खेत देखने गए 5 लोग गहरे पानी में समाए! भागलपुर में मां व 3 मासूमों समेत पांच की डूबने से मौत; उजड़ गया मुकेश का संसार
Bhagalpur Flood Drowning भागलपुर के खुटाहा गांव में बाढ़ के पानी में डूबने से पांच लोगों की दर्दनाक मौत हो ...और पढ़ें
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Bhagalpur Flood Drowning: सड़क से नाले में समाए 5 लोग! भागलपुर में बाढ़ ने ली मां व 3 मासूमों समेत पांच जिंदगियां; एक ही परिवार के 4 की मौत
HighLights
भागलपुर के खुटाहा गांव में दर्दनाक डूबने की घटना।
एक ही परिवार के चार सदस्य सहित पांच की मौत।
बाढ़ के गहरे पानी में फिसलने से हुआ हादसा।
जागरण संवाददाता, भागलपुर। Bhagalpur Flood Drowningजिले में बाढ़ के पानी का फैलाव अब ग्रामीण परिवारों के लिए काल साबित हो रहा है। बाइपास थाना क्षेत्र अंतर्गत खुटाहा गांव के दहला बहियार में गुरुवार की दोपहर करीब तीन बजे एक बेहद दर्दनाक और रूह कंपाने वाला हादसा सामने आया। बहियार की तरफ खेत देखने गए पांच लोगों की पगडंडी किनारे बने बड़े नाला सरीखे गहरे डांड़ में डूबने से मौत हो गई।
मृतकों में एक ही परिवार के चार सदस्य—मां, उसके दो मासूम बेटे व एक बेटी शामिल हैं, जबकि पांचवीं मृतका पड़ोस में रहने वाले होमगार्ड जवान की 17 वर्षीय पुत्री है। इस भयावह घटना ने पूरे इलाके को स्तब्ध कर दिया है और पीड़ित परिवारों पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है।
मृतकों की पहचान खुटाहा साह टोला निवासी मुकेश साह की 35 वर्षीय पत्नी मंचो देवी, उनके दो पुत्र अभिषेक कुमार (10 वर्ष) व अक्षय कुमार (8 वर्ष), 13 वर्षीय पुत्री सोनाक्षी कुमारी तथा पड़ोसी होमगार्ड जवान कप्पो साह की 17 वर्षीय पुत्री अंशु प्रिया (12वीं की छात्रा) के रूप में हुई है।

खेत जाने वाली पगडंडी के पास था 20 फीट गहरा पानी
मृतका मंचो देवी के पति मुकेश साह ने बताया कि घर से महज 400 मीटर की दूरी पर बहियार में उनका खेत है। गंगा के बाढ़ के पानी से कोइली खुटाहा और आसपास के चौर व बहियार लबालब भरे हुए हैं। मंचो अपने बच्चों और पड़ोसी किशोरी अंशु प्रिया के साथ कम पानी वाले चिन्हित रास्ते से खेत की ओर जा रही थी। खेत में पानी कम था, लेकिन खेत जाने वाली पगडंडी से सटा बड़ा नाला (डांड़) बाढ़ के पानी से लबालब भरा था। पानी की गहराई का सही अंदाजा न होने के कारण पैर फिसलते ही सभी गहरे पानी में समाते चले गए।
बाइपास थाना क्षेत्र के खुटाहा साह टोला निवासी मुकेश साह की पत्नी मंचो देवी, दो बेटे, एक बेटी और पड़ोसी होमगार्ड की पुत्री की मौत
दहला बहियार में खेत जाने के दौरान पगडंडी से सटे 15 से 20 फीट गहरे नाला सरीखे डांड़ में फिसलकर समाए सभी पांच लोग
छोटे बेटे को डूबता देख बचाने कूदी मां, फिर मां-भाई को बचाने में उतरे अन्य बच्चे व 12वीं की छात्रा अंशु प्रिया
ग्रामीणों ने बाल पकड़कर पानी से बाहर निकाला, अस्पताल में डॉक्टरों ने घोषित किया मृत; बरारी कैंप थाने में दर्ज हुआ बयान
ग्रामीणों के बीच चर्चा के अनुसार, बहियार के किनारे पैर धोने व नहाने के दौरान मंचो देवी का छोटा बेटा गहरे पानी में चला गया। उसे छटपटाता देख मां मंचो देवी डांड़ में कूद पड़ी। मां और भाई को डूबता देख दूसरा बेटा व बेटी भी बचाने के लिए पानी में उतर गए। जब सभी डूबने लगे तो साथ गई पड़ोसी की बेटी अंशु प्रिया भी उन्हें बचाने के चक्कर में गहरे भंवर में समा गई। ग्रामीणों के मुताबिक, उस डांड़ में करीब 15 से 20 फीट गहरा पानी था।
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बाल पकड़कर निकाला बाहर, अस्पताल में घोषित हुए मृत
हादसे के बाद चीख-पुकार सुनकर आसपास के खेतों में मौजूद ग्रामीण जान जोखिम में डालकर तुरंत गहरे पानी में कूदे। ग्रामीणों ने काफी मशक्कत के बाद डूब रहे लोगों के बाल पकड़कर किसी तरह उन्हें पानी से खींचकर बाहर निकाला। हालांकि, तब तक सभी के पेट और फेफड़ों में अत्यधिक पानी भर चुका था और उनके शरीर पूरी तरह शिथिल पड़ चुके थे।
आनन-फानन में सभी को जवाहरलाल नेहरू चिकित्सा महाविद्यालय अस्पताल (मायागंज) पहुंचाया गया, जहां चिकित्सकों ने प्राथमिक जांच के बाद ही पांचों को मृत घोषित कर दिया। रात में ही सभी शवों का पोस्टमार्टम कराया गया। घटना के संबंध में मुकेश साह के बयान पर बरारी कैंप थाने में सनहा/रिपोर्ट दर्ज कर पुलिस ने अग्रतर कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।
'हमरा छोड़ी के चल गेलय...', मुकेश की चीत्कारों से कांपा अस्पताल
एक ही झटके में अपनी पत्नी, दो बेटों और लाडली बेटी को गंवा चुके मुकेश साह अस्पताल में गहरे सदमे में हैं। बदहवास मुकेश रह-रहकर अचेत हो जा रहे थे। होश में आते ही वे फफक कर रो पड़ते—"हमरो मंचो कहां चल्लो गेल, हमरो बेटी, हमरो बेटा अब हमरा छोड़ी के चल गेलय, आब हम जीवी के की करबे हो बाबू..." उनकी इन चीत्कारों ने अस्पताल में मौजूद हर शख्स की आंखें नम कर दीं। किसी तरह ग्रामीणों ने उन्हें संभालकर उनके फर्दबयान पर दस्तखत कराए।
अस्पताल पहुंचे खुटाहा पंचायत के मुखिया देवेंद्र कुमार ने पीड़ित परिजनों को ढाढ़स बंधाते हुए कहा कि यह कोई सामान्य हादसा नहीं, बल्कि दो परिवारों पर टूटा असहनीय दुख का पहाड़ है। उन्होंने जिला प्रशासन से मांग की कि बाढ़ग्रस्त जलजमाव वाले रास्तों पर सुरक्षा चेतावनी बोर्ड लगाए जाएं और दोनों पीड़ित परिवारों को आपदा प्रबंधन विभाग से मिलने वाली सरकारी सहायता व मुआवजा अविलंब मुहैया कराया जाए।
