमीटर क्षेत्र में फ्लड फाइटिंग कार्य चल रहा है। तटबंध के कई संवेदनशील हिस्सों में एक साथ बचाव कार्य कराया जा रहा है। विभागीय कर्मी और मशीनें दिन-रात काम में जुटी हैं।
राघोपुर-काजीकोरैया बांध टूटने के बाद राहत कार्य
राघोपुर-काजीकोरैया बांध में क्षति बढ़ने के बाद जिला प्रशासन ने राहत और बचाव कार्य तेज कर दिया है। प्रशासन की ओर से प्रभावित क्षेत्रों में लगातार निगरानी की जा रही है। एसडीआरएफ और एनडीआरएफ की टीमें तैनात हैं। नाव, मानवबल और अन्य आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराए गए हैं।
24 अगस्त की रात राघोपुर-काजीकोरैया बांध टूटने से खरीक अंचल की राघोपुर पंचायत प्रभावित हुई। प्रभावित लोगों के लिए उसी दिन सामुदायिक रसोई शुरू की गई। अब तक 62,698 आपदा पीड़ितों को भोजन कराया जा चुका है।
राघोपुर बांध-सह-रेलवे टैगिंग बांध में तेज कटाव और अंडरमाइनिंग से पहले करीब 30 मीटर लंबाई में क्षति हुई थी। एक सितंबर की सुबह दोबारा क्षति होने के बाद अपस्ट्रीम और डाउनस्ट्रीम कटाव बढ़ गया।
इससे ब्रीच की कुल लंबाई करीब 400 मीटर तक पहुंच गई। क्षतिग्रस्त हिस्से को सुरक्षित करने के लिए 2800 मेगा जियो बैग और 1.25 लाख बालू भरे बोरे उपलब्ध हैं। दो लाख अतिरिक्त बोरे निकटवर्ती प्रमंडलों से भेजे जा रहे हैं।
बचाव कार्य में 45 ट्रैक्टर, दो पोकलेन, तीन जेसीबी, छह नाव और करीब 85 श्रमिक लगाए गए हैं। प्रशासन की ओर से प्रभावित इलाकों में राहत सामग्री और जरूरी संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित की जा रही है।
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